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इसहाक को मिल रही जान से मारने की धमकी
बरेली।
Updated Wed, 08 Feb 2017 01:06 AM IST
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Audi and four deaths in auto collision case
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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ऑडी और ऑटो रिक्शा में टक्कर से चार मौतें होने के मामले में फर्जी लाइसेंस से कोर्ट में हाजिर होने वाला इम्तियाज अभी तक पुलिस के हाथ नहीं लग पाया है। उधर मंगलवार को इसहाक ने एसपी क्राइम से मिलकर सफदरजंग मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर मनीष रावत और इम्तियाज पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाकर दोनों के खिलाफ मुकदमा लिखकर कार्रवाई करने और जान माल की सुरक्षा की मांग की है। इसहाक का आरोप है कि उसे मुंह खोलने पर जान से मारने की धमकियां दी जा रहीं हैं। एसपी क्राइम ने सीओ नवाबगंज को मामले की जांच करके कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया है।
एसएसपी को संबोधित पत्र में इसहाक ने कहा है कि थाना हाफिजगंज के ग्राम लभेड़ा गांव का मूल निवासी है। कुछ समय पूर्व वह पीर बहोड़ा में शबनम के मकान में किराए पर रहता था। इसी मकान में सैयद इम्तियाज कादरी भी किराए पर रह रहा था। इम्तियाज मूल रूप से मुंबई का रहने वाला है और उसकी पत्नी के मामू शाहिद रजा का दोस्त है। इसकी वजह से इम्तियाज का उसके कमरे और गांव आना-जाना था। एक दिन इम्तियाज उसके कमरे में आया और कहने लगा कि मैं कुछ कागजों की फोटो स्टेट कराने जा रहा हूं। तुम्हें किसी कागज के फोटो स्टेट कराना हो तो दे दो। उसने अपने ड्राइविंग लाइसेंस का फोटो स्टेट कराने के लिए इम्तियाज को दे दिया। फोटो काफी कराने के बाद इम्तियाज ने उसका ड्राइविंग लाइसेंस लौटा दिया। इसी दौरान इम्तियाज ने उसके ड्राइविंग लाइसेंस को अपने पास रख लिया। इसहाक ने बताया कि वह पेशे से ट्रक, कैंटर, आदि चलाकर अपना परिवार चलाता है। वह 27 जनवरी को गुजरात(अहमदाबाद) के अफजाल का कैंटर पर था। उसी दिन कैंटर में माल लादकर वह गुजरात से गोवाहाट, गैर तल्ला(असम) में माल उतारने गया था। 28 जनवरी को दोपहर एक बजे अहमदाबाद के रिंग रोड टोल प्लाजा पर उसने टोल टैक्स दिया। वहां बतौर ड्राइवर उसका फोटो भी खींचा गया। उसके टोल की रसीद उसकी वहां मौजूदगी की गवाह है। इसहाक ने बताया कि उसे पता लगा कि उसे पता लगा कि इसी बीच किसी डॉक्टर मनीष रावत की ऑडी कार से गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके की हिंडन नहर रोड पर एक्सीडेंट हुआ है। इस दौरान चार लोगों की मौत हुई है। हादसे में उसके नाम से इम्तियाज ने उसके ड्राइविंग लाइसेंस की फोटो काफी पर अपना फोटो लगाकर कोर्ट में सरेंडर करके जमानत करा दी है। उसका कहना है कि इम्तियाज ने कोर्ट को धोखाधड़ी करके गुमराह किया है। मुंह खोलने पर उसे जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। उसकी जान माल को भी खतरा बना हुआ है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि धोखाधड़ी करके की गई फर्जी कार्रवाई में इम्तियाज के अलावा डॉक्टर मनीष रावत और अन्य लोगों का पूरा सहयोग रहा है। यह जघन्य अपराध है, ऐसे में इन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर कानूनी कार्रवाई की जाए।
-इसहाक उनसे मिला था। उसकी शिकायत है कि छह महीने पहले उसके ड्राइविंग लाइसेंस की फोटो काफी चोरी करके धोखाधड़ी की गई है। उन्होंने मामले की जांच सीओ नवाबगंज को सौंपकर एक सप्ताह में कार्रवाई कराने को कहा है। जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों पर कार्रवाई होगी-मार्तण्य प्रकाश सिंह, एसपी क्राइम
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मनीष रावत से भी पूछताछ करेगी पुलिस
