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सिलाई सिखाने के रुपये मांगे तो रखी धर्म परिवर्तन की शर्त
Updated Thu, 31 May 2018 01:40 AM IST
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सिलाई सिखाने का मेहनताना मांगा तो रखी धर्म परिवर्तन की शर्त
समाज सेवा केंद्र शांति निकेतन की सिस्टर सूमा के खिलाफ रिपोर्ट के आदेश
- कोर्ट ने अपने आदेश में टिप्पणी की, यह अत्यंत गंभीर प्रकृति का है अपराध
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली।
करगैना स्थिति समाज सेवा केंद्र शांति निकेतन में सिलाई सिखाने वाली एक महिला ने चार साल काम करने के बाद अपना मेहनताना मांगा तो केंद्र संचालिका ने उसके सामने धर्म परिवर्तन की शर्त रख दी। महिला के इंकार के बाद संचालिका ने जान से मारने की धमकी दी। महिला ने थाने में तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। बुधवार को जेएम तृतीय अनुपम दीक्षित ने सिलाई सिखाने की मजदूरी के रुपये नहीं देने और अभद्र व्यवहार करने के आरोप में संस्था की संचालिका सिस्टर सूमा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिया है।
करगैना की रहने वाली ममता सक्सेना ने अपने वकील अमित बिसारिया के जरिये अदालत में अर्जी देकर कहा कि 2001 में उसकी नियुक्ति समाज सेवा केंद्र शांति निकेतन करगैना की सिस्टर लीजी ने की थी। दो घंटे सिलाई सिखाने के बदले उसे 15 सौ रुपये देने की बात तय हुई थी। चार साल तक फरीदपुर, करगैना और बिरिया गांव में महिलाओं को सिलाई सिखाई। उन्होंने बताया कि संस्था सिलाई आदि सिखाने के साथ ईसाई धर्म का प्रचार-प्रसार भी करती है। वकील अमित बिसारिया ने बताया कि ममता छह मई, 2018 को जब सिस्टम सूमा के पास अपना मेहनताना मांगने गई तो उन्होंने शर्त रखी कि उन्हें धर्म परिवर्तन करने के बाद ही रुपये मिलेंगे। ममता के इंकार करने पर उन्हें और उनके पति को जान से मारने की धमकी दी गई। बाद में कह दिया गया कि उनका कोई रुपया बकाया नहीं है। कोर्ट ने इस मामले में टिप्पणी की है, यह अपराध अत्यंत गंभीर प्रकृति का है। इसकी विवेचना होनी चाहिए।
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सिलाई सिखाने का मेहनताना मांगा तो रखी धर्म परिवर्तन की शर्त
समाज सेवा केंद्र शांति निकेतन की सिस्टर सूमा के खिलाफ रिपोर्ट के आदेश
- कोर्ट ने अपने आदेश में टिप्पणी की, यह अत्यंत गंभीर प्रकृति का है अपराध
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली।
करगैना स्थिति समाज सेवा केंद्र शांति निकेतन में सिलाई सिखाने वाली एक महिला ने चार साल काम करने के बाद अपना मेहनताना मांगा तो केंद्र संचालिका ने उसके सामने धर्म परिवर्तन की शर्त रख दी। महिला के इंकार के बाद संचालिका ने जान से मारने की धमकी दी। महिला ने थाने में तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। बुधवार को जेएम तृतीय अनुपम दीक्षित ने सिलाई सिखाने की मजदूरी के रुपये नहीं देने और अभद्र व्यवहार करने के आरोप में संस्था की संचालिका सिस्टर सूमा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिया है।
करगैना की रहने वाली ममता सक्सेना ने अपने वकील अमित बिसारिया के जरिये अदालत में अर्जी देकर कहा कि 2001 में उसकी नियुक्ति समाज सेवा केंद्र शांति निकेतन करगैना की सिस्टर लीजी ने की थी। दो घंटे सिलाई सिखाने के बदले उसे 15 सौ रुपये देने की बात तय हुई थी। चार साल तक फरीदपुर, करगैना और बिरिया गांव में महिलाओं को सिलाई सिखाई। उन्होंने बताया कि संस्था सिलाई आदि सिखाने के साथ ईसाई धर्म का प्रचार-प्रसार भी करती है। वकील अमित बिसारिया ने बताया कि ममता छह मई, 2018 को जब सिस्टम सूमा के पास अपना मेहनताना मांगने गई तो उन्होंने शर्त रखी कि उन्हें धर्म परिवर्तन करने के बाद ही रुपये मिलेंगे। ममता के इंकार करने पर उन्हें और उनके पति को जान से मारने की धमकी दी गई। बाद में कह दिया गया कि उनका कोई रुपया बकाया नहीं है। कोर्ट ने इस मामले में टिप्पणी की है, यह अपराध अत्यंत गंभीर प्रकृति का है। इसकी विवेचना होनी चाहिए।
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