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तिहरे हत्याकांड के बाद वीरान हुई आलीशान कोठी
बरेली।
Updated Sun, 09 Jul 2017 01:31 AM IST
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बरेली।
मैथा फैक्ट्री के मालिक अरबपति कारोबारी की पत्नी और नौकरानी सहित चर्चित हत्याकांड के करीब एक साल आठ महीने बाद भी परसाखेड़ा स्थित आलीशान कोठी में वीराना पसरा है। उद्योगपति सुधीर कुमार अग्रवाल, उनकी पत्नी मधुलिका और नौकरानी अंशु के शव कोठी से बरामद होने के बाद शहर का हर आदमी जानना चाहता था कि आखिर किन हालात में तीनों का बेरहमी से कत्ल कर दिया गया। पुलिस का खुलासा भी बेहद चौंकाने वाला था। शहर का हिला देने वाला हत्याकांड नौकरानी की मोहब्बत में हुआ था। अंशु के प्रेमी और उसके दोस्तों ने लूट क े इरादे से उद्योगपति दंपति को कत्ल किया था। पुलिस ने तीन दिनों में हत्याकांड का खुलासा करने के बाद आरोपियों को जेल भेजा, तमाम कोशिशों के बावजूद चारों हत्यारोपी वर्तमान में भी सलाखों के पीछे सजा काट रहे हैं।
शहर के नामी उद्योगपति दंपति सुधीर कुमार अग्रवाल, मधुलिका और नौकरानी अंशु कश्यप की परसाखेड़ा की रोड नंबर एक स्थित आलीशान कोठी में 25 अक्टूबर 2015 की रात निर्मम हत्या की गई थी। इस हत्याकांड के पीछे नौकरानी अंशु की भूमिका भी सामने आई थी। दरअसल सुधीर अग्रवाल की नौकरानी अंशु का एटा के थाना जैथरा के गांव बंधा निवासी देवेंद्र से प्रेम संबंध थे। वारदात की रात अंशु ने देवेंद्र सहित चोरों को घर में दाखिल किया था। रात में उसी घर में सोने के बाद सुबह करीब सात बजे लूटपाट की तैयारी शुरू की थी। देवेंद्र ने अंशु को झांसा दिया था कि लूटपाट के बाद दोनों भागकर शादी करेंगे, लेकिन चारों के पास गंडासा देखकर अंशु ने विरोध किया तो संजू ने पहले गंडासा से अंशु की हत्या कर दी। बाद में मधुलिका और पैरालाइज्ड सुधीर कुमार की गंडासा से वार करके हत्या कर दी थी। बदमाशों ने घर में लूटपाट की और आला कत्ल को फाउंटेन के गंदे पानी में फेंककर भाग निकले थे।
मधुलिका के मोबाइल से खुला था हत्याकांड
बदमाश जेवर, नगदी के साथ घर से तीन मोबाइल लूट ले गए थे। पुलिस ने चार आरोपियों को मधुलिका के लूटे गए मोबाइल की लोकेशन की मदद से पकड़ा था। पुलिस ने पहले सीबीगंज से अजय और संजू को पकड़ा, बाद में एटा के थाना जैथरा के गांव बंधा निवासी देवेंद्र और ओमकार को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया।
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तीन दिनों में हुआ था खुलासा, 80 दिनों में चार्जशीट
पुलिस ने बड़ी वारदात का खुलासा सिर्फ तीन दिनों में किया था। विवेचक कमल सिंह ने तफ्तीश के बाद 80 दिनों में चार्जशीट लगाकर कोर्ट में दाखिल किया था। देवेंद्र सहित चारों आरोपियों ने निचली अदालत और फिर इलाहाबाद हाईकोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की थी, लेकिन कोर्ट ने तिहरे हत्याकांड में उन्हें जमानत नहीं दी। इंस्पेक्टर गणेश दत्त जोशी ने बताया कि मौजूदा समय में चोरों आरोपी जेल की सलाखों के पीछे सजा काट रहे हैं।
खुशियां खेलती थी कभी आज डरावनी लगती है दीवारें
सुधीर अग्रवाल के बेटे हितेश अग्रवाल हैदराबाद में नौकरी करते हैं। उन्होंने फोन पर बताया कि मां और पिता की मौत के बाद अब बरेली से उनका मन उचाट हो चुका है। कभी जिस घर की दीवारों पर खुशियों की परछाई खेलती थी, अब वहीं भयानक और डरावनी लगती है। वह चार से छह महीनों में बरेली आते हैं। उनकी गैर मौजूदगी में घर बंद रहता है। आज भी इस घर का सामान वैसे का वैसा ही पड़ा है।
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मैथा फैक्ट्री के मालिक अरबपति कारोबारी की पत्नी और नौकरानी सहित चर्चित हत्याकांड के करीब एक साल आठ महीने बाद भी परसाखेड़ा स्थित आलीशान कोठी में वीराना पसरा है। उद्योगपति सुधीर कुमार अग्रवाल, उनकी पत्नी मधुलिका और नौकरानी अंशु के शव कोठी से बरामद होने के बाद शहर का हर आदमी जानना चाहता था कि आखिर किन हालात में तीनों का बेरहमी से कत्ल कर दिया गया। पुलिस का खुलासा भी बेहद चौंकाने वाला था। शहर का हिला देने वाला हत्याकांड नौकरानी की मोहब्बत में हुआ था। अंशु के प्रेमी और उसके दोस्तों ने लूट क े इरादे से उद्योगपति दंपति को कत्ल किया था। पुलिस ने तीन दिनों में हत्याकांड का खुलासा करने के बाद आरोपियों को जेल भेजा, तमाम कोशिशों के बावजूद चारों हत्यारोपी वर्तमान में भी सलाखों के पीछे सजा काट रहे हैं।
शहर के नामी उद्योगपति दंपति सुधीर कुमार अग्रवाल, मधुलिका और नौकरानी अंशु कश्यप की परसाखेड़ा की रोड नंबर एक स्थित आलीशान कोठी में 25 अक्टूबर 2015 की रात निर्मम हत्या की गई थी। इस हत्याकांड के पीछे नौकरानी अंशु की भूमिका भी सामने आई थी। दरअसल सुधीर अग्रवाल की नौकरानी अंशु का एटा के थाना जैथरा के गांव बंधा निवासी देवेंद्र से प्रेम संबंध थे। वारदात की रात अंशु ने देवेंद्र सहित चोरों को घर में दाखिल किया था। रात में उसी घर में सोने के बाद सुबह करीब सात बजे लूटपाट की तैयारी शुरू की थी। देवेंद्र ने अंशु को झांसा दिया था कि लूटपाट के बाद दोनों भागकर शादी करेंगे, लेकिन चारों के पास गंडासा देखकर अंशु ने विरोध किया तो संजू ने पहले गंडासा से अंशु की हत्या कर दी। बाद में मधुलिका और पैरालाइज्ड सुधीर कुमार की गंडासा से वार करके हत्या कर दी थी। बदमाशों ने घर में लूटपाट की और आला कत्ल को फाउंटेन के गंदे पानी में फेंककर भाग निकले थे।
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मधुलिका के मोबाइल से खुला था हत्याकांड
बदमाश जेवर, नगदी के साथ घर से तीन मोबाइल लूट ले गए थे। पुलिस ने चार आरोपियों को मधुलिका के लूटे गए मोबाइल की लोकेशन की मदद से पकड़ा था। पुलिस ने पहले सीबीगंज से अजय और संजू को पकड़ा, बाद में एटा के थाना जैथरा के गांव बंधा निवासी देवेंद्र और ओमकार को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया।
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तीन दिनों में हुआ था खुलासा, 80 दिनों में चार्जशीट
पुलिस ने बड़ी वारदात का खुलासा सिर्फ तीन दिनों में किया था। विवेचक कमल सिंह ने तफ्तीश के बाद 80 दिनों में चार्जशीट लगाकर कोर्ट में दाखिल किया था। देवेंद्र सहित चारों आरोपियों ने निचली अदालत और फिर इलाहाबाद हाईकोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की थी, लेकिन कोर्ट ने तिहरे हत्याकांड में उन्हें जमानत नहीं दी। इंस्पेक्टर गणेश दत्त जोशी ने बताया कि मौजूदा समय में चोरों आरोपी जेल की सलाखों के पीछे सजा काट रहे हैं।
खुशियां खेलती थी कभी आज डरावनी लगती है दीवारें
सुधीर अग्रवाल के बेटे हितेश अग्रवाल हैदराबाद में नौकरी करते हैं। उन्होंने फोन पर बताया कि मां और पिता की मौत के बाद अब बरेली से उनका मन उचाट हो चुका है। कभी जिस घर की दीवारों पर खुशियों की परछाई खेलती थी, अब वहीं भयानक और डरावनी लगती है। वह चार से छह महीनों में बरेली आते हैं। उनकी गैर मौजूदगी में घर बंद रहता है। आज भी इस घर का सामान वैसे का वैसा ही पड़ा है।