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धोपा मंदिर प्रकरण: एक आरोपी का सरेंडर, जेल गया
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बरेली। धोपा मंदिर के बुजुर्ग पुजारी गोकरन गिरी की मौत के मामले में हाईकोर्ट के आदेश के बाद पिछले दिनों एक आरोपी ने सीबीआई कोर्ट लखनऊ में सरेंडर कर दिया। दो आरोपी अभी फरार हैं। पूर्व बसपा विधायक वीरेंद्र सिंह की ओर से अपनी बीमारी के बारे में दी गई अर्जी के बाद हाईकोर्ट के आदेश पर डीएम को उनकी मौजूदा हालत का आकलन कराकर रिपोर्ट भी कोर्ट को सौंपी जानी है।
पिछले दिनों पूर्व बसपा विधायक वीरेंद्र सिंह की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट में सीबीआई अदालत लखनऊ में चल रहे मुकदमे की कार्यवाही रद्द करने के लिए याचिका दी गई थी। कोर्ट ने अन्य सह अभियुक्तों को तीन हफ्ते में समर्पण करने को कहा था। कोर्ट ने पूर्व विधायक की जमानत अर्जी नियमानुसार निर्णीत करने और तीन हफ्ते तक उत्पीड़नात्मक कार्रवाई न करने को कहा था। अन्य अभियुक्तों में अमन भसीन, अवधेश यादव, हरीश गंगवार शामिल हैं। हरीश गंगवार ने 23 मई को सीबीआई कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। अमन भसीन, अवधेश यादव फरार हैं। कोर्ट ने याची वीरेंद्र सिंह की बीमारी का सत्यापन कराने और अलग से उनके मामले में सुनवाई के निर्देश दिए हैं। यह आदेश पिछले माह 25 अप्रैल को न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने वीरेंद्र सिंह व अन्य की याचिका पर दिया है।
11 लोगों पर हुई थी हत्या-अपहरण की रिपोर्ट
थाना कैंट में रचना गोस्वामी की तहरीर पर वीरेंद्र सिंह, हरीश गंगवार, चैत गौटिया के अवधेश यादव, अमन भसीन, संतोष उर्फ देवेंद्र पंडित, रामपाल सैनी, नारायण दत्त पांडेय, प्रेम नारायण, देवकी नंदन जोशी, ओम प्रकाश जोशी, शिवानंद गिरि के खिलाफ गोकरन गिरी को अगवा कर हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
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नौ साल से चल रहा है मामला
धोपेश्वरनाथ मंदिर के सौंदर्यीकरण पर पूर्व विधायक और मंदिर के पुजारी के परिवार वालों में विवाद चल रहा था। 13 फरवरी 2010 को मंदिर के मुख्य पुजारी 95 वर्षीय गोकरन गिरि लापता हो गए थे। मंदिर के सरोवर की सीढ़ियों पर उनकी खड़ाऊं और लाठी मिली थी। गोकरन की पोती रचना गोस्वामी ने वीरेंद्र सिंह समेत उनके 11 समर्थकों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। अगले दिन धोपा मंदिर के सरोवर से गोकरन गिरि की लाश बरामद हुई थी।
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पिछले दिनों पूर्व बसपा विधायक वीरेंद्र सिंह की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट में सीबीआई अदालत लखनऊ में चल रहे मुकदमे की कार्यवाही रद्द करने के लिए याचिका दी गई थी। कोर्ट ने अन्य सह अभियुक्तों को तीन हफ्ते में समर्पण करने को कहा था। कोर्ट ने पूर्व विधायक की जमानत अर्जी नियमानुसार निर्णीत करने और तीन हफ्ते तक उत्पीड़नात्मक कार्रवाई न करने को कहा था। अन्य अभियुक्तों में अमन भसीन, अवधेश यादव, हरीश गंगवार शामिल हैं। हरीश गंगवार ने 23 मई को सीबीआई कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। अमन भसीन, अवधेश यादव फरार हैं। कोर्ट ने याची वीरेंद्र सिंह की बीमारी का सत्यापन कराने और अलग से उनके मामले में सुनवाई के निर्देश दिए हैं। यह आदेश पिछले माह 25 अप्रैल को न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने वीरेंद्र सिंह व अन्य की याचिका पर दिया है।
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11 लोगों पर हुई थी हत्या-अपहरण की रिपोर्ट
थाना कैंट में रचना गोस्वामी की तहरीर पर वीरेंद्र सिंह, हरीश गंगवार, चैत गौटिया के अवधेश यादव, अमन भसीन, संतोष उर्फ देवेंद्र पंडित, रामपाल सैनी, नारायण दत्त पांडेय, प्रेम नारायण, देवकी नंदन जोशी, ओम प्रकाश जोशी, शिवानंद गिरि के खिलाफ गोकरन गिरी को अगवा कर हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
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नौ साल से चल रहा है मामला
धोपेश्वरनाथ मंदिर के सौंदर्यीकरण पर पूर्व विधायक और मंदिर के पुजारी के परिवार वालों में विवाद चल रहा था। 13 फरवरी 2010 को मंदिर के मुख्य पुजारी 95 वर्षीय गोकरन गिरि लापता हो गए थे। मंदिर के सरोवर की सीढ़ियों पर उनकी खड़ाऊं और लाठी मिली थी। गोकरन की पोती रचना गोस्वामी ने वीरेंद्र सिंह समेत उनके 11 समर्थकों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। अगले दिन धोपा मंदिर के सरोवर से गोकरन गिरि की लाश बरामद हुई थी।