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फर्जी निकाहनामा व शपथ पत्र पेश करने में देवर की जमानत अर्जी खारिज
Updated Wed, 23 Aug 2017 08:07 PM IST
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फर्जी निकाहनामा व शपथपत्र देने में देवर की जमानत अर्जी खारिज
बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश रविनाथ ने महिला के भरण पोषण की धनराशि वसूली से बचने के लिए फर्जीवाड़ा करने के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी गई। महिला के देवर मलिक एनक्लेव निवासी आसिफ ने फर्जी निकाहनामा व फर्जी शपथपत्र पेश कर धोखाधड़ी व कूटरचित दस्तावेज पेश किए थे। मोहल्ला बानखाना निवासी शवीना परवीन पत्नी मोहम्मद यासीन ने 30 सितंबर, 2016 को पति मोहम्मद यासीन व देवर आसिफ के खिलाफ थाना प्रेमनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया था कि उसने अपने पति मोहम्मद यासीन के खिलाफ भरण पोषण का वाद दायर किया और न्यायालय से वसूली वारंट जारी होने पर वसूली व गिरफ्तारी से बचने को दोनों ने फर्जीवाड़ा किया। सज्जाद हुसैन का फर्जी शपथपत्र व फर्जी निकाहनामा तैयार कर पारिवारिक न्यायालय में 31 अगस्त, 2016 को दाखिल किया। इसमें शवीना का निकाह वसीम अहमद से होना दर्शाया गया, जबकि सज्जाद हुसैन व वसीम अहमद ने न्यायालय में उपस्थित होकर शपथपत्र व निकाहनामा को फर्जी बताया। खुद देने से इंकार किया। एडीजीसी फौजदारी विनीता कुमारी ने न्यायालय का ध्यान आकृष्ट कराया कि मुस्लिम महिला के साथ धोखाधड़ी व कूटरचित शपथपत्र व निकाहनामा पेश करना गंभीर है। इस पर अपर सत्र न्यायाधीश रविनाथ ने जमानत प्रार्थनापत्र खारिज कर दिया।
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बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश रविनाथ ने महिला के भरण पोषण की धनराशि वसूली से बचने के लिए फर्जीवाड़ा करने के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी गई। महिला के देवर मलिक एनक्लेव निवासी आसिफ ने फर्जी निकाहनामा व फर्जी शपथपत्र पेश कर धोखाधड़ी व कूटरचित दस्तावेज पेश किए थे। मोहल्ला बानखाना निवासी शवीना परवीन पत्नी मोहम्मद यासीन ने 30 सितंबर, 2016 को पति मोहम्मद यासीन व देवर आसिफ के खिलाफ थाना प्रेमनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया था कि उसने अपने पति मोहम्मद यासीन के खिलाफ भरण पोषण का वाद दायर किया और न्यायालय से वसूली वारंट जारी होने पर वसूली व गिरफ्तारी से बचने को दोनों ने फर्जीवाड़ा किया। सज्जाद हुसैन का फर्जी शपथपत्र व फर्जी निकाहनामा तैयार कर पारिवारिक न्यायालय में 31 अगस्त, 2016 को दाखिल किया। इसमें शवीना का निकाह वसीम अहमद से होना दर्शाया गया, जबकि सज्जाद हुसैन व वसीम अहमद ने न्यायालय में उपस्थित होकर शपथपत्र व निकाहनामा को फर्जी बताया। खुद देने से इंकार किया। एडीजीसी फौजदारी विनीता कुमारी ने न्यायालय का ध्यान आकृष्ट कराया कि मुस्लिम महिला के साथ धोखाधड़ी व कूटरचित शपथपत्र व निकाहनामा पेश करना गंभीर है। इस पर अपर सत्र न्यायाधीश रविनाथ ने जमानत प्रार्थनापत्र खारिज कर दिया।