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रियल इंडिया ठगी प्रकरण की जांच करेगी बारादरी पुलिस

Thu, 18 Oct 2018 11:50 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली Updated Thu, 18 Oct 2018 11:50 PM IST
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रियल इंडिया ठगी प्रकरण की जांच करेगी बारादरी पुलिस
पीलीभीत और बरेली के करीब 500 लोगों को एक करोड़ रुपये का चूना लगाकर फरार हुई रियल इंडिया चिटफंड कंपनी के खिलाफ दर्ज मुकदमे की विवेचना अब बारादरी थाना पुलिस करेगी। इस मामले की रिपोर्ट पीलीभीत के थाना सुनगढ़ी में दर्ज कराई गई थी। एसपी पीलीभीत ने आईजी के अनुमोदन के बाद विवेचना थाना बारादरी को ट्रांसफर कर दी है।
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बारादरी की क्रिस्टल कॉलोनी में विजय प्रताप सिंह के मकान में सात दिसंबर, 2015 को चिटफंड कंपनी रियल इंडिया का ऑफिस खोला गया था। विजय प्रताप सिंह भी इसके एजेंट बने और लोगों से निवेश कराया। कंपनी ने लोगों को मोटा ब्याज देने और क्रिप्टो करेंसी में निवेश का लालच देकर फंसाया था। विजय के मुताबिक, बरेली और पीलीभीत के करीब 500 लोगों ने कंपनी में एक करोड़ रुपये के आसपास निवेश किया। इसके बाद कंपनी फरार हो गई। इस पर विजय प्रताप ने अगस्त में पीलीभीत के थाना सुनगढ़ी में इस मामले की रिपोर्ट दर्ज करा दी। इसमें आलमबाग, लखनऊ के गीतापल्ली निवासी कंपनी के एमडी सोमनाथ अग्रहरि, जोनल मैनेजर संतप्रसाद मिश्रा उर्फ एसपी मिश्रा, रामपुर के सफाखाना निवासी कंपनी केे डायरेक्टर प्रदीप गुप्ता, उनकी पत्नी ज्योति गुप्ता, जलालाबाद, शाहजहांपुर के गुनारा की सुष्मिता सक्सेना, आलमबाग, लखनऊ में प्रेमनगर के पंकज श्रीवास्तव, सिविल लाइंस नार्थ पीलीभीत मरौरी ब्लॉक के पीछे रहने वाले प्रतीक मिश्रा, एलडीए कॉलोनी, कानपुर के नितिन श्रीवास्तव को नामजद किया गया। कुछ दिन मामले की विवेचना थाना सुनगढ़ी में चलती रही। इसके बाद बृहस्पतिवार को इसे बारादरी भेज दिया गया।
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समझौते के नाम पर धोखाधड़ी, दिए नोटिस
विजय ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज होने के बाद कंपनी के डायरेक्टर प्रदीप गुप्ता, प्रतीक मिश्रा और सुष्मिता सक्सेना ने उनसे संपर्क किया। उन लोगों ने रिपोर्ट वापस लेने को कहा। निवेशकों के पैसे लौटाने की बात कहते हुए प्रदीप ने 30 लाख, प्रतीक ने 20 लाख और सुष्मिता ने 25 लाख रुपये के चेक दिए। निर्धारित समय पर यह चेक बैंक में लगाए तो बाउंस हो गए। इस मामले में भी उन्होंने कोर्ट के जरिये आरोपियों को नोटिस दिया है।
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