फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   children! Drink wine and sell sachets

बच्चो! शराब पियो और पाउच बेचो

Fri, 01 Apr 2016 01:09 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली Updated Fri, 01 Apr 2016 01:09 AM IST
विज्ञापन
children! Drink wine and sell sachets
पी‌ड़‌ित छात्र
ग्रामीण इलाकों में शराब तस्करों को न पुलिस का डर है न मानवता की चिंता। डरूआपुर गांव में एक शराब तस्कर थोड़े से रुपये के लिए मासूमों की जान से खेल रहा है। पहले बच्चों को शराब पिलाई फिर तस्करी के लिए भेज दिया। बुधवार रात तीन बच्चे नशे में तालाब किनारे बेहोश पड़े मिले। परिवार वालों ने इसकी शिकायत की तो शराब तस्कर ने उनके घर पर हमला कर दिया। तहरीर देने के बाद भी पुलिस ने न तो रिपोर्ट लिखी न ही आरोपी को पकड़ा।
विज्ञापन

गांव की लीलावती, मीना और रामवती बृहस्पतिवार को थाने पहुंचीं। उन्होंने बताया कि पति की मौत के बाद वह जैसे-तैसे परिवार का पालन कर रही हैं। गांव का राजपाल चौधरी शराब बेचता है। गरीब घरों के बच्चों को पांच-दस रुपये देकर उसने अपने काम में शामिल कर रखा है। तीनों ने बताया कि 12 साल के दिलीप, 10 साल के संजय और 13 वर्षीय टिंकू बुधवार शाम से गायब थे। देर रात तक घर न पहुंचने पर तलाश की गई तो तीनों गांव के पास तालाब किनारे शराब के नशे में बेहोश मिले। उन्हें घर लाया गया। बृहस्पतिवार सुबह तीनों ने बताया कि राजपाल उन्हें बुलाकर ले गया था। उनसे शराब बिकवाई फिर जबरन पीने को भी कहा। घर वाले इसकी शिकायत लेकर राजपाल के घर गए तो आरोप है कि उसने अपने साथियों के साथ बच्चों के घर हमला कर दिया। टिंकू के हाथ में चोट आई है। इसके बाद घर वाले शिकायत लेकर कोतवाली पहुंच गए। वहां तहरीर देने के बाद भी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की।। कोतवाल बृजराज सिंह ने बताया कि जांच की जा रही है। हमने अवैध शराब के खिलाफ  अभियान छेड़ रखा है। किसी को बख्शा नहीं जाएगा। 
विज्ञापन


10 रुपये का दिया जाता है लालच
संजू ने इस साल पांचवीं और दिलीप ने चौथी की परीक्षा दी है। दोनों ने बताया कि काफी समय से उनसे शराब बिकवाई जा रही है। पुलिस से बचने के लिए वह बच्चों को इस्तेमाल करता है। जो ग्राहक आता है उसे खुद शराब नहीं देता। वह दूर बैठ जाता है। शक न हो इसलिए बच्चों के हाथ पाउच भेज दिए जाते हैं। इसके बदले कभी दस रुपये तो कभी कुरकुरे या चॉकलेट दे दिए जाते हैं। बुधवार शाम उसने जबरन शराब पिला दी। नशे में होने के कारण वह घर का रास्ता भूल गए। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed