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सीआरबी ने पूछा- क्यों देरी से चल रही हैं ट्रेनें
Updated Mon, 21 May 2018 01:31 AM IST
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बरेली।
पहले कोहरे के सीजन और फिर पटरी बदलने और सिविल इंजीनियरिंग के कामों के बहाने ट्रेनों की लेटलतीफी पर पर्दा डालना मुरादाबाद रेल मंडल को भारी पड़ गया है। चेयरमैन रेलवे बोर्ड (सीआरबी) ने ट्रेनों के लगातार लेट चलने पर नाराजगी जताई है। सीआरबी का पत्र आने के बाद मुरादाबाद मंडल के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
दरअसल मुरादाबाद मंडल में ट्रेनों की औसतन समयबद्धता 55 फीसदी रही है। ऐसा संभवत: पहली बार है कि ट्रेनें लगातार एक से दो दिन तक देरी से अपने गंतव्य पर पहुंच रही हैं। ट्रेनों की इस लेटलतीफी से परेशान यात्री भी रेल मंत्री को ट्विटर के जरिये शिकायतें भेज रहे हैं। सीआरबी के पत्र में इसका भी उल्लेख किया गया है। यह आने के बाद मुरादाबाद मंडल के अधिकारी ट्रेनों की लेटलतीफी सुधारने की कवायद में जुट गए हैं। इसी क्रम में आउटर में खड़ी होने वाली ट्रेनों की मॉनीटरिंग शुरू कर दी गई है।
इस बीच ट्रेनों का देरी से पहुंचने का सिलसिला रविवार को भी बरकरार रहा। बरेली जंक्शन पर भगत की कोठी और नई दिल्ली के बीच चलने वाली कामाख्या एक्सप्रेस 15624 रविवार को आठ घंटे देरी से पहुंची। अमृतसर से चलने वाली जनसेवा एक्सप्रेस 15209 भी दस घंटे देरी से पहुंची। धनबाद से फैजाबाद के बीच चलने वाली 13308 गंगा सतलज एक्सप्रेस 12 घंटा देरी से पहुंची। वहीं 15212 जननायक एक्सप्रेस भी नियत समय से करीब 10 घंटा देरी से बरेली जंक्शन आई। सियालदह एक्सप्रेस और अमरनाथ सुपर फास्ट एक्सप्रेस सहित कई गाड़ियों चार से पांच घंटे देरी से पहुंची। अब रेलवे के अधिकारी गाड़ियों की टाइमिंग को सुधारने में जुटे हैं।
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पहले कोहरे के सीजन और फिर पटरी बदलने और सिविल इंजीनियरिंग के कामों के बहाने ट्रेनों की लेटलतीफी पर पर्दा डालना मुरादाबाद रेल मंडल को भारी पड़ गया है। चेयरमैन रेलवे बोर्ड (सीआरबी) ने ट्रेनों के लगातार लेट चलने पर नाराजगी जताई है। सीआरबी का पत्र आने के बाद मुरादाबाद मंडल के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
दरअसल मुरादाबाद मंडल में ट्रेनों की औसतन समयबद्धता 55 फीसदी रही है। ऐसा संभवत: पहली बार है कि ट्रेनें लगातार एक से दो दिन तक देरी से अपने गंतव्य पर पहुंच रही हैं। ट्रेनों की इस लेटलतीफी से परेशान यात्री भी रेल मंत्री को ट्विटर के जरिये शिकायतें भेज रहे हैं। सीआरबी के पत्र में इसका भी उल्लेख किया गया है। यह आने के बाद मुरादाबाद मंडल के अधिकारी ट्रेनों की लेटलतीफी सुधारने की कवायद में जुट गए हैं। इसी क्रम में आउटर में खड़ी होने वाली ट्रेनों की मॉनीटरिंग शुरू कर दी गई है।
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इस बीच ट्रेनों का देरी से पहुंचने का सिलसिला रविवार को भी बरकरार रहा। बरेली जंक्शन पर भगत की कोठी और नई दिल्ली के बीच चलने वाली कामाख्या एक्सप्रेस 15624 रविवार को आठ घंटे देरी से पहुंची। अमृतसर से चलने वाली जनसेवा एक्सप्रेस 15209 भी दस घंटे देरी से पहुंची। धनबाद से फैजाबाद के बीच चलने वाली 13308 गंगा सतलज एक्सप्रेस 12 घंटा देरी से पहुंची। वहीं 15212 जननायक एक्सप्रेस भी नियत समय से करीब 10 घंटा देरी से बरेली जंक्शन आई। सियालदह एक्सप्रेस और अमरनाथ सुपर फास्ट एक्सप्रेस सहित कई गाड़ियों चार से पांच घंटे देरी से पहुंची। अब रेलवे के अधिकारी गाड़ियों की टाइमिंग को सुधारने में जुटे हैं।
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