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खबर का असर - वीडियो बनाने वाला सिपाही निलंबित
Updated Thu, 17 May 2018 01:52 AM IST
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खबर का असर
एसएसपी ने संवेदनहीन दरोगा और सिपाही को किया निलंबित
घायल शिक्षक को अस्पताल भेजने के बजाय वीडियो बनाने में वक्त जाया करने का मामला
पीआरवी 207 पर तैनात होमगार्ड पर कार्रवाई के लिए कमांडेंट को लिखा पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। बिशारतगंज-चाढ़पुर मार्ग पर हादसे में घायल शिक्षक को अस्पताल भेजने के बजाय यूपी-100 की पीआरवी के पुलिसकर्मियों द्वारा वीडियो बनाने के प्रकरण में एसएसपी कलानिधि नैथानी ने एक दरोगा और सिपाही को निलंबित कर दिया है। पीआरवी पर तैनात होमगार्ड पर कार्रवाई के लिए कमांडेंट को पत्र लिखा है।
बेहटा बुजुर्ग गांव के प्राथमिक विद्यालय में तैनात हेडमास्टर इस्तकार अहमद बीमार पिता कल्लू को देखने स्कूटी से फरीदपुर जा रहे थे। मिर्जापुर तिराहे के पास जेसीबी की टक्कर से वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सूचना के काफी देर बाद यूपी-100 की पीआरवी 207 मौके पर पहुंची। इस पर तैनात आरक्षी मोहम्मद एहसान और होमगार्ड हामिद हुसैन शिक्षक को तुरंत अस्पताल भेजने के बजाय उनसे सवाल जवाब करने और वीडियो बनाने में वक्त जाया करते रहे। ढाई घंटे देरी से अस्पताल पहुंचने पर इलाज के दौरान शिक्षक की मौत हो गई। जांच में रोस्टर के मुताबिक तैनात दरोगा तेज सिंह नागर को भी लापरवाही का दोषी माना गया। एसएसपी ने दरोगा तेज सिंह और आरक्षी मोहम्मद एहसान को निलंबित कर दिया, जबकि होमगार्ड हामिद के खिलाफ कार्रवाई के लिए कमांडेंट को पत्र लिखा है। दरअसल, अमर उजाला में पुलिस की संवेदनहीनता की खबर प्रकाशित होने के बाद एसएसपी कलानिधि नैथानी ने मामले की जांच एसपी (देहात) सतीश कुमार को सौंपी थी। उनकी जांच रिपोर्ट और वीडियो क्लिप को साक्ष्य मानकर एसएसपी ने पीआरवी स्टाफ को दोषी माना। एसएसपी ने सभी पुलिसकर्मियों को मानवीय दृष्टिकोण के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं।
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एसएसपी ने संवेदनहीन दरोगा और सिपाही को किया निलंबित
घायल शिक्षक को अस्पताल भेजने के बजाय वीडियो बनाने में वक्त जाया करने का मामला
पीआरवी 207 पर तैनात होमगार्ड पर कार्रवाई के लिए कमांडेंट को लिखा पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। बिशारतगंज-चाढ़पुर मार्ग पर हादसे में घायल शिक्षक को अस्पताल भेजने के बजाय यूपी-100 की पीआरवी के पुलिसकर्मियों द्वारा वीडियो बनाने के प्रकरण में एसएसपी कलानिधि नैथानी ने एक दरोगा और सिपाही को निलंबित कर दिया है। पीआरवी पर तैनात होमगार्ड पर कार्रवाई के लिए कमांडेंट को पत्र लिखा है।
बेहटा बुजुर्ग गांव के प्राथमिक विद्यालय में तैनात हेडमास्टर इस्तकार अहमद बीमार पिता कल्लू को देखने स्कूटी से फरीदपुर जा रहे थे। मिर्जापुर तिराहे के पास जेसीबी की टक्कर से वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सूचना के काफी देर बाद यूपी-100 की पीआरवी 207 मौके पर पहुंची। इस पर तैनात आरक्षी मोहम्मद एहसान और होमगार्ड हामिद हुसैन शिक्षक को तुरंत अस्पताल भेजने के बजाय उनसे सवाल जवाब करने और वीडियो बनाने में वक्त जाया करते रहे। ढाई घंटे देरी से अस्पताल पहुंचने पर इलाज के दौरान शिक्षक की मौत हो गई। जांच में रोस्टर के मुताबिक तैनात दरोगा तेज सिंह नागर को भी लापरवाही का दोषी माना गया। एसएसपी ने दरोगा तेज सिंह और आरक्षी मोहम्मद एहसान को निलंबित कर दिया, जबकि होमगार्ड हामिद के खिलाफ कार्रवाई के लिए कमांडेंट को पत्र लिखा है। दरअसल, अमर उजाला में पुलिस की संवेदनहीनता की खबर प्रकाशित होने के बाद एसएसपी कलानिधि नैथानी ने मामले की जांच एसपी (देहात) सतीश कुमार को सौंपी थी। उनकी जांच रिपोर्ट और वीडियो क्लिप को साक्ष्य मानकर एसएसपी ने पीआरवी स्टाफ को दोषी माना। एसएसपी ने सभी पुलिसकर्मियों को मानवीय दृष्टिकोण के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं।
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