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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   BJP leaders swooped down at Kant police station,

भाजपा नेताओं ने घेरा कैंट थाना, एसओ से नोकझोंक

Wed, 13 Sep 2017 02:09 AM IST
बरेली।
बरेली। Updated Wed, 13 Sep 2017 02:09 AM IST
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 कैंट क्षेत्र की श्रुति सहकारी समिति में दुकानों पर कब्जे को लेकर सोमवार शाम हिस्ट्रीशीटर पाताराम और रिटायर फौजी ग्रुप में हुई फायरिंग के मामले में दूसरे दिन कैंट थाने में खासा हंगामा हुआ। फौजी और उनके साथियों पर भी जानलेवा हमले की रिपोर्ट लिखे जाने से नाराज भाजपा नेताओं ने थाने पहुंचकर एसओ का घेराव कर लिया। उनसे तीखी तकरार के बाद सीओ फर्स्ट मामला मैनेज करने थाने पहुंचे और भाजपाइयों को समझाकर वापस भेज दिया। इधर, पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर पाताराम को गिरफ्तार कर लिया है।
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भाजपा महानगर अध्यक्ष उमेश कठेरिया, यतिन भाटिया और देवेंद्र जोशी समेत कई पदाधिकारी मंगलवार दोपहर थाने पहुंचे। वहां थाने का प्रभार देख रहे विजयपाल सिंह से उन्होंने नाराजगी जताई कि फौजी पक्ष के घर पर फायरिंग की गई, वही लोग घायल हुए और उन्हीं के खिलाफ समान धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करके एकतरफा मामले को क्रास केस बनाने की कोशिश की जा रही है। आरोप था कि पुलिस ने पाताराम पक्ष से मोटी रकम लेकर क्रास रिपोर्ट लिखी है। इस पर एसओ उखड़ गए। उन्होंने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि कोर्ट के फैसले से पहले पंचायत कर झगड़ा करने की जरूरत क्या थी? गलती दोनों पक्षों की है, इसलिए दोनों की तहरीर के मुताबिक रिपोर्ट लिखकर कार्रवाई करेंगे।
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तकरार की सूचना पर सीओ फर्स्ट कुलदीप कुमार थाने पहुंचे और सभी की बात सुनी। पहले कहा कि क्रास रिपोर्ट नहीं लिखी जाएगी। फिर कहा कि अगर रिपोर्ट लिख भी जाती है तो उसमें जांच के मुताबिक धाराएं बदलने और निरस्त करने का अधिकार विवेचक को होता है। परेशान न हों, किसी निर्दोष पर कार्रवाई नहीं होगी। 
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पाताराम पहुंचा थाने, खुद को बताया बेगुनाह
घटना के बाद पाताराम खुद थाने पहुंच गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पाताराम ने बताया कि विधान सभा चुनाव के नतीजे के पंद्रह दिन बाद से वह जमानत पर है। इतने दिन में उसने कोई झगड़ा नहीं किया। उसका खनन का नंबर एक का काम चल रहा है, फिर भला वह गलत काम क्यों करता। बताया, इकरार ने उसे फोन करके दुकानों के विवाद का हल निकालने को बुलाया था। विष्णु और फौजी ओमप्रकाश भी वहीं थे। सभी ने साथ बैठकर शराब पी। फौजी ने उससे अभद्रता कर दी तो बात बढ़ गई। कहासुनी के बाद फौजी ग्रुप ने फायरिंग कर दी। 


पंप से मिले लूटे गए असलहे, पिस्टल गायब
फौजी पक्ष ने लाइसेंसी पिस्टल, राइफल और डबल बैरल बंदूक लूट ले जाने का आरोप पाताराम पर लगाया। इस बीच पुलिस ने घटनास्थल के पास स्थित पेट्रोल पंप से क्षतिग्रस्त राइफल और बंदूक बरामद कर ली। पंप स्टाफ ने खुद ये हथियार पुलिस को दिए। पता लगा कि पाताराम खुद लूट के आरोप से बचने के लिए ये हथियार सीसीटीवी कैमरे की लोकेशन में पंप पर देकर आया था। स्टाफ से कह आया था कि इन्हें पुलिस को दे देना। 
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