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पुष्पेंद्र को अफजाल बनाने वाला असल खिलाड़ी है शमशाद
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Tue, 28 Jun 2016 01:04 AM IST
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गोकसी में गिरफ्तार अफजाल उर्फ पुष्पेंद्र प्रकरण में भुता पुलिस को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश का इंतजार है। एसओ भुता और विवेचना अधिकारी ( रिटायर दरोगा) रोशन सिंह दोनों ने सोमवार को अलग-अलग रिपोर्ट एसीजेएम सुशील कु मार को सौंप दी है। जिसमें सीधे - सीधे कार मालिक शमशाद और अफजाल के नाम से जेल भेजे गए पुष्पेंद्र को दोषी बताया है।
एसओ भुता गौरव सिंह यादव ने रिपोेर्ट में पुलिस अभिलेख का उल्लेख करते हुए कहा है कि मार्च 2016 में जिस मारुति वैन से गाय का मांस पकड़ा था। उसक ा राजेंद्र नगर निवासी मालिक शमशाद ही अफजाल को लेकर आया था। जिसने उसकी आईडी और ड्राइविंग लाइसेंस भी दिया था। उसका कहना था कि जिस दिन गोमांस पकड़ा था, उस दिन गाड़ी को यही अफजाल चला रहा था। वहीं पर अफजाल के नाम से आए इसी व्यक्ति ने अपने को अफजाल बताया था। अफजाल के नाम से जेल भेजने से पहले अस्पताल में डाक्टरी मुआयना भी कराया गया था। लेकिन उन दिनों अफजाल ने अपने को पुष्पेंद्र नहीं बताया।
फ्लैग
आईओ का खुलासा
हेडिंग
डीजे के यहां पड़ी है अफजाल के नाम से जमानत अर्जी
क्रासर
एडीजे 13 की अदालत में आज होगी सुनवाई
बरेली। विवेचना अधिकारी रहे रिटायर दरोगा रोशन सिंह ने एसीजेएम न्यायालय में अपना पक्ष रखने से पहले कोर्ट में अभिलेख देखे तो पता चला कि अफजाल के नाम से डीजे की अदालत में काफी दिनों पहले जमानत अर्जी लगी हुई है। जिसे जनपद न्यायाधीश ने सुनवाई के लिए एडीजे 13 के यहां भेज दिया है, जिस पर 28 जून (आज) सुनवाई होगी।
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पशु तस्करी और गोकसी के आरोपी अफजाल के नाम से अप्रैल के महीने में एसीजेएम के न्यायालय में जमानत अर्जी डाली गई थी। उन दिनों इस अर्जी को खारिज कर दिया था। उसके बाद मई के महीने में डीजे न्यायालय में जमानत अर्जी लगाई गई। इससे साफ है कि गाड़ी मालिक ने अफजाल के नाम से पुष्पेंद्र को जेल भेजने के साथ - साथ उसकी जमानत के भी प्रयास किए थे। क्योंकि उसकी ओर से निचली अदालत में जमानत अर्जी डाली गई और डीजे के यहां जमानत अर्जी लगाई गई। इस बीच क्या हुआ, जिसके कारण अचानक बंदी ने अपना सच उगला और जेल के माध्यम से अदालत में अपना प्रार्थना पत्र भेजा।
हेडिंग
तो बरेली में बन रहीं हैं फर्जी वोटर आईडी
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। अफजाल के नाम से पुष्पेंद्र का फोटो लगाकर वोटर आईडी बनाने के बरेली में फर्जी वोटर आईडी बनाने के खेल का खुलासा हुआ है। इस तरह फर्जी नामों से पहले भी काफी वोटर आईडी बनती रहीं होंगी, जिनको फर्जी नाम से लोगों को जेल भेजने या फिर जमानत पर रिहा कराने के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा होगा। इतना ही नहीं इन फर्जी वोटर आईडी को रजिस्ट्री कराने, ड्राइविंग लाइसेंस, सिम कार्ड, राशन कार्ड तथा अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बनवाने में भी इस्तेमाल किया जाता रहा होगा।
आईओ रोशन सिंह ने बताया कि अफजाल के नाम की वोटर आईडी अब आकर फर्जी प्रतीत हो रही है। लेकिन 19 मार्च को शमशाद जिस व्यक्ति को अफजाल के नाम से लेकर आया था, उस पर अफजाल के नाम की वोटर आईडी थी। वह वोटर आईडी किसी भी स्तर पर फर्जी प्रतीत नहीं हो रही थी। इससे स्पष्ट हो रहा है कि अन्य कामों मे भी इस तरह की आईडी बनाने वाले कोई न कोई होंगे जो कि गलत कामों में इस्तेमाल कर रहे होंगे।
