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क्राइम ब्रांच, इंटेलीजेंस, एसटीएफ और एटीएस की टीमों ने की पूछताछ
बरेली
Updated Mon, 11 Jan 2016 01:58 AM IST
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रिठौरा/हाफिजगंज (बरेली)। त्रिशूल एयरबेस से पास रिठौरा कस्बे में कश्मीर के दो युवकों को पकड़े जाने के मामले में पुलिस अब कॉल डिटेल खंगालने में जुटी है। रविवार को क्राइम ब्रांच, इंटेलीजेंस, एसटीएफ और एटीएस की टीमों ने दोनों से पुलिस लाइंस में पूछताछ की। हालांकि अब तक की छानबीन में कोई संदिग्ध मामला सामने नहीं आया है।
जम्मू-कश्मीर के पुंछ के मोरहा (सूरनकोट) निवासी मोहब्बत हुसैन पुत्र असलम और जफर इकबाल पुत्र बरकत हुसैन को पुलिस ने शनिवार को रिठौरा से पकड़ा था। उनका कहना था कि वे मदरसे के लिए इमदाद मांगने के लिए यहां आए हैं। वे 22 दिसंबर को जम्मूूतवी ट्रेन से चले और 24 दिसंबर को मुरादाबाद पहुंचे थे। वहां एक मस्जिद में रुके। मोहब्बत हुसैन ने छह जनवरी को बिलारी के सुनील गुप्ता के ग्राहक सेवा केंद्र से 11 हजार रुपये अपनी मां शमीम अख्तर के बैंक खाते में डाले थे। उन्होंने बरेली आने से पहले मुरादाबाद से बिना आईडी के एक सिम भी खरीदा है। यह सिम इनके साथ आए तीसरे युवक जाकिर ने अपने परिचित के जरिए दिलाया था। एसपी देहात बृजेश श्रीवास्तव ने बताया कि कश्मीर पुलिस से संपर्क कर इनके पतों की तस्दीक कर ली गई है, इनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं पाया गया है लेकिन इनके इरादे पर संदेह कायम रखते हुए अभी काल डिटेल खंगाली जा रही है। सोमवार को सीडीआर आने के बाद कोई फैसला लिया जाएगा।
खुफिया निगाह में है त्रिशूल एयरबेस
20 साल पहले हुई थी नक्शा भेजने की कोशिश
रिठौरा (बरेली)। पठानकोट में आतंकी हमले के बाद से ही त्रिशूल एयरबेस खुफिया नजरों में हैं। अब रिठौरा में दो कश्मीरी युवकों के पकड़े जाने से खुफिया एजेंसियां और सतर्क हो गई हैं। दरअसल 20 साल पहले भी हवाई अड्डे का नक्शा बनाकर सीमा पार भेजने की कोशिश की गई थी। नक्शा भेजने वाला आरोपी अब भी जेल से बाहर है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर उसकी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
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त्रिशूल एयरबेस से रिठौरा कस्बा सिर्फ चार किलोमीटर दूर है। 20 साल पहले एयरबेस के नक्शा आदि जुटाकर पाकिस्तान भेज दिया गया था। हालांकि पुलिस ने डाकखाना से रवानगी से पहले ही उसे बरामद कर लिया था। इसमें इज्जतनगर पुलिस ने रिठौरा के एक व्यक्ति को इंडियन आफीशियल क्रिमनल एक्ट के तहत जेल भेजा था। हालांकि बाद में वह रिहा हो गया था। बीस साल से यह मुकदमा विचाराधीन है। इस मुकदमे के कई गवाह मर चुके हैं। सीओ धर्म सिंह मार्छाल ने बताया कि त्रिशूल एयरबेस की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है। संदिग्ध लोगों के त्रिशूल एयरबेस के आसपास घूमने पर उनसे पूछताछ कर सत्यापन कराया जाएगा।
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जम्मू-कश्मीर के पुंछ के मोरहा (सूरनकोट) निवासी मोहब्बत हुसैन पुत्र असलम और जफर इकबाल पुत्र बरकत हुसैन को पुलिस ने शनिवार को रिठौरा से पकड़ा था। उनका कहना था कि वे मदरसे के लिए इमदाद मांगने के लिए यहां आए हैं। वे 22 दिसंबर को जम्मूूतवी ट्रेन से चले और 24 दिसंबर को मुरादाबाद पहुंचे थे। वहां एक मस्जिद में रुके। मोहब्बत हुसैन ने छह जनवरी को बिलारी के सुनील गुप्ता के ग्राहक सेवा केंद्र से 11 हजार रुपये अपनी मां शमीम अख्तर के बैंक खाते में डाले थे। उन्होंने बरेली आने से पहले मुरादाबाद से बिना आईडी के एक सिम भी खरीदा है। यह सिम इनके साथ आए तीसरे युवक जाकिर ने अपने परिचित के जरिए दिलाया था। एसपी देहात बृजेश श्रीवास्तव ने बताया कि कश्मीर पुलिस से संपर्क कर इनके पतों की तस्दीक कर ली गई है, इनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं पाया गया है लेकिन इनके इरादे पर संदेह कायम रखते हुए अभी काल डिटेल खंगाली जा रही है। सोमवार को सीडीआर आने के बाद कोई फैसला लिया जाएगा।
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खुफिया निगाह में है त्रिशूल एयरबेस
20 साल पहले हुई थी नक्शा भेजने की कोशिश
रिठौरा (बरेली)। पठानकोट में आतंकी हमले के बाद से ही त्रिशूल एयरबेस खुफिया नजरों में हैं। अब रिठौरा में दो कश्मीरी युवकों के पकड़े जाने से खुफिया एजेंसियां और सतर्क हो गई हैं। दरअसल 20 साल पहले भी हवाई अड्डे का नक्शा बनाकर सीमा पार भेजने की कोशिश की गई थी। नक्शा भेजने वाला आरोपी अब भी जेल से बाहर है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर उसकी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
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त्रिशूल एयरबेस से रिठौरा कस्बा सिर्फ चार किलोमीटर दूर है। 20 साल पहले एयरबेस के नक्शा आदि जुटाकर पाकिस्तान भेज दिया गया था। हालांकि पुलिस ने डाकखाना से रवानगी से पहले ही उसे बरामद कर लिया था। इसमें इज्जतनगर पुलिस ने रिठौरा के एक व्यक्ति को इंडियन आफीशियल क्रिमनल एक्ट के तहत जेल भेजा था। हालांकि बाद में वह रिहा हो गया था। बीस साल से यह मुकदमा विचाराधीन है। इस मुकदमे के कई गवाह मर चुके हैं। सीओ धर्म सिंह मार्छाल ने बताया कि त्रिशूल एयरबेस की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है। संदिग्ध लोगों के त्रिशूल एयरबेस के आसपास घूमने पर उनसे पूछताछ कर सत्यापन कराया जाएगा।