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वर्ल्ड कप में फिर सक्रिय हुए सट्टेबाज
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बरेली। आईपीएल के बाद शहर भर में बुकी एक बार फिर से सक्रिय हो गए हैं। बढ़ते तापमान के बीच वर्ल्ड कप सट्टा बाजार भी गर्म है। शहर के कई रईसजादे बडे़ दांव खेल रहे हैं। आसपास के कस्बे के लोग भी शहर में आकर अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
वर्ल्ड कप सट्टे को लेकर शहर के कुछ खास इलाकों में ज्यादा ही सक्रियता है। बानखाना, नई बस्ती, त्रिलोक विहार और संजय नगर आदि इलाकों में कई जगह सट्टा लग रहा है। बारादरी के कालीबाड़ी, इज्जतनगर के रहपुरा में भी ठिकाने बनाए गए हैं। कुछ लोग दो नंबर का पैसा भी इसमें लगा रहा है। उनके पास यह पैसा कहां से आ रहा है, इसे जानने में किसी की दिलचस्पी नहीं है। शहर में जगह-जगह दुकानों पर बुकी ने अपने एजेंट छोड़ रखे हैं जो मोटा पैसा लगाने वालों पर नजर रखते हैं। इसके बदले उनको कमीशन मिलता है। इन बुकी के तार ऊपर तक जुडे़ हैं। सट्टे में भाव भी खूब चल रहा है। खिलाड़ियों पर भी दांव लगाया जा रहा है। इसमें खिलाड़ियों को चुन लिया जाता है। जिसके खिलाड़ी अधिक रन बनाते हैं वह जीत जाता है। यह दांव हजारों से शुरू होकर लाखों तक लग जाते हैं। अधिकतर सट्टा फोन पर ही लगता है और बुकी बस लेनदेन के समय ही सामने आता है। इसलिए उसे पकड़ना भी मुश्किल रहता है।
एक कमरे में लग जाता है सिस्टम
- धंधेबाज एक कमरे में सिस्टम लगाकर कहीं से भी सट्टा खेल लेते हैं। इसके लिए कई साइट्स का प्रयोग होता है, जैसे व्हीलडील, स्लाट डॉट काम आदि। मजबूत टीम जिसके जीतने की संभावना अधिक होती है, जिस टीम के खिलाड़ी बढ़िया होते हैं, वह कमजोर टीम को भाव देती है। उदाहरण के लिए बांग्लादेश और भारत का मैच ले लीजिए। भारत की टीम जो चुनेगा वह भाव देगा। यह भाव एक का बीस, एक का पचास कुछ भी हो सकता है। यह सट्टा लगाने वालों पर निर्भर है कि वह क्या तय करते हैं। अगर एक बीस का भाव तय हुआ और शर्त एक हजार रुपये की लगी तो भारत टीम लेने वाला हारने पर बारह सौ रुपये देगा और जीतने पर हजार रुपये ही मिलेंगे। बुकी बाजार से पैसा उठाकर ऊपर आनलाइन सट्टा लगाते हैं जिसमें एक खाता खोलना पड़ता है और इस खाते की एक सीमा होती है। यहां हर गेंद, हर सेशन पर सट्टा लगता है।
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कोडवर्ड में करते हैं बात
- बुकी द्वारा फोन पर सट्टे का भाव तय करते समय और सट्टा लगाते समय कोडवर्ड का इस्तेमाल होता है, ताकि कोई ट्रेस न कर पाए। इसमें पार्टी लाने वाले को फंटर और पार्टी को लाइन कहा जाता है। भाव देने को खिलाया और भाव लेने को खाया कहा जाता है। साधारण से यह शब्द करोड़ों का लेनदेन कराते हैं।
भारत की जीत से आया उछाल
- बुधवार को भारत और दक्षिण अफ्रीका के मैच पर भी लाखों के दांव लगे। दरअसल वर्ल्ड कप में भारत का यह पहला मैच था तो भी सट्टेबाज इस मैच को लेकर ज्यादा उत्साहित थे। देर रात भारत की जीत के साथ लाखों रुपये का लेनदेन सुनिश्चित कर लिया गया।
