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सैन्यकर्मी परिवार घर में दुबका तब भी पत्थर बरसाती रही भीड़
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सैन्यकर्मी परिवार घर में दुबका तब भी पत्थर बरसाती रही भीड़
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
बरेली। पार्षद छोटा योगी से मारपीट के बाद गुस्साई भीड़ ने कई घंटे हंगामा करती रही। हालात इतने बिगड़ गए कि इन्हें संभालने के लिए कई थानों की पुलिस के साथ एसपी सिटी और सीओ थर्ड भी मौके पर डटे रहे। सैन्यकर्मी का परिवार घर में दुबक गया और दरवाजे बंद कर लिए, लेकिन गुस्साई भीड़ पथराव करती हुई घर में घुस गई। दरवाजों पर लातें मारने लगी और कार के शीशे तोड़ डाले। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पीड़ित बताए जा रहे पार्षद भी सैन्यकर्मी के घर पर पथराव करते दिख रहे हैं।
सूचना के काफी देर बाद इज्जतनगर इंस्पेक्टर मौके पर पहुंचे, लेकिन इससे पहले ही प्रेमनगर इंस्पेक्टर और बारादरी एसएसआई वेदप्रकाश गुप्ता ने भीड़ को समझाकर बाहर निकाला। भीड़ सैन्यकर्मी को घर के अंदर बताकर बाहर निकालने की जिद पर अड़ी थी, जबकि पुलिस रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद ही गिरफ्तार करने की बात कह रही थी। सीओ थर्ड के समझाने पर भी भीड़ नहीं हटी तो एसपी सिटी घर के अंदर गए और सैन्यकर्मी के भाइयों से थाने चलने को कहा। उन्होंने जान का खतरा बताया तो एसपी सिटी ने सुरक्षा की गारंटी ली। एसपी सिटी जैसे ही श्रीराम को लेकर घर से निकले भीड़ ने उसे खींचने की कोशिश की। एसपी सिटी ने बचाव किया तो भीड़ उनसे भी उलझ गई। काफी देर खींचतान होती रही। एसपी सिटी ने कानून हाथ में लेने पर भीड़ को कार्रवाई की चेतावनी दी तो भीड़ के तेवर कुछ ढीले पड़े। इसके बाद एसपी सिटी ने आरोपी को थाने भेजा। घटना के बाद पार्षद के पक्ष में भाजपा नेता मौके पर पहुंच गए। महानगर अध्यक्ष केएम अरोड़ा, जितिन भाटिया, उमेश कठेरिया, पार्षद चमन सक्सेना, प्रदीप पुष्कर आदि कई नेता थाने तक पार्षद के साथ रहे।
पैरवी में आए वकील को भीड़ ने दौड़ाया
- झगड़ा शांत होने के बाद सैन्यकर्मी पक्ष की पैरवी में एक वकील मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस अफसरों से बात शुरू की तो भीड़ ने उन्हें दौड़ा लिया। वे अपनी कार मौके पर ही छोड़कर भाग गए। इसके बाद सैन्यकर्मी के घर के बाहर सुरक्षा और बढ़ा दी गई।
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सैनिक परिवार से सत्तापक्ष कैसा सलूक कर रहा है सब देख रहे हैं
- सैन्यकर्मी की मां मोहन देवी ने बताया कि नाली की सफाई करके यह लोग गंदगी उनके दरवाजे पर डाल रहे थे। इनसे दूसरी जगह रखने को कहा तो पार्षद भड़क गए, फिर अपने साथियों के साथ हमला बोल दिया। कहा कि बार-बार भीड़ उनके घर को निशाना बना रही है। घटना से परिवार दहशत में है। सत्तापक्ष की पार्टी सैनिक परिवार से कैसा सलूक कर रही है, सब देख रहे हैं। वह लोग भी हमलावरों पर एफआईआर कराएंगे।
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सूचना के काफी देर बाद इज्जतनगर इंस्पेक्टर मौके पर पहुंचे, लेकिन इससे पहले ही प्रेमनगर इंस्पेक्टर और बारादरी एसएसआई वेदप्रकाश गुप्ता ने भीड़ को समझाकर बाहर निकाला। भीड़ सैन्यकर्मी को घर के अंदर बताकर बाहर निकालने की जिद पर अड़ी थी, जबकि पुलिस रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद ही गिरफ्तार करने की बात कह रही थी। सीओ थर्ड के समझाने पर भी भीड़ नहीं हटी तो एसपी सिटी घर के अंदर गए और सैन्यकर्मी के भाइयों से थाने चलने को कहा। उन्होंने जान का खतरा बताया तो एसपी सिटी ने सुरक्षा की गारंटी ली। एसपी सिटी जैसे ही श्रीराम को लेकर घर से निकले भीड़ ने उसे खींचने की कोशिश की। एसपी सिटी ने बचाव किया तो भीड़ उनसे भी उलझ गई। काफी देर खींचतान होती रही। एसपी सिटी ने कानून हाथ में लेने पर भीड़ को कार्रवाई की चेतावनी दी तो भीड़ के तेवर कुछ ढीले पड़े। इसके बाद एसपी सिटी ने आरोपी को थाने भेजा। घटना के बाद पार्षद के पक्ष में भाजपा नेता मौके पर पहुंच गए। महानगर अध्यक्ष केएम अरोड़ा, जितिन भाटिया, उमेश कठेरिया, पार्षद चमन सक्सेना, प्रदीप पुष्कर आदि कई नेता थाने तक पार्षद के साथ रहे।
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पैरवी में आए वकील को भीड़ ने दौड़ाया
- झगड़ा शांत होने के बाद सैन्यकर्मी पक्ष की पैरवी में एक वकील मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस अफसरों से बात शुरू की तो भीड़ ने उन्हें दौड़ा लिया। वे अपनी कार मौके पर ही छोड़कर भाग गए। इसके बाद सैन्यकर्मी के घर के बाहर सुरक्षा और बढ़ा दी गई।
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सैनिक परिवार से सत्तापक्ष कैसा सलूक कर रहा है सब देख रहे हैं
- सैन्यकर्मी की मां मोहन देवी ने बताया कि नाली की सफाई करके यह लोग गंदगी उनके दरवाजे पर डाल रहे थे। इनसे दूसरी जगह रखने को कहा तो पार्षद भड़क गए, फिर अपने साथियों के साथ हमला बोल दिया। कहा कि बार-बार भीड़ उनके घर को निशाना बना रही है। घटना से परिवार दहशत में है। सत्तापक्ष की पार्टी सैनिक परिवार से कैसा सलूक कर रही है, सब देख रहे हैं। वह लोग भी हमलावरों पर एफआईआर कराएंगे।