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सदर में फौजी हत्याकांड
Updated Fri, 23 Mar 2018 10:03 AM IST
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टुल्ला : सदर में फौजी हत्याकांड
हेडिंग : फौजी उठा न ले जाएं इसलिए हवालात में थर-थर कांपता रहा ‘हत्यारा’
सब हेड : एक दिन पहले भाभी से माफी मांगी फिर मार दी गोली
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। सदर बाजार में फौजी अनिल कुमार की हत्या की जांच में नया खुलासा हुआ है। लांस नायक को सरेबाजार गोली मारने के बाद खुद थाने जाकर सरेंडर करने वाले ‘हत्यारे’ को डर सताता रहा कि कहीं फौजी उसे उठा न ले जाए। इससे वह रातभर हवालात में थर-थर कांपता रहा। उसको रात में ही कोतवाली से कैंट थाने की हवालात में शिफ्ट किया गया।
हत्या के आरोप में पुलिस के सामने सरेंडर करने वाला ध्रुव वारदात को अंजाम देने से एक दिन पहले नायक महेश के घर पर पहुंचा था। वहां फूट-फूटकर रोते हुए उसने महेश की पत्नी से माफी मांगी। कहा- उसका भाई उन्हें परेशान करने की कोशिश नहीं कर रहा था। विलाप के दौरान उसकी तबीयत भी बिगड़ गई थी। परिवार ने ही पानी पिलाकर उसे सांत्वना दी और संभाला। ध्रुव को यह भी अंदेशा था कि उसको खतरा है। बातचीत में उसने यह आशंका जाहिर भी की थी। अब परिवार भी हैरान है कि एक दिन पहले तक जो ध्रुव माफी मांग रहा था, उसने दूसरे दिन लांस नायक अनिल की गोली मारकर हत्या कर दी।
बुधवार रात बरेली क्लब के पास कोतवाली पुलिस ने एक भगोड़े बदमाश को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। इसके एनकाउंटर की हवा उड़ी तो कोतवाली में ध्रुव की हालत बिगड़ गई। उसे खौफ था कि कहीं उसका भी एनकाउंटर न कर दिया जाए। रात में करीब डेढ़ बजे उसे हवालात से निकलने के लिए कहा गया तो वह गारद के पैरों में गिर पड़ा था। दरअसल उसे कैंट थाने की पुलिस के सुपुर्द करना था। पुलिस के मुताबिक कैंट थाने पहुंचने के बाद वह थर-थर कांपता रहा। खासतौर पर उसकी देखभाल के लिए दो गारद तैनात की गईं। उसको दो कंबल भी ओढ़ाए गए।
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चश्मदीद न बनना पड़े इसके दर्जनों बहाने
इस हत्याकांड के कई चश्मदीद थे, लेकिन अब पुलिस को ढूंढने से एक भी नहीं मिल रहा है। बृहस्पतिवार को पुलिस ने सदर बाजार के दुकानदारों से निवेदन किया कि वे अपना बयान नोट करा दें, लेकिन दुकानदारों ने खुलकर कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया। जिस वक्त वारदात हुई उस वक्त कोई पानी पीने गया था तो कोई दुकान खुली छोड़कर खाना खाने घर चला गया था।
हरियाणा के लिए रवाना हुआ फौजी का शव
बृहस्पतिवार को अनिल का पोस्टमार्टम होने के बाद शव को मिलिट्री हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां उनका पार्थिव शरीर कॉफिन में रखा गया। यहां एक गाड़ी में शव के साथ परिवार हरियाणा अपने पैतृक आवास के लिए निकल गया। इस दौरान सेना के अधिकारी भी मौजूद रहे।
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हेडिंग : फौजी उठा न ले जाएं इसलिए हवालात में थर-थर कांपता रहा ‘हत्यारा’
सब हेड : एक दिन पहले भाभी से माफी मांगी फिर मार दी गोली
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। सदर बाजार में फौजी अनिल कुमार की हत्या की जांच में नया खुलासा हुआ है। लांस नायक को सरेबाजार गोली मारने के बाद खुद थाने जाकर सरेंडर करने वाले ‘हत्यारे’ को डर सताता रहा कि कहीं फौजी उसे उठा न ले जाए। इससे वह रातभर हवालात में थर-थर कांपता रहा। उसको रात में ही कोतवाली से कैंट थाने की हवालात में शिफ्ट किया गया।
हत्या के आरोप में पुलिस के सामने सरेंडर करने वाला ध्रुव वारदात को अंजाम देने से एक दिन पहले नायक महेश के घर पर पहुंचा था। वहां फूट-फूटकर रोते हुए उसने महेश की पत्नी से माफी मांगी। कहा- उसका भाई उन्हें परेशान करने की कोशिश नहीं कर रहा था। विलाप के दौरान उसकी तबीयत भी बिगड़ गई थी। परिवार ने ही पानी पिलाकर उसे सांत्वना दी और संभाला। ध्रुव को यह भी अंदेशा था कि उसको खतरा है। बातचीत में उसने यह आशंका जाहिर भी की थी। अब परिवार भी हैरान है कि एक दिन पहले तक जो ध्रुव माफी मांग रहा था, उसने दूसरे दिन लांस नायक अनिल की गोली मारकर हत्या कर दी।
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बुधवार रात बरेली क्लब के पास कोतवाली पुलिस ने एक भगोड़े बदमाश को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। इसके एनकाउंटर की हवा उड़ी तो कोतवाली में ध्रुव की हालत बिगड़ गई। उसे खौफ था कि कहीं उसका भी एनकाउंटर न कर दिया जाए। रात में करीब डेढ़ बजे उसे हवालात से निकलने के लिए कहा गया तो वह गारद के पैरों में गिर पड़ा था। दरअसल उसे कैंट थाने की पुलिस के सुपुर्द करना था। पुलिस के मुताबिक कैंट थाने पहुंचने के बाद वह थर-थर कांपता रहा। खासतौर पर उसकी देखभाल के लिए दो गारद तैनात की गईं। उसको दो कंबल भी ओढ़ाए गए।
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चश्मदीद न बनना पड़े इसके दर्जनों बहाने
इस हत्याकांड के कई चश्मदीद थे, लेकिन अब पुलिस को ढूंढने से एक भी नहीं मिल रहा है। बृहस्पतिवार को पुलिस ने सदर बाजार के दुकानदारों से निवेदन किया कि वे अपना बयान नोट करा दें, लेकिन दुकानदारों ने खुलकर कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया। जिस वक्त वारदात हुई उस वक्त कोई पानी पीने गया था तो कोई दुकान खुली छोड़कर खाना खाने घर चला गया था।
हरियाणा के लिए रवाना हुआ फौजी का शव
बृहस्पतिवार को अनिल का पोस्टमार्टम होने के बाद शव को मिलिट्री हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां उनका पार्थिव शरीर कॉफिन में रखा गया। यहां एक गाड़ी में शव के साथ परिवार हरियाणा अपने पैतृक आवास के लिए निकल गया। इस दौरान सेना के अधिकारी भी मौजूद रहे।