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रैगिंग का आरोप लगाया, छेड़छाड़ में घिर गया
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Sat, 17 Sep 2016 01:31 AM IST
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बरेली कालेज रैगिंग मामले में शुक्रवार को नया मोड़ आ गया। बीसीए फर्स्ट ईयर के छात्र की रैगिंग की शिकायत को झूठा बताते हुए बीसीए सेकेंड ईयर की एक छात्रा ने प्राचार्य और चीफ प्राक्टर से शिकायत की है कि छात्र ने उसके साथ छेड़छाड़ की, जिसका विरोध करने पर उसने सीनियर्स पर रैगिंग का झूठा आरोप लगा दिया। प्राचार्य ने रैगिंग की जांच कमेटी और कालेज के वूमेन सेल को अब मामला सौंप दिया है। अब जांच कमेटी दोनों पहलुओं पर जांच करने के बाद ही कोई निष्कर्ष निकालेगी।
बीसीए फर्स्ट ईयर के छात्र ने 12 सितंबर को चीफ प्राक्टर से अपने साथ रैगिंग की शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि चार सीनियर छात्रों ने उससे पैंट निकालने को कहा। विरोध करने पर मारपीट की। शिकायत के तीसरे दिन बुधवार को प्राचार्य ने यूजीसी के संज्ञान लेने पर एफआईआर कराई। एक आरोपी छात्र को 10 दिन के लिए निलंबित कर दिया और जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित कर दी। शुक्रवार को सुबह प्राचार्य और चीफ प्राक्टर के सामने पेश हुई बीसीए सेकेंड ईयर की एक छात्रा ने लिखित शिकायत की कि 12 सितंबर को रैगिंग का आरोप लगाने वाले छात्र ने उसके साथ छेड़छाड़ की थी। वह बीसीए विभाग में पानी पीने के लिए वाटर कूलर के पास जा रही थी, तभी रास्ते में उसने अश्लील कमेंट करने शुरू कर दिए। विरोध करने पर धमकाते हुए देख लेने की धमकी दी, जिसका उसकी क्लास के सीनियर छात्रों ने विरोध करके प्राचार्य से शिकायत करने की बात कही। इससे बौखलाकर उसने रैगिंग की झूठी शिकायत कर दी।
छात्र के भाई ने आरोप गलत बताया
रैगिंग का आरोप लगाने वाले छात्र के बड़े भाई ने छात्रा की शिकायत को झूठा बताया है। सवाल उठाते हुए कहा है कि छात्रा को शिकायत थी तो वह पांच दिन तक चुप क्यों बैठी रही। पहले ही दिन शिकायत क्यों नहीं की। उनका कहना है कि यह मामले को रफादफा करके खत्म करने की साजिश है। जबकि रैगिंग की वजह से छात्र तनाव में है। वह लगातार कालेज से एडमिशन निरस्त कराने की बात कह रहा है। खाना भी नहीं खाया है।
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कमेटी ने शुरू की जांच
शुक्रवार को जांच कमेटी ने बीसीए, बीबीए विभाग में जाकर अध्यक्ष डॉ. डीआर यादव के नेतृत्व में जांच शुरू की। रैगिंग का आरोप लगाने वाला छात्र कालेज में नहीं आया था। आरोपी भी नहीं पहुंचे थे इसलिए उनके बजाय दूसरे कुछ छात्रों से घटना के बाबत जानकारी ली गई। विभाग की हेड से भी बात की। डॉ. यादव ने बताया कि जांच जारी है। इसमें अब छात्रा की शिकायत को भी समाहित किया जाएगा।
कालेज में अब होगी कड़ाई
कालेज प्राक्टोरियल बोर्ड की बैठक भी शुक्रवार को बुलाई गई। प्राचार्य डॉ. सोमेश यादव ने बोर्ड की टीम को कालेज में व्यवस्था सुधारने के लिए कड़ाई करने के निर्देश दिए। कैंपस में वाहन आने और बाहरी लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित करने पर जोर रहा। प्राचार्य और चीफ प्राक्टर बाद में बीबीए, बीसीए के छात्रों से भी रूबरू हुए। उनको रैगिंग और अनुशासनहीनता न करने की हिदायत दी।