- पिछले दिनों आईपीएल मैच में सट्टा लगाने वालों की धरपकड़ की गई थी। अब वर्ल्ड कप के लिहाज से भी सट्टेबाज सक्रिय हुए होंगे। पुलिस अपने सूत्रों से इनके अड्डे पता करके कार्रवाई करेगी। - अभिनंदन सिंह, प्रभारी एसएसपी
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वर्ल्ड कप सट्टे को लेकर शहर के कुछ खास इलाकों में ज्यादा ही सक्रियता है। बानखाना, नई बस्ती, त्रिलोक विहार और संजय नगर आदि इलाकों में कई जगह सट्टा लग रहा है। बारादरी के कालीबाड़ी, इज्जतनगर के रहपुरा में भी ठिकाने बनाए गए हैं। कुछ लोग दो नंबर का पैसा भी इसमें लगा रहा है। उनके पास यह पैसा कहां से आ रहा है, इसे जानने में किसी की दिलचस्पी नहीं है। शहर में जगह-जगह दुकानों पर बुकी ने अपने एजेंट छोड़ रखे हैं जो मोटा पैसा लगाने वालों पर नजर रखते हैं। इसके बदले उनको कमीशन मिलता है। इन बुकी के तार ऊपर तक जुडे़ हैं। सट्टे में भाव भी खूब चल रहा है। खिलाड़ियों पर भी दांव लगाया जा रहा है। इसमें खिलाड़ियों को चुन लिया जाता है। जिसके खिलाड़ी अधिक रन बनाते हैं वह जीत जाता है। यह दांव हजारों से शुरू होकर लाखों तक लग जाते हैं। अधिकतर सट्टा फोन पर ही लगता है और बुकी बस लेनदेन के समय ही सामने आता है। इसलिए उसे पकड़ना भी मुश्किल रहता है।
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एक कमरे में लग जाता है सिस्टम
- धंधेबाज एक कमरे में सिस्टम लगाकर कहीं से भी सट्टा खेल लेते हैं। इसके लिए कई साइट्स का प्रयोग होता है, जैसे व्हीलडील, स्लाट डॉट काम आदि। मजबूत टीम जिसके जीतने की संभावना अधिक होती है, जिस टीम के खिलाड़ी बढ़िया होते हैं, वह कमजोर टीम को भाव देती है। उदाहरण के लिए बांग्लादेश और भारत का मैच ले लीजिए। भारत की टीम जो चुनेगा वह भाव देगा। यह भाव एक का बीस, एक का पचास कुछ भी हो सकता है। यह सट्टा लगाने वालों पर निर्भर है कि वह क्या तय करते हैं। अगर एक बीस का भाव तय हुआ और शर्त एक हजार रुपये की लगी तो भारत टीम लेने वाला हारने पर बारह सौ रुपये देगा और जीतने पर हजार रुपये ही मिलेंगे। बुकी बाजार से पैसा उठाकर ऊपर आनलाइन सट्टा लगाते हैं जिसमें एक खाता खोलना पड़ता है और इस खाते की एक सीमा होती है। यहां हर गेंद, हर सेशन पर सट्टा लगता है।
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कोडवर्ड में करते हैं बात
- बुकी द्वारा फोन पर सट्टे का भाव तय करते समय और सट्टा लगाते समय कोडवर्ड का इस्तेमाल होता है, ताकि कोई ट्रेस न कर पाए। इसमें पार्टी लाने वाले को फंटर और पार्टी को लाइन कहा जाता है। भाव देने को खिलाया और भाव लेने को खाया कहा जाता है। साधारण से यह शब्द करोड़ों का लेनदेन कराते हैं।
भारत की जीत से आया उछाल
- बुधवार को भारत और दक्षिण अफ्रीका के मैच पर भी लाखों के दांव लगे। दरअसल वर्ल्ड कप में भारत का यह पहला मैच था तो भी सट्टेबाज इस मैच को लेकर ज्यादा उत्साहित थे। देर रात भारत की जीत के साथ लाखों रुपये का लेनदेन सुनिश्चित कर लिया गया।
- पिछले दिनों आईपीएल मैच में सट्टा लगाने वालों की धरपकड़ की गई थी। अब वर्ल्ड कप के लिहाज से भी सट्टेबाज सक्रिय हुए होंगे। पुलिस अपने सूत्रों से इनके अड्डे पता करके कार्रवाई करेगी। - अभिनंदन सिंह, प्रभारी एसएसपी