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अवैध खनन जानलेवा, ढांग ढहने से किशोर की मौत

Tue, 18 Jun 2019 02:58 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 18 Jun 2019 02:58 AM IST
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अवैध खनन जानलेवा, ढांग ढहने से किशोर की मौत
बरखेड़ा (पीलीभीत)। अवैध खनन एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ। अमेड़ी नदी के पास अवैध खनन के दौरान बेतरतीब खोदने से रेत की ढांग ढह गई। इसमें दबकर खनन कर रहे किशोर की मौत हो गई। परिजन शव लेकर घर चले गए। इस बीच किसी ग्रामीण से मिली सूचना पर पहुंची पुलिस ने जानकारी की। इसके बाद शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया है।
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बरखेड़ा थाना क्षेत्र के डंडिया भगत गांव निवासी प्रेमपाल कश्यप खेती करते हैं। उनका 17 वर्षीय पुत्र निकेत कुमार रविवार सुबह करीब 11 बजे गांव के बाहर अमेड़ी नदी किनारे रेत का खनन करने गया था। नदी से यहां बड़े पैमाने पर अवैध रूप से रेत का खनन होता है। गांव के ही अमित, अमृत समेत तीन अन्य युवक भी निकेत के साथ गए थे। खनन करने के दौरान रेत का ढांग ढह गई। इसमें निकेत के दब जाने पर चीख पुकार मच गई। साथ गए युवकों से खबर मिलने पर परिवार वाले दोपहर करीब डेढ़ बजे मौके पर पहुंचे और टीले के नीचे दबे निकेत को निकालकर आननफानन में इलाज के लिए पीलीभीत ले आए। यहां गांधी स्टेडियम रोड पर एक प्राइवेट अस्पताल में निकेत को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिजन मामले में कोई कार्रवाई नहीं कराना चाहते थे, इसलिए शव लेकर घर चले गए। देर रात किसी ग्रामीण ने इसकी सूचना पुलिस को दी। कुछ ही देर में थानाध्यक्ष बरखेड़ा पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे और जानकारी की। शव को कब्जे में ले लिया। जिसका दूसरे दिन सोमवार को पोस्टमार्टम कराया गया है। परिवार वालों ने भी कोई आरोप किसी पर नहीं लगाया है। एएसपी रोहित मिश्र ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस को भेज दिया गया था। परिवार वाले कोई कार्रवाई नहीं कराना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। कोई तहरीर नहीं दी गई है।
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हाईस्कूल का छात्र था निकेत
खनन के दौरान टीला गिरने से जान गंवाने वाला निकेत जोगीठेर के जनता इंटर कॉलेज में पढ़ाई करता था। वह हाईस्कूल का छात्र था। उसके एक बड़ा भाई प्रदीप और छोटी बहन शिवानी है। उसकी मौत के बाद से मां शांतिदेवी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने बताया कि स्कूल की छुट्टी होने पर वह रेत निकालने के लिए गांव के लड़कों के साथ चला गया था।
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मार्च में भी अवैध खनन में चली गई थी एक मजदूर की जान
खनन के दौरान मिट्टी का टीला गिरने से जान जाने का ये कोई पहला मामला नहीं है। बीसलपुर सर्किल में इससे पहले भी एक मजदूर की जान जा चुकी है। 14 मार्च को दियोरियाकलां कोतवाली क्षेत्र के मैहदखास गांव में ईंट भट्ठे के लिए निकाली जा रही मिट्टी के दौरान टीला ढह गया था। इसमें गजरौला क्षेत्र के विधिपुर गांव निवासी तिलकराम उर्फ गुड्डू की मौत हो गई थी। प्रशासनिक अफसरों की जांच में ये भी अवैध खनन निकला था। हालांकि कोई सख्त कदम नहीं उठाए गए थे।

कैसे हो कार्रवाई: खनन माफिया तो पहनेे हैं राजनीतिक सुरक्षा कवच
 शासन-प्रशासन स्तर से खनन को लेकर तमाम दिशा निर्देश जारी किए जाते हैं। इसका सख्ती से पालन कराते हुए गड़बड़ी मिलने पर सख्त कार्रवाई का दावा भी किया जाता है, लेकिन यह सब सिर्फ अधिकारियों के बयानों और खुद की साख बचाने तक सीमित रहता है। धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई अमल में नहीं लाई जाती है। खनन माफिया को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होना भी इसके पीछे अहम वजह है। यह कहना भी गलत नहीं होगा कि खनन माफिया के राजनीतिक कवच को भेद पाना प्रशासन के बूते की बात नहीं है।
अफसर भले ही इस बात को नकारते हुए साख बचाएं, लेकिन देवहा नदी पर चल रहे खनन में प्रशासन की ओर से चल रही कार्रवाई इसी का संकेत दे रही है। डीएस कांट्रेक्टर्स की ओर से रॉयल्टी में खेल किया जाता रहा है। एडीएम और खनन अधिकारी ने छापामारी कर इसे पकड़ भी लिया। इसके बाद अधिकारी सख्त लहजे के साथ सामने आए और कंपनी को ब्लैक लिस्टेड करने के साथ-साथ उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश कर दिए गए, लेकिन ये एफआईआर अब तक नहीं हो सकी है। हां, इतना जरूर हुआ है कि जिस कांट्रेक्टर पर एफआईआर दर्ज होनी थी, अब उसकी तरफ से ही अपने कर्मचारियों के खिलाफ एक रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। इसमें खनन के दौरान की गई पूरी गड़बड़ी का ठीकरा इन्हीं कर्मचारियों के सिर फोड़ दिया गया है। इसे लेकर राजनीतिक दबाव की चर्चाएं भी पूरे जिले में तेज हैं। माना जा रहा है कि खुद को बचाने के लिए राजनैतिक आकाओं की मदद लेकर प्रशासन पर दबाव बनाते हुए ये रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। फिलहाल पूरे मामले में अधिकारी बेबस से दिखाई दे रहे हैं।


डीएम बोले- शासन से जवाब मिलने पर होगी कार्रवाई
डीएस कांट्रेक्टर्स फर्म को ब्लैक लिस्टेड करने और उसके खिलाफ एफआईआर कराने के लिए रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जा चुकी है। इसका अभी जवाब नहीं मिला है। जवाब मिलने के बाद उसी आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। - वैभव श्रीवास्तव, डीएम
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