थाने आकर खुद को बेगुनाह बताने वाले ऑडी मालिक से भी इंदिरापुरम पुलिस पूछताछ करेगी। जांच अधिकारी सनत कुमार मिश्रा ने बताया कि इशहाक ने बरेली में जो शिकायत दी है, उसमें उसने डीएल के फर्जीवाड़े के मामले में असिस्टेंट प्रोफेसर मनीष रावत पर भी शक जताया है। ऐसे में पुलिस मनीष से पूछताछ करेगी कि उन्होंने सिर्फ फोटोकॉपी देखकर कैसे इशहाक को नौकरी पर रख लिया। उधर, इशहाक की शिकायत की जांच कर रहे सीओ नवाबगंज भी गाजियाबाद आकर मनीष रावत से पूछताछ कर सकते हैं।
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एसएसपी को संबोधित पत्र में इसहाक ने कहा है कि थाना हाफिजगंज के ग्राम लभेड़ा गांव का मूल निवासी है। कुछ समय पूर्व वह पीर बहोड़ा में शबनम के मकान में किराए पर रहता था। इसी मकान में सैयद इम्तियाज कादरी भी किराए पर रह रहा था। इम्तियाज मूल रूप से मुंबई का रहने वाला है और उसकी पत्नी के मामू शाहिद रजा का दोस्त है। इसकी वजह से इम्तियाज का उसके कमरे और गांव आना-जाना था। एक दिन इम्तियाज उसके कमरे में आया और कहने लगा कि मैं कुछ कागजों की फोटो स्टेट कराने जा रहा हूं। तुम्हें किसी कागज के फोटो स्टेट कराना हो तो दे दो। उसने अपने ड्राइविंग लाइसेंस का फोटो स्टेट कराने के लिए इम्तियाज को दे दिया। फोटो काफी कराने के बाद इम्तियाज ने उसका ड्राइविंग लाइसेंस लौटा दिया। इसी दौरान इम्तियाज ने उसके ड्राइविंग लाइसेंस को अपने पास रख लिया। इसहाक ने बताया कि वह पेशे से ट्रक, कैंटर, आदि चलाकर अपना परिवार चलाता है। वह 27 जनवरी को गुजरात(अहमदाबाद) के अफजाल का कैंटर पर था। उसी दिन कैंटर में माल लादकर वह गुजरात से गोवाहाट, गैर तल्ला(असम) में माल उतारने गया था। 28 जनवरी को दोपहर एक बजे अहमदाबाद के रिंग रोड टोल प्लाजा पर उसने टोल टैक्स दिया। वहां बतौर ड्राइवर उसका फोटो भी खींचा गया। उसके टोल की रसीद उसकी वहां मौजूदगी की गवाह है। इसहाक ने बताया कि उसे पता लगा कि उसे पता लगा कि इसी बीच किसी डॉक्टर मनीष रावत की ऑडी कार से गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके की हिंडन नहर रोड पर एक्सीडेंट हुआ है। इस दौरान चार लोगों की मौत हुई है। हादसे में उसके नाम से इम्तियाज ने उसके ड्राइविंग लाइसेंस की फोटो काफी पर अपना फोटो लगाकर कोर्ट में सरेंडर करके जमानत करा दी है। उसका कहना है कि इम्तियाज ने कोर्ट को धोखाधड़ी करके गुमराह किया है। मुंह खोलने पर उसे जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। उसकी जान माल को भी खतरा बना हुआ है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि धोखाधड़ी करके की गई फर्जी कार्रवाई में इम्तियाज के अलावा डॉक्टर मनीष रावत और अन्य लोगों का पूरा सहयोग रहा है। यह जघन्य अपराध है, ऐसे में इन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर कानूनी कार्रवाई की जाए।
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-इसहाक उनसे मिला था। उसकी शिकायत है कि छह महीने पहले उसके ड्राइविंग लाइसेंस की फोटो काफी चोरी करके धोखाधड़ी की गई है। उन्होंने मामले की जांच सीओ नवाबगंज को सौंपकर एक सप्ताह में कार्रवाई कराने को कहा है। जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों पर कार्रवाई होगी-मार्तण्य प्रकाश सिंह, एसपी क्राइम
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मनीष रावत से भी पूछताछ करेगी पुलिस
थाने आकर खुद को बेगुनाह बताने वाले ऑडी मालिक से भी इंदिरापुरम पुलिस पूछताछ करेगी। जांच अधिकारी सनत कुमार मिश्रा ने बताया कि इशहाक ने बरेली में जो शिकायत दी है, उसमें उसने डीएल के फर्जीवाड़े के मामले में असिस्टेंट प्रोफेसर मनीष रावत पर भी शक जताया है। ऐसे में पुलिस मनीष से पूछताछ करेगी कि उन्होंने सिर्फ फोटोकॉपी देखकर कैसे इशहाक को नौकरी पर रख लिया। उधर, इशहाक की शिकायत की जांच कर रहे सीओ नवाबगंज भी गाजियाबाद आकर मनीष रावत से पूछताछ कर सकते हैं।