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अश्लील फोटो का मामला: जांच समिति ने दोषी छात्रों का इतिहास खंगाला

Sat, 22 Sep 2018 11:50 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली Updated Sat, 22 Sep 2018 11:50 PM IST
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अश्लील फोटो का मामला: जांच समिति ने दोषी छात्रों का इतिहास खंगाला
एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग विभाग की छात्रा का अश्लील फोटो वायरल करने के दोषी छात्रों का दामन पहले भी दागदार हुआ है। समिति ने इन छात्रों का बैकग्राउंड खंगाला तो कई और भी घटनाओं में उनके शामिल होने की बात सामने आई। समिति सोमवार को छात्रों से पूछताछ करेगी। समिति एक सप्ताह में जांच पूरी करके कुलपति को रिपोर्ट सौंप देगी। कुलपति प्रोफेसर अनिल शुक्ल ने स्पष्ट कह दिया है कि दोषी छात्रों को बख्शा नहीं जाएगा। घटना के बाद प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने कैंपस की सुरक्षा बढ़ा दी है। शनिवार को विभागों में भी प्रॉक्टर्स अलर्ट रहे। संदिग्ध छात्रों से पूछताछ भी हुई। बैरियर पर वाहनों को रोका गया।
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विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग की एक छात्रा का अश्लील फोटो छात्रों ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था। इस मामले में बीटेक चौथे वर्ष के छात्र शिवांश वर्मा, हेमेंद्र तोमर और तीसरे वर्ष के नवनीत प्रजापति को पकड़ा गया। इनके समेत 12 से ज्यादा मोबाइल जब्त किए गए। कुलपति ने तीनों को सस्पेंड कर कैंपस में 15 दिन का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया था। ग्रीवांस सेल को जांच सौंपी गई है। समिति ने सबसे पहले छात्रों की बैकग्राउंड खंगाली। विभागों से भी जानकारी जुटाई। पता चला कि इससे पहले भी कई घटनाओं में इनके नाम शामिल रहे हैं। कुछ खुराफाती छात्रों से भी हैं इनकी दोस्ती है। कुलपति के सामने इनका व्यवहार भी ठीक नहीं रहा। समिति को अधिकारिक तौर पर शनिवार को जांच के लिए पत्र सौंपे गए। अब समिति सोमवार से अपनी पड़ताल शुरू करेगी। छात्रों से पूछताछ होगी। एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट कुलपति को सौंप दी जाएगी।
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कई छात्र ग्रुप से बाहर हो गए
अश्लील फोटो वायरल होने के बाद छात्रों के व्हाट्सऐप ग्रुप में भगदड़ मची हुई है। कई छात्रों ने ग्रुप छोड़ दिया है। उनको डर सता रहा है कि अगर कोई फोटो शेयर हुआ तो उनका भी नाम जुड़ जाएगा। विश्वविद्यालय के 25 विभागों में अधिकतर छात्रों के व्हाट्सऐप ग्रुप बना रखे हैं। इनमें छात्र हर तरह की बातें साझा करते हैं। घटना के बाद इन ग्रुप से छात्र बाहर होने लगे हैं।
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विभागों के शिक्षकों की तय होगी जिम्मेदारी
कैंपस में आए दिन छेड़छाड़ की घटनाओं को लेकर अब विभागीय शिक्षक जिम्मेदार होंगे। उनसे जवाब तलब किया जाएगा कि आखिर ऐसा क्यों हुआ। प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने पूरे कैंपस को छह जोन में बांटा गया है। जोन के प्रभारी से भी पूछा जाएगा कि उनके जोन में घटना क्यों हुई। अभी तक विभागाध्यक्ष, प्रॉक्टर और शिक्षक घटना में अपना दामन बचा लेते हैं। अब उनकी हर घटना के लिए जिम्मेदारी तय होगी।


जांच समिति बना दी है। भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए हर संभव कोशिश की जाएगी। दोषी छात्रों को बख्शा नहीं जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभागों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।
-प्रोफेसर अनिल शुक्ल, कुलपति

बैरियर पर हुई चेकिंग
शनिवार को विश्वविद्यालय कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था में सख्त रही। मुख्य गेट के बाद प्रशासनिक भवन के पास लगाए गए बैरियर पर चेकिंग हुई। संदिग्ध छात्रों से पूछताछ भी हुई। उनके आईकार्ड भी चेक किए गए। प्रॉक्टोरियल बोर्ड अलर्ट रहा। विभागों में भी छात्र आईकार्ड डाले नजर आए।


करोड़ों खर्च करके सुरक्षा पर ध्यान नहीं
विश्वविद्यालय हर साल सुरक्षा पर दो करोड़ से ज्यादा रुपये खर्च करता है, लेकिन उसके बावजूद आए दिन छेड़खानी की घटनाएं होती हैं। कुछ विभागों को छोड़ दें तो अधिकतर में सीसीटीवी कैमरे नहीं जबकि शासन इसके लिए कड़े आदेश जारी कर चुका है। प्रशासनिक भवन में तो कैमरे लगाए लेकिन विभाग में नहीं। विश्वविद्यालय प्रशासन निर्माण कार्य और भव्यता दिखाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रहा है, लेकिन सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम अबतक नहीं हुए। हालांकि कुलपति का कहना है कि जल्द पूरे कैंपस में सीसीटीवी कैमरे लगा दिए जाएंगे।


कक्षाओं में मोबाइल के प्रयोग पर लग सकती है रोक
विश्वविद्यालय कक्षाओं में मोबाइल के प्रयोग पर सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। विद्यार्थी कम से कम कक्षाओं में मोबाइल का प्रयोग न करें। शिक्षकों को निर्देश जारी किए गए हैं कि छात्रों को सोशल मीडिया ग्रुपों से दूर रखें। अगर कोई मामला आए तो तुरंत छात्रों से बात करें। विभागों में छात्रों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। उनके सोशल मीडिया ग्रुप की एक्टिविटी पर भी नजर रखी जाएगी। कुलपति का कहना है कि मोबाइल प्रतिबंधित तो नहंी कर सकते, लेकिन कक्षा और विभाग में उसके प्रयोग पर लगाम जरूर लगाने पर सोच रहे हैं।
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