छात्रा की शिकायत को जांच कमेटी को सौंप दिया है। वूमेन सेल भी इस मामले को देखेगा। अब दोनों पहलू से मामले की जांच कमेटी की ओर से की जाएगी।
-डॉ. एसपी मौर्य, चीफ प्राक्टर
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बीसीए फर्स्ट ईयर के छात्र ने 12 सितंबर को चीफ प्राक्टर से अपने साथ रैगिंग की शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि चार सीनियर छात्रों ने उससे पैंट निकालने को कहा। विरोध करने पर मारपीट की। शिकायत के तीसरे दिन बुधवार को प्राचार्य ने यूजीसी के संज्ञान लेने पर एफआईआर कराई। एक आरोपी छात्र को 10 दिन के लिए निलंबित कर दिया और जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित कर दी। शुक्रवार को सुबह प्राचार्य और चीफ प्राक्टर के सामने पेश हुई बीसीए सेकेंड ईयर की एक छात्रा ने लिखित शिकायत की कि 12 सितंबर को रैगिंग का आरोप लगाने वाले छात्र ने उसके साथ छेड़छाड़ की थी। वह बीसीए विभाग में पानी पीने के लिए वाटर कूलर के पास जा रही थी, तभी रास्ते में उसने अश्लील कमेंट करने शुरू कर दिए। विरोध करने पर धमकाते हुए देख लेने की धमकी दी, जिसका उसकी क्लास के सीनियर छात्रों ने विरोध करके प्राचार्य से शिकायत करने की बात कही। इससे बौखलाकर उसने रैगिंग की झूठी शिकायत कर दी।
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छात्र के भाई ने आरोप गलत बताया
रैगिंग का आरोप लगाने वाले छात्र के बड़े भाई ने छात्रा की शिकायत को झूठा बताया है। सवाल उठाते हुए कहा है कि छात्रा को शिकायत थी तो वह पांच दिन तक चुप क्यों बैठी रही। पहले ही दिन शिकायत क्यों नहीं की। उनका कहना है कि यह मामले को रफादफा करके खत्म करने की साजिश है। जबकि रैगिंग की वजह से छात्र तनाव में है। वह लगातार कालेज से एडमिशन निरस्त कराने की बात कह रहा है। खाना भी नहीं खाया है।
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कमेटी ने शुरू की जांच
शुक्रवार को जांच कमेटी ने बीसीए, बीबीए विभाग में जाकर अध्यक्ष डॉ. डीआर यादव के नेतृत्व में जांच शुरू की। रैगिंग का आरोप लगाने वाला छात्र कालेज में नहीं आया था। आरोपी भी नहीं पहुंचे थे इसलिए उनके बजाय दूसरे कुछ छात्रों से घटना के बाबत जानकारी ली गई। विभाग की हेड से भी बात की। डॉ. यादव ने बताया कि जांच जारी है। इसमें अब छात्रा की शिकायत को भी समाहित किया जाएगा।
कालेज में अब होगी कड़ाई
कालेज प्राक्टोरियल बोर्ड की बैठक भी शुक्रवार को बुलाई गई। प्राचार्य डॉ. सोमेश यादव ने बोर्ड की टीम को कालेज में व्यवस्था सुधारने के लिए कड़ाई करने के निर्देश दिए। कैंपस में वाहन आने और बाहरी लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित करने पर जोर रहा। प्राचार्य और चीफ प्राक्टर बाद में बीबीए, बीसीए के छात्रों से भी रूबरू हुए। उनको रैगिंग और अनुशासनहीनता न करने की हिदायत दी।
छात्रा की शिकायत को जांच कमेटी को सौंप दिया है। वूमेन सेल भी इस मामले को देखेगा। अब दोनों पहलू से मामले की जांच कमेटी की ओर से की जाएगी।
-डॉ. एसपी मौर्य, चीफ प्राक्टर