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चिटफंड कंपनी के एक और निदेशक को पब्लिक ने पकड़ा
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बरेली। लाखों रुपये लेकर भागी चिटफंड कंपनी के एक और निदेशक को पब्लिक ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। जानकारी पर थाने में पहुंचे उनके वकील ने पुलिस को हाईकोर्ट का स्टे ऑर्डर दिखाया तो पुलिस ने निदेशक को छोड़ दिया।
बुधवार दोपहर दो बजे ह्यूमन डेवलपमेंट फैमिली म्यूचुअल निधि लिमिटेड के निदेशक मुनेंद्र पाल सिंह पीलीभीत बाईपास रोड पर एक दुकान पर खड़े हुए थे। इसी समय निवेशक राजीव शर्मा गुजरे। उन्होंने मुनेंद्र को पहचान कर अन्य निवेशकों को बुला लिया। थोड़ी देर में सभी निवेशक वहां पहुंच गए। सूचना पर पहुंची डायल-100 पुलिस मुनेंद्र पाल सिंह को थाने ले आई। थोड़ी देर बाद मुनेंद्र के वकील भी थाने पहुंच गए। उन्होंने गिरफ्तारी न होने का दो महीने का हाईकोर्ट का स्टे दिखाया इसके बाद पुलिस ने उसे छोड़ दिया।
गौरतलब है कि इज्जतनगर क्षेत्र में संजय नगर की गली नंबर दस के वेदप्रकाश ने 2015 में घर के पास एक कमरा किराए पर लेकर कंपनी खोली थी। आरोप है कि कंपनी ने लोगों को तीन साल में रुपये दोगुने करने का झांसा देकर लाखों रुपये निवेश करा लिए। दो मई को वेदप्रकाश भागने की फिराक में था, उसी समय सैकड़ों निवेशकों ने उसके घर धावा बोल दिया। वेदप्रकाश तो मौके से भाग गया, लेकिन लोगों ने उसकी पत्नी सोनतारा और निदेशक सुनील गुप्ता को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। राजीव शर्मा की तहरीर पर पुलिस ने वेदप्रकाश, सुमित गुप्ता, मुनेंद्र पाल सिंह और सोनतारा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने सोनतारा और सुनील को जेल भेज दिया। इज्जतनगर इंस्पेक्टर मनोज त्यागी ने बताया कि हाईकोर्ट का स्टे देखने के बाद मुनेंद्र को छोड़ा गया है।
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बुधवार दोपहर दो बजे ह्यूमन डेवलपमेंट फैमिली म्यूचुअल निधि लिमिटेड के निदेशक मुनेंद्र पाल सिंह पीलीभीत बाईपास रोड पर एक दुकान पर खड़े हुए थे। इसी समय निवेशक राजीव शर्मा गुजरे। उन्होंने मुनेंद्र को पहचान कर अन्य निवेशकों को बुला लिया। थोड़ी देर में सभी निवेशक वहां पहुंच गए। सूचना पर पहुंची डायल-100 पुलिस मुनेंद्र पाल सिंह को थाने ले आई। थोड़ी देर बाद मुनेंद्र के वकील भी थाने पहुंच गए। उन्होंने गिरफ्तारी न होने का दो महीने का हाईकोर्ट का स्टे दिखाया इसके बाद पुलिस ने उसे छोड़ दिया।
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गौरतलब है कि इज्जतनगर क्षेत्र में संजय नगर की गली नंबर दस के वेदप्रकाश ने 2015 में घर के पास एक कमरा किराए पर लेकर कंपनी खोली थी। आरोप है कि कंपनी ने लोगों को तीन साल में रुपये दोगुने करने का झांसा देकर लाखों रुपये निवेश करा लिए। दो मई को वेदप्रकाश भागने की फिराक में था, उसी समय सैकड़ों निवेशकों ने उसके घर धावा बोल दिया। वेदप्रकाश तो मौके से भाग गया, लेकिन लोगों ने उसकी पत्नी सोनतारा और निदेशक सुनील गुप्ता को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। राजीव शर्मा की तहरीर पर पुलिस ने वेदप्रकाश, सुमित गुप्ता, मुनेंद्र पाल सिंह और सोनतारा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने सोनतारा और सुनील को जेल भेज दिया। इज्जतनगर इंस्पेक्टर मनोज त्यागी ने बताया कि हाईकोर्ट का स्टे देखने के बाद मुनेंद्र को छोड़ा गया है।
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