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रामपुर पुलिस का खेल : रसूखदार को बचाया.. हमनाम को रेप में फंसाया
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बरेली। रसूखदारों के बचाने के लिए पुलिस हर तरह के हथकंडे अपनाती है। रामपुर के खजुरिया क्षेत्र में हुई रेप की घटना में वहां की पुलिस ने खेल कर दिया। आरोपी भट्टा मालिक के बेटे बिलाल को बचाने के लिए पुलिस ने शीशगढ़ के मजदूर बिलाल अहमद को गिरफ्तार कर लिया। पीड़ित की शिकायत पर एडीजी ने बरेली क्राइम ब्रांच को जांच सौंप दी। पीड़ित के पिता दोबारा मंगलवार को एडीजी से मिले और अपने बेटे की रिहाई कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
एडीजी जोन दफ्तर में आए शीशगढ़ के मोहल्ला गोढ़ी निवासी अतीक अहमद ने बताया कि खजुरिया थाने में एक युवक ने पिछली साल अपने पिता समेत चार लोगों के खिलाफ बहन से दुष्कर्म और देह व्यापार कराने की रिपोर्ट कराई थी। इस मामले में लड़की के पिता, भट्ठा मालिक के बेटे महरोज उर्फ बिलाल और दो अन्य को आरोपी बनाया गया था। अतीक के मुताबिक खजुरिया पुलिस ने सेटिंग करके आरोपी बिलाल की जगह उसके बेटे बिलाल अहमद को इस मामले में आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया। जबकि उनका बेटा उत्तराखंड के लालकुआं में मजदूरी करता था और खजुरिया होकर ही घर आता-जाता था। दोनों के पिता का नाम अलग है। उन्होंने संबंधित लड़की से संपर्क कर उसे अपने बेटे का फोटो दिखाया तो उसने भी पहचानने से इंकार कर दिया। इसके बावजूद खजुरिया पुलिस प्रभावशाली आरोपी को बचाने की खातिर उनके पीछे पड़ी है। दिसंबर 2018 में एडीजी ने विवेचना क्राइम ब्रांच बरेली को सौंप दी। अतीक ने मंगलवार को एडीजी को बताया कि तब से विवेचक एक बार भी मौके पर नहीं गए हैं और न ही केस में कोई कार्रवाई की है। उन्होंने एडीजी से केस दूसरे थाने या विवेचक को सौंपने की मांग की। एडीजी ने भरोसा दिलाया कि उनके साथ न्याय होगा। उन्होंने एसपी क्राइम को निर्देश दिए हैं कि जल्दी विवेचना कराकर सच सामने लाया जाए।
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एडीजी जोन दफ्तर में आए शीशगढ़ के मोहल्ला गोढ़ी निवासी अतीक अहमद ने बताया कि खजुरिया थाने में एक युवक ने पिछली साल अपने पिता समेत चार लोगों के खिलाफ बहन से दुष्कर्म और देह व्यापार कराने की रिपोर्ट कराई थी। इस मामले में लड़की के पिता, भट्ठा मालिक के बेटे महरोज उर्फ बिलाल और दो अन्य को आरोपी बनाया गया था। अतीक के मुताबिक खजुरिया पुलिस ने सेटिंग करके आरोपी बिलाल की जगह उसके बेटे बिलाल अहमद को इस मामले में आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया। जबकि उनका बेटा उत्तराखंड के लालकुआं में मजदूरी करता था और खजुरिया होकर ही घर आता-जाता था। दोनों के पिता का नाम अलग है। उन्होंने संबंधित लड़की से संपर्क कर उसे अपने बेटे का फोटो दिखाया तो उसने भी पहचानने से इंकार कर दिया। इसके बावजूद खजुरिया पुलिस प्रभावशाली आरोपी को बचाने की खातिर उनके पीछे पड़ी है। दिसंबर 2018 में एडीजी ने विवेचना क्राइम ब्रांच बरेली को सौंप दी। अतीक ने मंगलवार को एडीजी को बताया कि तब से विवेचक एक बार भी मौके पर नहीं गए हैं और न ही केस में कोई कार्रवाई की है। उन्होंने एडीजी से केस दूसरे थाने या विवेचक को सौंपने की मांग की। एडीजी ने भरोसा दिलाया कि उनके साथ न्याय होगा। उन्होंने एसपी क्राइम को निर्देश दिए हैं कि जल्दी विवेचना कराकर सच सामने लाया जाए।
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