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एसओ भुता गौरव सिंह यादव ने रिपोेर्ट में पुलिस अभिलेख का उल्लेख करते हुए कहा है कि मार्च 2016 में जिस मारुति वैन से गाय का मांस पकड़ा था। उसक ा राजेंद्र नगर निवासी मालिक शमशाद ही अफजाल को लेकर आया था। जिसने उसकी आईडी और ड्राइविंग लाइसेंस भी दिया था। उसका कहना था कि जिस दिन गोमांस पकड़ा था, उस दिन गाड़ी को यही अफजाल चला रहा था। वहीं पर अफजाल के नाम से आए इसी व्यक्ति ने अपने को अफजाल बताया था। अफजाल के नाम से जेल भेजने से पहले अस्पताल में डाक्टरी मुआयना भी कराया गया था। लेकिन उन दिनों अफजाल ने अपने को पुष्पेंद्र नहीं बताया।
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आईओ का खुलासा
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डीजे के यहां पड़ी है अफजाल के नाम से जमानत अर्जी
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एडीजे 13 की अदालत में आज होगी सुनवाई
बरेली। विवेचना अधिकारी रहे रिटायर दरोगा रोशन सिंह ने एसीजेएम न्यायालय में अपना पक्ष रखने से पहले कोर्ट में अभिलेख देखे तो पता चला कि अफजाल के नाम से डीजे की अदालत में काफी दिनों पहले जमानत अर्जी लगी हुई है। जिसे जनपद न्यायाधीश ने सुनवाई के लिए एडीजे 13 के यहां भेज दिया है, जिस पर 28 जून (आज) सुनवाई होगी।
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पशु तस्करी और गोकसी के आरोपी अफजाल के नाम से अप्रैल के महीने में एसीजेएम के न्यायालय में जमानत अर्जी डाली गई थी। उन दिनों इस अर्जी को खारिज कर दिया था। उसके बाद मई के महीने में डीजे न्यायालय में जमानत अर्जी लगाई गई। इससे साफ है कि गाड़ी मालिक ने अफजाल के नाम से पुष्पेंद्र को जेल भेजने के साथ - साथ उसकी जमानत के भी प्रयास किए थे। क्योंकि उसकी ओर से निचली अदालत में जमानत अर्जी डाली गई और डीजे के यहां जमानत अर्जी लगाई गई। इस बीच क्या हुआ, जिसके कारण अचानक बंदी ने अपना सच उगला और जेल के माध्यम से अदालत में अपना प्रार्थना पत्र भेजा।
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तो बरेली में बन रहीं हैं फर्जी वोटर आईडी
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। अफजाल के नाम से पुष्पेंद्र का फोटो लगाकर वोटर आईडी बनाने के बरेली में फर्जी वोटर आईडी बनाने के खेल का खुलासा हुआ है। इस तरह फर्जी नामों से पहले भी काफी वोटर आईडी बनती रहीं होंगी, जिनको फर्जी नाम से लोगों को जेल भेजने या फिर जमानत पर रिहा कराने के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा होगा। इतना ही नहीं इन फर्जी वोटर आईडी को रजिस्ट्री कराने, ड्राइविंग लाइसेंस, सिम कार्ड, राशन कार्ड तथा अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बनवाने में भी इस्तेमाल किया जाता रहा होगा।
आईओ रोशन सिंह ने बताया कि अफजाल के नाम की वोटर आईडी अब आकर फर्जी प्रतीत हो रही है। लेकिन 19 मार्च को शमशाद जिस व्यक्ति को अफजाल के नाम से लेकर आया था, उस पर अफजाल के नाम की वोटर आईडी थी। वह वोटर आईडी किसी भी स्तर पर फर्जी प्रतीत नहीं हो रही थी। इससे स्पष्ट हो रहा है कि अन्य कामों मे भी इस तरह की आईडी बनाने वाले कोई न कोई होंगे जो कि गलत कामों में इस्तेमाल कर रहे होंगे।