फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Alert in paper

कागजों में अलर्ट, बरेली तो कहीं नहीं दिखा सतर्क

Thu, 09 Mar 2017 01:10 AM IST
बरेली।  
बरेली।   Updated Thu, 09 Mar 2017 01:10 AM IST
विज्ञापन
Alert in paper
Alert in paper - फोटो : बरेली, अमर उजाला
लखनऊ में आतंकी के मारे जाने के बाद यूपी के अति संवेदनशील जिलों में शुमार बरेली में कोई सतर्कता नजर नहीं आई। रेलवे जंक्शन से लेकर रोडवेज बस अड्डा, सेटेलाइट बस स्टेशन और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर कहीं सुरक्षा के इंतजाम नहीं थे। इसके बाद से त्रिशूल एयरबेस की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अमर उजाला की टीम हे अलर्ट की पोल खुल गई। 
विज्ञापन

दोपहर एक बजे, रेलवे जंक्शन: यहां रोजाना की तरह रेलवे जंक्शन के सरकुलेटिंग इलाके में करीब ढाई सौ ऑटो रिक्शा और टेंपो खड़े थे। इनमें से कई ऑटो रिक्शा में बैठकर युवक जुआ खेल रहे थे। ट्रेन से सफर करने वालों को जान जोखिम में डालकर प्लेटफार्म नंबर एक तक पहुंचना पड़ रहा था। यहां ऑटो रिक्शा वाले इस तरह आपाधापी कर रहे थे कि एक बच्चे को चोट लगने से बच गई। उसकी मां सतर्क नहीं होती तो बच्चे को ऑटो रिक्शा वाले ने टक्कर मार दी देता। यहां से आगे बढ़ने के बाद प्लेटफार्म नंबर एक जाने वाले मुख्य गेट पर मेंटल डिटेक्टर लगा था, लेकिन यह शोपीस बना हुआ था। उससे निकलकर कोई जा ही नहीं रहा था। उसके आसपास होकर लोग प्लेटफार्म पर आ-जा रहे थे। मेंटल डिटेक्टर से एक-दो लोग निकले भी, लेकिन उसमें से किसी तरह की आवाज नहीं हुई, जबकि सही होने पर मेंटल डिटेक्टर बीप करता है। आगे बढ़कर पार्सल की तरफ देखा तो वहां से लोगों का बेरोक-टोक आना-जाना था। यही हाल आरक्षण केंद्र के पास से खुली जगह का था। यहां से होकर भी लोग प्लेटफार्म के बाहर आ रहे थे। यहां के बाद आरपीएफ कें द्र में जाकर देखा तो वहां एक उप निरीक्षक आराम से कुर्सी पर बैठे थे। उन्हें न तो अपने कमांडर का नंबर पता था और न ही जंक्शन की चिंता। कुछ जानकारी करने की कोशिश की तो कहने लगे मुझे कुछ नहीं मालूम। जीआरपी इंस्पेक्टर सुनील दत्त भी अपने कार्यालय में नहीं मिले। उनके कक्ष के बरामद में एक उप निरीक्षक बैठे थे। उनके जानकारी की तो कहने लगे इंस्पेक्टर कहीं बाहर निकले हुए हैं। इस तरह आरपीएफ और जीआरपी को प्लेटफार्मों की कोई चिंता नहीं है। बुधवार को जंक्शन पर हजारों लोग खुलेआम घूमते रहे। उनके हाथों में बैग भी थे, लेकिन कोई पूछने वाला नहीं था।
विज्ञापन

दोपहर 1.20 बजे, पुराना रोडवेज: यहां तो सुरक्षा के इंतजाम कहीं नजर नहीं आए। पुलिस के नाम पर कोई नजर नहीं आया। यहां होली की वजह से बसों में भीड़ बहुत थी। इसके बाद भी पुलिस को कोई परवाह नहीं थी, जबकि सामान्य दिनों में अक्सर यहां पुलिस कर्मी बैठे नजर आ जाते हैं। खुलेआम लोग रोडवेज बसों में सवार होकर उतर रहे थे। किसी से टोकाटाकी नहीं हो रही थी। दस मिनट बाद कोतवाली से एक होमगार्ड घूमता हुआ वहां पहुंचा। रोडवेज बस अड्डे पर तो पुलिस की पिकेट रहती है, क्या हुआ। कहने लगा कि सिपाही-दरोगा चुनाव ड्यूटी में हैं। बुधवार को चुनाव ड्यूटी खत्म होने के बाद वापस आ जाएंगे।  
विज्ञापन
विज्ञापन

दोपहर 1.30 बजे, नावल्टी चौराहा: इस चौराहे पर बहुत भीड़भाड़ थी। होली नजदीक होने की वजह से लोग बाजार आ रहे थे। इसकी वजह से भी शहर की सड़कों पर जाम है, लेकिन इस चौराहे पर कोई सिपाही नहीं था। 
दोपहर 1.40 बजे, अय्यूब खां चौराहा: इस चौराहे पर भी चौकी के बाहर एक ट्रैफिक और दूसरी सिविल पुलिस की सिपाही बैठी हुई थी। जानकारी करने पर पता लगा कि चौकी इंचार्ज विवेचना के सिलसिले में कहीं गई थीं। सुरक्षा के नाम पर यहां भी कोई खास इंतजाम नहीं थे।

दोपहर दो बजे, सेटेलाइट बस अड्डा: यहां के पुलिस बूथ में ताला लगा हुआ था। जानकारी करने पर मालूम हुआ कि कई दिन से यहां पुलिस कर्मी गायब हैं। कभी-कभार ही आते हैं। पहले बस अड्डे की तरफ फलों के ठेले लगते थे। डीएम की सख्ती के बाद सामने दूसरी तरफ ठेले लग रहे हैं। ठेलों के अलावा कुछ लोगों ने पुलिस की मिलीभगत से खोखे भी रखे हैं। यही हाल अंदर बस अड्डे का था। किसी को वहां की सुरक्षा की चिंता नहीं थी। सिपाही को छोड़ो कोई होमगार्ड भी अंदर नजर नहीं आया।  


जिले में पुलिस पूरी सतर्कता बरत रही है। बृहस्पतिवार को चुनाव ड्यूटी से लौटने के बाद सुरक्षा में फोर्स और बढ़ा दी जाएगी। एसपी इंटेलीजेंस और सीओ एलआईयू की टीम को लगा दिया है। कहीं भी स्लीपिंग मॉड्यूल सूचना मिलेगी तो कार्रवाई होगी। -जोगेंद्र कुमार, एसएसपी        
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed