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बीसल साल में बाइज्जत बरी हुए बीडीओ
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Tue, 14 Jun 2016 01:33 AM IST
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विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण) संजीव फौजदार ने विकास खंड मीरगंज के 1996 में तैनात खंड विकास अधिकारी प्रशांत कुमार श्रीवास्तव, ग्राम पंचायत अधिकारी ब्लाक फतेहगंज पश्चिमी और ग्राम प्रधान खिरका हरीश कुमार, ग्राम प्रधान ठिरिया खेतल रामभरोसे लाल, दियोली जवाहर लाल की सलोचना देवी, लाड़पुर के हेमशंकर प्रधान को इंद्रा आवास एवं निर्बल वर्ग आवास योजना में प्रति लाभार्थी दो हजार रुपये अवैध रूप से लेने के लगे आरोप से बरी कर दिया है।
न्यायाधीश ने आदेश में लिखा है कि किसी भी साक्षी ने रिश्वत लेने के आरोप की पुष्टि नहीं की। विवेचनाधिकारी ने लोक सेवक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 19 में लोक अभियोजक के विरुद्ध अभियोग चलाने की पूर्व स्वीकृति होना आवश्यक है। इसे प्राप्त करने में चूक की है जो अभियोजन कथानक के लिए घातक सिद्ध होता है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता चंद्रशेखर ने बताया कि वर्ष 1996 में तत्कालीन डीएम डॉ.सूर्य प्रताप सिंह के निर्देश पर इन लोगों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कराया गया था।
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न्यायाधीश ने आदेश में लिखा है कि किसी भी साक्षी ने रिश्वत लेने के आरोप की पुष्टि नहीं की। विवेचनाधिकारी ने लोक सेवक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 19 में लोक अभियोजक के विरुद्ध अभियोग चलाने की पूर्व स्वीकृति होना आवश्यक है। इसे प्राप्त करने में चूक की है जो अभियोजन कथानक के लिए घातक सिद्ध होता है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता चंद्रशेखर ने बताया कि वर्ष 1996 में तत्कालीन डीएम डॉ.सूर्य प्रताप सिंह के निर्देश पर इन लोगों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कराया गया था।
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