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साल भर से गैरहाजिर सिपाही के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट
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बरेली। कोर्ट के आदेश पर 33 साल बाद पिछले साल बहाल हुए सिपाही ने फिर विभाग को गुमराह करने की कोशिश की। गैरहाजिरी के जवाब में सिपाही के भेजे गए कोरे कागजों के मामले में सीओ टू जांच कर रहीं थीं। इसमें सिपाही को विभाग से अनुचित लाभ लेने के लिए धोखाधड़ी करने का दोषी पाते हुए एसएसपी के आदेश पर कोतवाली में उसके खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई।
जिला अंबेडकरनगर के गांव सुतहर पारा निवासी हरिकिशोर चौधरी की बरेली से पुलिस विभाग में नियुक्ति हुई थी। यहां से हरिकिशोर ट्रेनिंग के लिए दूसरे जिले में गया था। वहां ट्रेनिंग के दौरान छुट्टी को मना करने पर आरआई से अभद्रता की थी। इस कारण उसे ट्रेनिंग से ही बर्खास्त कर दिया गया था। इसके बाद हरिकिशोर ने कोर्ट की शरण ली थी। निर्णय पिछले साल अक्तूबर में उसके पक्ष में आया और कोर्ट के आदेश पर उसे 33 साल बाद बहाल कर दिया गया था। अधिकारियों की सहमति के बाद उसने ड्यूटी ज्वाइन की। इसी दौरान वह धोखाधड़ी कर खुद को पत्रकार बताते हुए जिला अस्पताल पहुंचा और वहां स्वास्थ्य खराब होने का बहाना करते हुए भर्ती हो गया। मामला सामने आया तो वहां से भाग निकला और आज तक किसी के सामने नहीं आया। विभाग ने पत्राचार से उसकी स्थिति जानने की कोशिश की तो उसने एसएसपी कार्यालय में विस्थापित लोकल डिस्पेच शाखा को रजिस्ट्री द्वारा मेडिकल भेजा। बताया जाता है कि लिफाफा खोलने पर उसमें दो कोरे कागज निकले जिसके बाद मामले की जांच सीओ टू सीमा यादव को सौंप दी गई। पिछले माह सीओ टू ने जांच पूरी कर रिपोर्ट अधिकारियों को सौंप दी।
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जिला अंबेडकरनगर के गांव सुतहर पारा निवासी हरिकिशोर चौधरी की बरेली से पुलिस विभाग में नियुक्ति हुई थी। यहां से हरिकिशोर ट्रेनिंग के लिए दूसरे जिले में गया था। वहां ट्रेनिंग के दौरान छुट्टी को मना करने पर आरआई से अभद्रता की थी। इस कारण उसे ट्रेनिंग से ही बर्खास्त कर दिया गया था। इसके बाद हरिकिशोर ने कोर्ट की शरण ली थी। निर्णय पिछले साल अक्तूबर में उसके पक्ष में आया और कोर्ट के आदेश पर उसे 33 साल बाद बहाल कर दिया गया था। अधिकारियों की सहमति के बाद उसने ड्यूटी ज्वाइन की। इसी दौरान वह धोखाधड़ी कर खुद को पत्रकार बताते हुए जिला अस्पताल पहुंचा और वहां स्वास्थ्य खराब होने का बहाना करते हुए भर्ती हो गया। मामला सामने आया तो वहां से भाग निकला और आज तक किसी के सामने नहीं आया। विभाग ने पत्राचार से उसकी स्थिति जानने की कोशिश की तो उसने एसएसपी कार्यालय में विस्थापित लोकल डिस्पेच शाखा को रजिस्ट्री द्वारा मेडिकल भेजा। बताया जाता है कि लिफाफा खोलने पर उसमें दो कोरे कागज निकले जिसके बाद मामले की जांच सीओ टू सीमा यादव को सौंप दी गई। पिछले माह सीओ टू ने जांच पूरी कर रिपोर्ट अधिकारियों को सौंप दी।
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