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सिलिंडर में लगी आग से चार झुलसे
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बरेली। रविवार तड़के सुभाषनगर के शांतिविहार में छोले-भटूरे बनाने वाले कारीगर के घर एलपीजी सिलिंडर में आग लग गई। इससे छोले तैयार कर रहे कारीगर, उसकी पत्नी और दो बच्चे झुलस गए। इसी बीच घर की दीवार गिरी तो काफी सामान भी तहस नहस हो गया। झुलसे परिवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
शांति विहार निवासी रमेश दिवाकर ठेले पर छोटे-भटूरे लगाते हैं। बताते हैं कि रविवार सुबह पांच बजे रमेश अपनी पत्नी गीता के साथ छोले तैयार कर रहे थे। एक ही कमरे में रहने वाले दंपति की दो बेटियां पांच वर्षीय अंशिका और ढाई साल की तनु बराबर में चारपाई पर सो रही थीं। अचानक किसी तरह सिलिंडर से तेज प्रेशर के साथ गैस लीक होने लगी और उसने आग पकड़ ली। इससे पहले गीता झुलसीं तो उन्हें बचाने में रमेश भी काफी झुलस गए। अंशिका और तनु भी आग की चपेट में आ गईं। इनमें से अंशिका तो तेजी से भाग निकली पर तनु ज्यादा झुलस गई। कमरे में गैस का प्रेशर बना तो धमाके के साथ दीवार भी गिर पड़ी। इसमें भी दंपति का काफी सामान नष्ट हो गया। धमाके और आग की लपटें देख रमेश के भाई धनपाल समेत परिवार व आसपास के लोग दौड़ पड़े। पीआरवी 170 लेकर कुमार सौरभ और राकेश सिंह पहुंचे तो थोड़ी देर में दमकल आ गई। हालांकि आग को पहले ही बुझा लिया गया। आग से झुलसे परिवार के चारों लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। रमेश और तनु ज्यादा झुलसे हैं। अग्निशमन व पुलिस का स्टाफ सिलिंडर फटे बिना ही दीवार गिरने को लेकर अचरज में थे। हालांकि यह माना जा रहा है कि गैस व आग के प्रेशर से ऐसा हुआ।
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शांति विहार निवासी रमेश दिवाकर ठेले पर छोटे-भटूरे लगाते हैं। बताते हैं कि रविवार सुबह पांच बजे रमेश अपनी पत्नी गीता के साथ छोले तैयार कर रहे थे। एक ही कमरे में रहने वाले दंपति की दो बेटियां पांच वर्षीय अंशिका और ढाई साल की तनु बराबर में चारपाई पर सो रही थीं। अचानक किसी तरह सिलिंडर से तेज प्रेशर के साथ गैस लीक होने लगी और उसने आग पकड़ ली। इससे पहले गीता झुलसीं तो उन्हें बचाने में रमेश भी काफी झुलस गए। अंशिका और तनु भी आग की चपेट में आ गईं। इनमें से अंशिका तो तेजी से भाग निकली पर तनु ज्यादा झुलस गई। कमरे में गैस का प्रेशर बना तो धमाके के साथ दीवार भी गिर पड़ी। इसमें भी दंपति का काफी सामान नष्ट हो गया। धमाके और आग की लपटें देख रमेश के भाई धनपाल समेत परिवार व आसपास के लोग दौड़ पड़े। पीआरवी 170 लेकर कुमार सौरभ और राकेश सिंह पहुंचे तो थोड़ी देर में दमकल आ गई। हालांकि आग को पहले ही बुझा लिया गया। आग से झुलसे परिवार के चारों लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। रमेश और तनु ज्यादा झुलसे हैं। अग्निशमन व पुलिस का स्टाफ सिलिंडर फटे बिना ही दीवार गिरने को लेकर अचरज में थे। हालांकि यह माना जा रहा है कि गैस व आग के प्रेशर से ऐसा हुआ।
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