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हथियार- मोबाइल की तलाश में घंटेभर तलाशी अतीक की बैरक
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बरेली। देवरिया से ट्रांसफर हुए माफिया अतीक अहमद का नया ठिकाना अब जिला जेल की बैरक नंबर 98 है। जेल प्रशासन ने उसे तन्हाई बैरक से हटाकर नौ अन्य बंदियों के साथ रखा है। वहीं जेल से ही मोबाइल के जरिए अपने गुर्गों से बात करने के इनपुट पर गुरुवार शाम साढ़े चार बजे पुलिस-प्रशासन ने माफिया की बैरक में छापेमारी कर दी। अधिकारी तीसरे सर्किल की बैरक नंबर 98 पर पहुंचे। माफिया की तलाशी के बाद घंटेभर तक उसकी बैरक खंगाली गई। अधिकारियों के मुताबिक मोबाइल, हथियार जैसी चीज नहीं मिली है। एक अधिकारी ने बताया कि बैरक की तलाशी के दौरान माफिया ने कहा - सब कुछ देवरिया छोड़ आए हैं.. यहां नहीं है कुछ।
तलाशी के दौरान माफिया अधिकारियों के साथ सामान्य बातचीत करता रहा। उसने जेल के अंदर प्रशासकीय व्यवस्थाओं में सहयोग करने की बात भी कही। वहीं अधिकारियों ने पीएसी बल के साथ बाकी सर्किल की सभी बैरकों की तलाशी ली। माफिया की शिफ्टिंग से पहले से जेल के अंदर नये बंदियों की जानकारी भी हासिल की गई। इन बंदियों को सर्किल तीन में नहीं लाने के लिए कहा गया है। जेल के अंदर बैरकों में गुटखा के पैकेट मिले। जेल अधीक्षक ने बताया कि छापेमारी की गई थी। कहीं कोई संदिग्ध चीज नहीं मिली है।
अब नौ बंदियों के साथ है माफिया
माफिया की संदिग्ध हरकतों की निगरानी के लिए जेल प्रशासन ने रणनीति में बदलाव किया है। बैरक नंबर 98 में उसके साथ नौ और बंदियों को रखा गया है। जेल अधीक्षक उदय प्रताप मिश्रा ने बताया कि अतीक के साथ बंदियों के रहने से उनकी हरकतों पर निगाह बनाए रखने में मदद मिलेगी।
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बवाल की आशंका में बॉडी प्रोटेक्टर और हेलमेट पहन के हुए दाखिल
जेल में छापामारी से पहले अधिकारियों ने बॉडी प्रोटेक्टर पहने। छापामारी के दौरान हंगामा, बवाल की आशंका में यह तैयारियां की गईं। पुलिस और प्रशासकीय अधिकारियों के साथ बाकी फोर्स भी लाठियों के साथ मुस्तैद नजर आया। एसपी सिटी अभिनंदन, एसपी देहात संसार सिंह, एडीएम प्रशासन राम सेवक द्विवेदी, सीओ तृतीय अशोक कुमार मीना, बिथरीचैनपुर थाने के पुलिसबल और पीएसी के साथ करीब 55 मिनट जिला जेल के अंदर रहे। एसपी देहात संसार सिंह ने बताया कि हथियार, मोबाइल जैसी चीजों की खोजबीन के लिए आए थे।
हर थाने को किरायेदारी जांचने के निर्देश
एसपी सिटी अभिनंदन ने छापामारी के बाद बताया कि हर थाने में अलर्ट किया कि अचानक किराये पर मकान लेने वालों का चेकिंग की जाए। वहीं तमंचा, चाकू के साथ फर्जी गिरफ्तारी नहीं होनी चाहिए। जेल में आने वाले मुलाकातियों पर भी नजर रखी जा रही है।
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तलाशी के दौरान माफिया अधिकारियों के साथ सामान्य बातचीत करता रहा। उसने जेल के अंदर प्रशासकीय व्यवस्थाओं में सहयोग करने की बात भी कही। वहीं अधिकारियों ने पीएसी बल के साथ बाकी सर्किल की सभी बैरकों की तलाशी ली। माफिया की शिफ्टिंग से पहले से जेल के अंदर नये बंदियों की जानकारी भी हासिल की गई। इन बंदियों को सर्किल तीन में नहीं लाने के लिए कहा गया है। जेल के अंदर बैरकों में गुटखा के पैकेट मिले। जेल अधीक्षक ने बताया कि छापेमारी की गई थी। कहीं कोई संदिग्ध चीज नहीं मिली है।
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अब नौ बंदियों के साथ है माफिया
माफिया की संदिग्ध हरकतों की निगरानी के लिए जेल प्रशासन ने रणनीति में बदलाव किया है। बैरक नंबर 98 में उसके साथ नौ और बंदियों को रखा गया है। जेल अधीक्षक उदय प्रताप मिश्रा ने बताया कि अतीक के साथ बंदियों के रहने से उनकी हरकतों पर निगाह बनाए रखने में मदद मिलेगी।
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बवाल की आशंका में बॉडी प्रोटेक्टर और हेलमेट पहन के हुए दाखिल
जेल में छापामारी से पहले अधिकारियों ने बॉडी प्रोटेक्टर पहने। छापामारी के दौरान हंगामा, बवाल की आशंका में यह तैयारियां की गईं। पुलिस और प्रशासकीय अधिकारियों के साथ बाकी फोर्स भी लाठियों के साथ मुस्तैद नजर आया। एसपी सिटी अभिनंदन, एसपी देहात संसार सिंह, एडीएम प्रशासन राम सेवक द्विवेदी, सीओ तृतीय अशोक कुमार मीना, बिथरीचैनपुर थाने के पुलिसबल और पीएसी के साथ करीब 55 मिनट जिला जेल के अंदर रहे। एसपी देहात संसार सिंह ने बताया कि हथियार, मोबाइल जैसी चीजों की खोजबीन के लिए आए थे।
हर थाने को किरायेदारी जांचने के निर्देश
एसपी सिटी अभिनंदन ने छापामारी के बाद बताया कि हर थाने में अलर्ट किया कि अचानक किराये पर मकान लेने वालों का चेकिंग की जाए। वहीं तमंचा, चाकू के साथ फर्जी गिरफ्तारी नहीं होनी चाहिए। जेल में आने वाले मुलाकातियों पर भी नजर रखी जा रही है।