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आयुष्मान कार्ड के बहाने खातों से रकम उड़ाने का खेल पुराना, कई और पहुंचे रिपोर्ट कराने
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सीबीगंज। आयुष्मान कार्ड बनाने के बहाने खातों से रकम उड़ाने के मामले में सोमवार को धंधेबाज युवक-युवती के पकड़े जाने के बाद मंगलवार को कई लोग थाने पहुंचे। इन्होंने अपने साथ हुई धोखाधड़ी के बारे में पुलिस को बताकर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। पुलिस ने इनकी शिकायतें ले लीं जिन्हें मूल रिपोर्ट में जोड़ दिया जाएगा।
सोमवार को थाना क्षेत्र के गांव नदोसी में आयुष्मान कार्ड बनाने के बहाने ग्रामीणों के खातों से राशि उड़ाने का खुलासा होने पर अंकित गुप्ता और गीता उर्फ रीता को गांव वालों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था। अखबार में खबर प्रकाशित होने के बाद सुभाषनगर थाने के गांव अखा और रौली के करीब दस लोग थाने पहुंचे। उन्होंने बताया कि 6 मई को यह दोनों जालसाज उनके गांव में भी गए थे। आरोप लगाया कि आयुष्मान कार्ड बनाने का झांसा देकर बेनीराम के खाते से 30 हजार रुपये, सूरजपाल के खाते से 20 हजार, श्यामलाल के खाते से 10 हजार, मानसिंह के खाते से 10300, आशा देवी के खाते से पांच हजार, कांति के खाते से दो हजार, चंद्रपाल के खाते से 5300, भगवान दास के खाते से तीन सौ, रामसेवक के खाते से एक हजार रुपये सॉफ्टवेयर की मदद से उड़ा दिए। मंगलवार दोपहर थाना पुलिस परसाखेड़ा स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा पहुंची। इंस्पेक्टर सीबीगंज राजकुमार भारद्वाज ने बताया कि इन जालसाजों ने आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (एईपीएस) के जरिए कई ग्राहकों के खाते से पैसे उड़ाए हैं। उन्होंने बताया कि यह रकम किसी व्यक्ति के खाते में नहीं गई है। रकम आखिर कहां गई, इसकी जानकारी के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा के हेड क्वार्टर को रिक्वेस्ट भेज दी गई है। दोनों जालसाजों को बुधवार को जेल भेजा जाएगा।
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सोमवार को थाना क्षेत्र के गांव नदोसी में आयुष्मान कार्ड बनाने के बहाने ग्रामीणों के खातों से राशि उड़ाने का खुलासा होने पर अंकित गुप्ता और गीता उर्फ रीता को गांव वालों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था। अखबार में खबर प्रकाशित होने के बाद सुभाषनगर थाने के गांव अखा और रौली के करीब दस लोग थाने पहुंचे। उन्होंने बताया कि 6 मई को यह दोनों जालसाज उनके गांव में भी गए थे। आरोप लगाया कि आयुष्मान कार्ड बनाने का झांसा देकर बेनीराम के खाते से 30 हजार रुपये, सूरजपाल के खाते से 20 हजार, श्यामलाल के खाते से 10 हजार, मानसिंह के खाते से 10300, आशा देवी के खाते से पांच हजार, कांति के खाते से दो हजार, चंद्रपाल के खाते से 5300, भगवान दास के खाते से तीन सौ, रामसेवक के खाते से एक हजार रुपये सॉफ्टवेयर की मदद से उड़ा दिए। मंगलवार दोपहर थाना पुलिस परसाखेड़ा स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा पहुंची। इंस्पेक्टर सीबीगंज राजकुमार भारद्वाज ने बताया कि इन जालसाजों ने आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (एईपीएस) के जरिए कई ग्राहकों के खाते से पैसे उड़ाए हैं। उन्होंने बताया कि यह रकम किसी व्यक्ति के खाते में नहीं गई है। रकम आखिर कहां गई, इसकी जानकारी के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा के हेड क्वार्टर को रिक्वेस्ट भेज दी गई है। दोनों जालसाजों को बुधवार को जेल भेजा जाएगा।
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