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एक फोटो तक नहीं, कैसे मिलेगा फरार बंदी
Updated Sun, 27 Aug 2017 07:12 PM IST
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बरेली।
अपराधी जितने चुस्त और शातिर दिमाग हैं, पुलिस उतनी ही सुस्त और दिशाहीन। इसका ताजा उदाहरण शातिर हरिनंदन की फरार का मामला है। गुरुवार रात जंक्शन पर वह तीन सशस्त्र सिपाहियों को गच्चा देकर फरार हो गया था। अब जीआरपी और पुलिस दोनों पर ही उसकी तलाश की जिम्मेदारी है पर उसका एक अदद फोटो इनमें से किसी के पास नहीं है। ऐसे में संभव है कि वह इसी इलाके में बेखौफ टहल रहा हो।
भोजीपुरा थाना क्षेत्र के गांव बुझिया शुमाली निवासी हरिनंदन उर्फ दिनेश शातिर बदमाश है। उसके खिलाफ उप्र के विभिन्न जिलों के अलावा उत्तराखंड के थानों में भी लूट, डकैती के मुकदमे दर्ज हैं। शुक्रवार को उसकी रुद्रपुर के कोर्ट में पेशी थी। पुलिस लाइंस से एक हेड और दो कांस्टेबल उसे गुरुवार रात जेल से लेकर जंक्शन पहुंचे थे। वहां उसने तीनों जवानों की मौजूदगी में हाथ पर अंगोछा डालकर बड़ी सफाई से हथकड़ी खोल ली और टॉयलेट के बहाने अंधेरे में फरार हो गया। तीनों सिपाहियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें निलंबित कर दिया गया था। रिपोर्ट जीआरपी में दर्ज हुई है लिहाजा आरोपी को गिरफ्तार करना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। जीआरपी जंक्शन थाना प्रभारी नित्यानंद सिंह इस बात को स्वीकार भी करते हैं। कहते हैं कि जीआरपी ही उसे खोजेगी पर इसके लिए वे क्या कर रहे हैं, ऐसा कोई प्लान उनके पास नहीं है। आरोपी का एक अदद फोटो भी उनके पास नहीं है। इसके लिए वे पुलिस के सहारे हैं। वहीं, दूसरी ओर हरिनंदन के क्षेत्र से संबंधित भोजीपुरा थाना पुलिस भी इस मामले में लाचार है। उसके रजिस्टर में कुछ बदमाशों के पुराने फोटो हैं तो इन पर नाम नहीं पड़ा है। ऐसे में इनमें हरिनंदन का फोटो कौन सा है, पुलिस को नहीं पता। थाने का पुराना स्टाफ लगभग पूरी तरह बदल चुका है और नया स्टाफ उसे जानता नहीं। तब वह कैसे पकड़ा जाएगा, यह बड़ा सवाल है।
हां, यह समस्या आ रही है कि हरिनंदन का फोटो अभी उपलब्ध नहीं हो पाया है। हम फोटो की तलाश करा रहे हैं। जीआरपी अकेली नहीं, पुलिस भी हरिनंदन को तलाशेगी। हम जल्दी ही उसे पकड़ लेंगे। - रोहित सिंह सचवाण, एसपी सिटी
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अपराधी जितने चुस्त और शातिर दिमाग हैं, पुलिस उतनी ही सुस्त और दिशाहीन। इसका ताजा उदाहरण शातिर हरिनंदन की फरार का मामला है। गुरुवार रात जंक्शन पर वह तीन सशस्त्र सिपाहियों को गच्चा देकर फरार हो गया था। अब जीआरपी और पुलिस दोनों पर ही उसकी तलाश की जिम्मेदारी है पर उसका एक अदद फोटो इनमें से किसी के पास नहीं है। ऐसे में संभव है कि वह इसी इलाके में बेखौफ टहल रहा हो।
भोजीपुरा थाना क्षेत्र के गांव बुझिया शुमाली निवासी हरिनंदन उर्फ दिनेश शातिर बदमाश है। उसके खिलाफ उप्र के विभिन्न जिलों के अलावा उत्तराखंड के थानों में भी लूट, डकैती के मुकदमे दर्ज हैं। शुक्रवार को उसकी रुद्रपुर के कोर्ट में पेशी थी। पुलिस लाइंस से एक हेड और दो कांस्टेबल उसे गुरुवार रात जेल से लेकर जंक्शन पहुंचे थे। वहां उसने तीनों जवानों की मौजूदगी में हाथ पर अंगोछा डालकर बड़ी सफाई से हथकड़ी खोल ली और टॉयलेट के बहाने अंधेरे में फरार हो गया। तीनों सिपाहियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें निलंबित कर दिया गया था। रिपोर्ट जीआरपी में दर्ज हुई है लिहाजा आरोपी को गिरफ्तार करना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। जीआरपी जंक्शन थाना प्रभारी नित्यानंद सिंह इस बात को स्वीकार भी करते हैं। कहते हैं कि जीआरपी ही उसे खोजेगी पर इसके लिए वे क्या कर रहे हैं, ऐसा कोई प्लान उनके पास नहीं है। आरोपी का एक अदद फोटो भी उनके पास नहीं है। इसके लिए वे पुलिस के सहारे हैं। वहीं, दूसरी ओर हरिनंदन के क्षेत्र से संबंधित भोजीपुरा थाना पुलिस भी इस मामले में लाचार है। उसके रजिस्टर में कुछ बदमाशों के पुराने फोटो हैं तो इन पर नाम नहीं पड़ा है। ऐसे में इनमें हरिनंदन का फोटो कौन सा है, पुलिस को नहीं पता। थाने का पुराना स्टाफ लगभग पूरी तरह बदल चुका है और नया स्टाफ उसे जानता नहीं। तब वह कैसे पकड़ा जाएगा, यह बड़ा सवाल है।
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हां, यह समस्या आ रही है कि हरिनंदन का फोटो अभी उपलब्ध नहीं हो पाया है। हम फोटो की तलाश करा रहे हैं। जीआरपी अकेली नहीं, पुलिस भी हरिनंदन को तलाशेगी। हम जल्दी ही उसे पकड़ लेंगे। - रोहित सिंह सचवाण, एसपी सिटी
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