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पीड़ित को पड़ोसी धर्म का पाठ पढ़ाया, आरोपी को बचाया
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बरेली। प्रेमनगर की शिव शक्ति एस्टेट कॉलोनी में शुक्रवार शाम बच्चों की साइकिल तोड़कर सरेआम फायरिंग करने वाले रिटायर्ड सीबीसीआईडी इंस्पेक्टर केके मिश्रा को पुलिस ने बड़ी राहत दी। पुलिस मामले को लटकाए रही और पीड़ित पर पड़ोसी धर्म का पाठ पढ़ाकर दबाव बनाया। बाद में पुलिस ने आरोपी रिटायर्ड इंस्पेक्टर को तमंचा लेकर घूमते दिखाकर गिरफ्तारी का मामला दर्ज कर लिया। देर शाम चालान किया गया।
फायरिंग के बाद शुक्रवार रात भीड़ ने आरोपी सीबीसीआईडी के रिटायर्ड इंस्पेक्टर केके मिश्रा को पुलिस को सौंपा था। भीड़ ने तमंचा छीनकर भी पुलिस को दिया। लोगों पर मिश्रा के फायरिंग और तमंचा लोड करते वीडियो भी थे। देर रात एक एनजीओ अध्यक्ष आरती तिवारी ने तहरीर दी कि उनका बेटा अंश साइकिल चला रहा था। केके मिश्रा ने घर के सामने से निकलते वक्त साइकिल के पहिये में डंडा डाल दिया। अंश गिरा तो मिश्रा साइकिल पर डंडे मारने लगे। अंश बड़े भाई आयुष को ले गया। आयुष ने मिश्रा से वजह पूछी तो उन्होंने थप्पड़ जड़ दिया। वह लोग पहुंचे तो मिश्रा घर से तमंचा निकाल लाए। भीड़ ने तमंचा छीना तो पौनिया लाकर फायरिंग की। पीड़ित रात एक बजे तक जानलेवा हमले की रिपोर्ट कराने पर अड़े रहे पर पुलिस ने उन्हें घर भेज दिया। शनिवार दोपहर तक आरती अपने पति सुरजीत के साथ फिर थाने आईं। इससे पहले उन पर तहरीर वापस लेने का पूरा दबाव था। थाने में पुलिस ने पड़ोसी धर्म का पाठ पढ़ाया तो पीड़ित पक्ष ने कार्रवाई न करने की बात मान ली।
पुलिस ने रची कहानी
दरोगा कपिल कुमार की ओर से रिपोर्ट कराई गई कि वह दरोगा अरुण कुमार के साथ गश्त पर थे तो मुखबिर ने सूचना दी कि एक व्यक्ति शिव शक्ति एस्टेट में तमंचा लिए खड़ा है। उन्होंने उसे पकड़ा तो 315 बोर का तमंचा मिला। उसने नाम किशोर कुमार मिश्रा बताया। इस कार्रवाई में पुलिस ने मिश्रा के रिटायर्ड इंस्पेक्टर होने या आठ घंटे पहले हुए हंगामे के बाद उसके हिरासत में लेने जैसी किसी बात का जिक्र नहीं किया है। इंस्पेक्टर प्रेमनगर बलवीर सिंह ने बताया कि मिश्रा को जेल भेजा है। हंगामे की किसी ने तहरीर नहीं दी, पुलिस ने ही अपनी तरफ से कार्रवाई की है।
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फायरिंग के बाद शुक्रवार रात भीड़ ने आरोपी सीबीसीआईडी के रिटायर्ड इंस्पेक्टर केके मिश्रा को पुलिस को सौंपा था। भीड़ ने तमंचा छीनकर भी पुलिस को दिया। लोगों पर मिश्रा के फायरिंग और तमंचा लोड करते वीडियो भी थे। देर रात एक एनजीओ अध्यक्ष आरती तिवारी ने तहरीर दी कि उनका बेटा अंश साइकिल चला रहा था। केके मिश्रा ने घर के सामने से निकलते वक्त साइकिल के पहिये में डंडा डाल दिया। अंश गिरा तो मिश्रा साइकिल पर डंडे मारने लगे। अंश बड़े भाई आयुष को ले गया। आयुष ने मिश्रा से वजह पूछी तो उन्होंने थप्पड़ जड़ दिया। वह लोग पहुंचे तो मिश्रा घर से तमंचा निकाल लाए। भीड़ ने तमंचा छीना तो पौनिया लाकर फायरिंग की। पीड़ित रात एक बजे तक जानलेवा हमले की रिपोर्ट कराने पर अड़े रहे पर पुलिस ने उन्हें घर भेज दिया। शनिवार दोपहर तक आरती अपने पति सुरजीत के साथ फिर थाने आईं। इससे पहले उन पर तहरीर वापस लेने का पूरा दबाव था। थाने में पुलिस ने पड़ोसी धर्म का पाठ पढ़ाया तो पीड़ित पक्ष ने कार्रवाई न करने की बात मान ली।
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पुलिस ने रची कहानी
दरोगा कपिल कुमार की ओर से रिपोर्ट कराई गई कि वह दरोगा अरुण कुमार के साथ गश्त पर थे तो मुखबिर ने सूचना दी कि एक व्यक्ति शिव शक्ति एस्टेट में तमंचा लिए खड़ा है। उन्होंने उसे पकड़ा तो 315 बोर का तमंचा मिला। उसने नाम किशोर कुमार मिश्रा बताया। इस कार्रवाई में पुलिस ने मिश्रा के रिटायर्ड इंस्पेक्टर होने या आठ घंटे पहले हुए हंगामे के बाद उसके हिरासत में लेने जैसी किसी बात का जिक्र नहीं किया है। इंस्पेक्टर प्रेमनगर बलवीर सिंह ने बताया कि मिश्रा को जेल भेजा है। हंगामे की किसी ने तहरीर नहीं दी, पुलिस ने ही अपनी तरफ से कार्रवाई की है।
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