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लिफ्ट लेकर वाहन लूटने वाले गिरोह की महिला सदस्य गिरफ्तार
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बरेली। कई प्रांतों में लिफ्ट लेकर वाहन लूटने वाले गिरोह की महिला सदस्य को एसटीएफ बरेली यूनिट ने शहर की फाइक इन्कलेव कॉलोनी से गिरफ्तार कर लिया। उसे बारादरी पुलिस के जरिये हरदोई के सुरसा थाना पुलिस को सौंप दिया गया। रति नाम की महिला पहचान बदलकर यहां एक कॉलोनी में किराये पर रह रही थी। इस गैंग पर 25 हजार का इनाम घोषित है।
एसटीएफ प्रभारी अजयपाल सिंह की टीम ने रविवार को फाइक इन्कलेव में छापा मारकर रति गुप्ता पत्नी प्रशांत गुप्ता निवासी कच्चा कटरा, कोतवाली शाहजहांपुर को गिरफ्तार कर लिया। यहां वह मेराज के मकान में किराए पर रह रही थी। पिछले दिनों वह अपने साथी मसर्रत के साथ उसकी पत्नी के तौर पर शहर में रही। मसर्रत के कोर्ट में सरेंडर करने के बाद वह पहचान बदलकर यहां रह रही थी। महिला ने बताया कि 28 जनवरी 2018 की रात को सुरसा थाना क्षेत्र में उसने एक कार को लिफ्ट देने के लिए हाथ दिया। कार रुकी तो साथियों मसर्रत, सोहन और इंद्रेश के साथ उसमें बैठ गई। कार एक ढाबे पर रुकवाकर खाना खाया। कार ड्राइवर को भी खाना खिलाया, जिसमें नजर बचाकर नशीला पदार्थ मिला दिया। वह बेहोश होने लगा तो यह लोग उसे अपना साथी बताकर ढाबे से ले गए। आगे जाकर उसे वाहन से धक्का दे दिया और कार लूट ले गए। कार में जीपीएस लगा होने से सुरसा पुलिस ने उसे बरामद कर सोहन को गिरफ्तार कर लिया। बाकी आरोपी कोर्ट में सरेंडर कर गए। सुरसा पुलिस तभी से रति की तलाश में थी। उसकी गिरफ्तारी न होने पर इनाम घोषित कर एसटीएफ को जिम्मेदारी दी गई थी। एसटीएफ के एएसपी सत्यसेन यादव ने बताया कि आरोपी महिला को बारादरी थाने में लिखापढ़ी के बाद महिला पुलिस के साथ हरदोई के सुरसा थाने के सुपुर्द कर दिया गया।
अजयपाल सिंह ने बताया कि गिरोह के सरगना मसर्रत पर इसी तरह की घटनाओं के करीब 35 मामले उप्र, मध्यप्रदेश और बिहार के थानों में दर्ज हैं।
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एसटीएफ प्रभारी अजयपाल सिंह की टीम ने रविवार को फाइक इन्कलेव में छापा मारकर रति गुप्ता पत्नी प्रशांत गुप्ता निवासी कच्चा कटरा, कोतवाली शाहजहांपुर को गिरफ्तार कर लिया। यहां वह मेराज के मकान में किराए पर रह रही थी। पिछले दिनों वह अपने साथी मसर्रत के साथ उसकी पत्नी के तौर पर शहर में रही। मसर्रत के कोर्ट में सरेंडर करने के बाद वह पहचान बदलकर यहां रह रही थी। महिला ने बताया कि 28 जनवरी 2018 की रात को सुरसा थाना क्षेत्र में उसने एक कार को लिफ्ट देने के लिए हाथ दिया। कार रुकी तो साथियों मसर्रत, सोहन और इंद्रेश के साथ उसमें बैठ गई। कार एक ढाबे पर रुकवाकर खाना खाया। कार ड्राइवर को भी खाना खिलाया, जिसमें नजर बचाकर नशीला पदार्थ मिला दिया। वह बेहोश होने लगा तो यह लोग उसे अपना साथी बताकर ढाबे से ले गए। आगे जाकर उसे वाहन से धक्का दे दिया और कार लूट ले गए। कार में जीपीएस लगा होने से सुरसा पुलिस ने उसे बरामद कर सोहन को गिरफ्तार कर लिया। बाकी आरोपी कोर्ट में सरेंडर कर गए। सुरसा पुलिस तभी से रति की तलाश में थी। उसकी गिरफ्तारी न होने पर इनाम घोषित कर एसटीएफ को जिम्मेदारी दी गई थी। एसटीएफ के एएसपी सत्यसेन यादव ने बताया कि आरोपी महिला को बारादरी थाने में लिखापढ़ी के बाद महिला पुलिस के साथ हरदोई के सुरसा थाने के सुपुर्द कर दिया गया।
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अजयपाल सिंह ने बताया कि गिरोह के सरगना मसर्रत पर इसी तरह की घटनाओं के करीब 35 मामले उप्र, मध्यप्रदेश और बिहार के थानों में दर्ज हैं।