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बेटी पैदा होने पर एक और तलाक
बरेली।
Updated Wed, 05 Apr 2017 01:32 AM IST
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Another divorce on the birth of a daughter
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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बेटियां पैदा होने पर तलाक के दो मामले सुर्खियों में देखकर मंगलवार को गुलाब नगर की रेशमा बी भी न्याय मांगने निकल पड़ी। वह आईजी से मिलने के लिए उनके दफ्तर तक गई लेकिन मुलाकात नहीं हो पाई। उसका आरोप है कि उसका पति ताहिर बेटी पैदा होने से नाराज था। इस बीच उसने देवर की बुरी नीयत की बात भी अपने पति को बता दी तो उसने तलाक..तलाक..तलाक कहकर रिश्ता ही तोड़ लिया। आरोप है कि पति ने बेटी का इलाज भी नहीं कराया जिससे उसने दम तोड़ दिया।
थाना किला के मोहल्ला गुलाबनगर निवासी रेशमा बी की शादी सुर्खा के रहने वाले मोहम्मद ताहिर से 27 सितंबर 2015 को हुई थी। ताहिर और उसके परिवार वाले उस पर एक लाख रुपये घर से लाने को दबाव बना रहे थे। इस बीच रेशमा ने 6 नवंबर 2016 को अस्पताल में बेटी को जन्म दिया। बेटी पैदा होते ही पति और ससुराल वाले बेहद खफा हो गए। कहने लगे, बेटा हो जाता तो हम तुझे अपने पास रख लेते। बेटी पैदा करके तूने अच्छा नहीं किया। अस्पताल में ही उस पर जुल्म शुरू कर दिए।
ताहिर ने उसकी मासूम बेटी आरिफा का इलाज तक नहीं कराया, जिससे 17 दिसंबर 2016 को उसकी मौत हो गई। घर में आकर उसके साथ मारपीट भी की गई। रात को वह कमरे में अकेली सोई हुई थी। तभी देवर ने आकर उसके साथ अश्लील हरकतें करनी शुरू कर दीं। उसने पति और ससुराल वालों से शिकायत की तो सभी ने मारपीट करके घर से बाहर कर दिया। पीड़िता ने घटना के अगले ही दिन थाने जाकर आरोपियों की शिकायत करके मुकदमा दर्ज कराने को तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। तहरीर का पता लगने पर ससुराल वालों ने उसे वापस लेने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। पांच जनवरी को ताहिर ने तलाक..तलाक..तलाक कहकर रिश्ता तोड़ लिया।
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पत्नी पर ही लगाया बेटी मारने का आरोप
ताहिर ने रेशमा को तलाक का जो नोटिस भेजा, उसमें कहा है कि शादी में मेहर 21,786 रुपये के शरीयत के मुताबिक बिना किसी दहेज की मांग के हुआ था। शादी के बाद रेशमा ने उसके संपर्क में रहने के दौरान एक बेटी को जन्म दिया, लेकिन वह उसकी सही से देखभाल नहीं कर पाई। इसकी वजह से उसकी बेटी की मौत हो गई। इसके बाद रेशमा मायके में जाकर रुक गई। इसके बाद रेशमा उससे तलाक मांगने लगी। बुलाने के बावजूद वह नहीं आई। इसलिए 5 जनवरी की शाम को शेरा पुत्र मोहम्मद, सरोज रजा पुत्र तसलीम को गवाह बनाकर तलाक दे दिया।
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थाना किला के मोहल्ला गुलाबनगर निवासी रेशमा बी की शादी सुर्खा के रहने वाले मोहम्मद ताहिर से 27 सितंबर 2015 को हुई थी। ताहिर और उसके परिवार वाले उस पर एक लाख रुपये घर से लाने को दबाव बना रहे थे। इस बीच रेशमा ने 6 नवंबर 2016 को अस्पताल में बेटी को जन्म दिया। बेटी पैदा होते ही पति और ससुराल वाले बेहद खफा हो गए। कहने लगे, बेटा हो जाता तो हम तुझे अपने पास रख लेते। बेटी पैदा करके तूने अच्छा नहीं किया। अस्पताल में ही उस पर जुल्म शुरू कर दिए।
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ताहिर ने उसकी मासूम बेटी आरिफा का इलाज तक नहीं कराया, जिससे 17 दिसंबर 2016 को उसकी मौत हो गई। घर में आकर उसके साथ मारपीट भी की गई। रात को वह कमरे में अकेली सोई हुई थी। तभी देवर ने आकर उसके साथ अश्लील हरकतें करनी शुरू कर दीं। उसने पति और ससुराल वालों से शिकायत की तो सभी ने मारपीट करके घर से बाहर कर दिया। पीड़िता ने घटना के अगले ही दिन थाने जाकर आरोपियों की शिकायत करके मुकदमा दर्ज कराने को तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। तहरीर का पता लगने पर ससुराल वालों ने उसे वापस लेने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। पांच जनवरी को ताहिर ने तलाक..तलाक..तलाक कहकर रिश्ता तोड़ लिया।
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पत्नी पर ही लगाया बेटी मारने का आरोप
ताहिर ने रेशमा को तलाक का जो नोटिस भेजा, उसमें कहा है कि शादी में मेहर 21,786 रुपये के शरीयत के मुताबिक बिना किसी दहेज की मांग के हुआ था। शादी के बाद रेशमा ने उसके संपर्क में रहने के दौरान एक बेटी को जन्म दिया, लेकिन वह उसकी सही से देखभाल नहीं कर पाई। इसकी वजह से उसकी बेटी की मौत हो गई। इसके बाद रेशमा मायके में जाकर रुक गई। इसके बाद रेशमा उससे तलाक मांगने लगी। बुलाने के बावजूद वह नहीं आई। इसलिए 5 जनवरी की शाम को शेरा पुत्र मोहम्मद, सरोज रजा पुत्र तसलीम को गवाह बनाकर तलाक दे दिया।