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मुंगेर में मिली फरार किशोरी, सब कुछ झूठ बताया था
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बरेली। शहर के चाइल्ड लाइन शेल्टर होम से फरार किशोरी बिहार के मुंगेर में मिली। चाइल्ड लाइन की टीम ने उसे पटना के शेल्टर होम के हवाले कर दिया है। उसके पास से चोरी किया मोबाइल बरामद कर लिया गया है।
शहर निवासी एक ऑटो ड्राइवर ने कुछ दिन पहले बिहार की 14 वर्षीय किशोरी इज्जतनगर थाना पुलिस को सौंपी थी। बताया था कि यह उसे शहर में भटकती मिली है। पुलिस ने उसे चाइल्ड लाइन को सौंप दिया। किशोरी ने खुद को बिहार के वैशाली का निवासी बताया। कहा कि उसके माता-पिता की मौत हो चुकी है।
एक दिन वह शेल्टर होम की महिला कर्मचारी को कमरे में बंद करके फरार हो गई। उनका मोबाइल भी चुरा ले गई। तब चाइल्ड लाइन के जिला प्रभारी गजेंद्र सिंह ने इज्जतनगर पुलिस समेत अधिकारियों को सूचना दी। एसपी क्राइम रमेश भारतीय ने कर्मचारी के मोबाइल की सीडीआर निकलवाई। इसमें लोकेशन बिहार प्रांत में आई। इसके आधार पर चाइल्ड लाइन कर्मचारी सौरभ और हरेंद्र बिहार पहुंचे। वहां की पुलिस की मदद से किशोरी को मुंगेर शहर से खोज लिया। उसे पटना के शेल्टर होम में रखवाकर उससे मोबाइल ले लिया। पता लगा कि वह वैशाली नहीं बल्कि पटना की निवासी है। उसके माता पिता जीवित हैं, वह उनसे नाराज होकर घर से चली गई थी। बरेली में ऑटो ड्राइवर ने भी अक रात उसे अपने परिवार के साथ रखा और सुबह पुलिस को सौंप दिया।
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शहर निवासी एक ऑटो ड्राइवर ने कुछ दिन पहले बिहार की 14 वर्षीय किशोरी इज्जतनगर थाना पुलिस को सौंपी थी। बताया था कि यह उसे शहर में भटकती मिली है। पुलिस ने उसे चाइल्ड लाइन को सौंप दिया। किशोरी ने खुद को बिहार के वैशाली का निवासी बताया। कहा कि उसके माता-पिता की मौत हो चुकी है।
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एक दिन वह शेल्टर होम की महिला कर्मचारी को कमरे में बंद करके फरार हो गई। उनका मोबाइल भी चुरा ले गई। तब चाइल्ड लाइन के जिला प्रभारी गजेंद्र सिंह ने इज्जतनगर पुलिस समेत अधिकारियों को सूचना दी। एसपी क्राइम रमेश भारतीय ने कर्मचारी के मोबाइल की सीडीआर निकलवाई। इसमें लोकेशन बिहार प्रांत में आई। इसके आधार पर चाइल्ड लाइन कर्मचारी सौरभ और हरेंद्र बिहार पहुंचे। वहां की पुलिस की मदद से किशोरी को मुंगेर शहर से खोज लिया। उसे पटना के शेल्टर होम में रखवाकर उससे मोबाइल ले लिया। पता लगा कि वह वैशाली नहीं बल्कि पटना की निवासी है। उसके माता पिता जीवित हैं, वह उनसे नाराज होकर घर से चली गई थी। बरेली में ऑटो ड्राइवर ने भी अक रात उसे अपने परिवार के साथ रखा और सुबह पुलिस को सौंप दिया।
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