{"_id":"5c59edc7bdec224ca3490c24","slug":"151549397447-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"घने कोहरे में इंजन नहीं देख सकी महिला, कटकर मौत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
घने कोहरे में इंजन नहीं देख सकी महिला, कटकर मौत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। सुबह घने कोहरे ने एक महिला की जान ले ली। नौकरी पर जा रही महिला को न तो इंजन दिखाई दिया और न ही आवाज सुनाई दी। पटरी पार करते वक्त इंजन की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो ई।
भोजीपुरा की अधकटा ब्रह्ननान गांव के प्रमोद कुमार शर्मा परिवार के साथ इज्जतनगर के गायत्री नगर में रहते हैं। मंगलवार सुबह आठ बजे उनकी पत्नी रितु शर्मा मिनी बाईपास के एक अस्पताल में काम के लिए घर से निकली। उस समय भोजीपुरा की ओर से केवल इंजन इज्जतनगर स्टेशन की ओर आ रहा था। घने कोहरे में रितु को इंजन दिखाई नहीं दिया। जिस कारण पटरी पार करते समय वह इंजन की चपेट में आ गई। रितु की मौत की खबर घर पहुंची तो कोहराम मच गया। मुहल्ले वाले घटना स्थल पर पहुंच गए। सूचना मिलते ही बैरियर वन चौकी इंचार्ज दिनेश कुमार आदि मौके पर पहुंच गए। पति प्रमोद ने बताया कि सुबह पौने आठ बजे वह बेटे को स्कूल छोड़ कर आई थी। इसके बाद कुछ घर पर रुकी फिर अस्पताल जाने के निकल गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया।
रास्ते पर कब्जा.. दो साल में दो लोगों की कटकर मौत
गायत्री नगर में लोगों ने सड़क के रास्ते पर भी कब्जा कर लिया है। जिससे लोगों के पास सड़क पर पहुंचने के लिए पटरियां पार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। घरों के चारों ओर हर समय पानी भरा होने से गायत्री नगर का कुछ हिस्सा टापू बन जाता है। पटरिया पार करते से ट्रेन की चपेट में महिला समेत दो लोगों की मौत हो चुकी है। दो साल पहले सेवाराम शर्मा की सुबह सुबह ट्रेन से कर मौत हो गई थी। छह महीने पहले खड़गसिंह के एक परिवार की महिला भी ट्रेन से कट गई थी।
विज्ञापन
बाउंड्री स्टोन लगाकर ही भूल गया इज्जतनगर मंडल
बरेली। बरेली भोजीपुरा सेक्शन पर बड़ी लाइन बिछने के बाद रेलवे ने गायत्री नगर की ओर बाउंड्री स्टोन लगाकर रेलवे की हद तय कर दी थी। लोगों ने स्टोन को नजरअंदाज करते हुए अपने मकानों का निर्माण काफी आगे तक लिया। इंजीनियरिंग अनुभाग इससे एक कदम आगे निकला। लोगों ने पटरी से निकलना शुरू किया तो पटरियों की बेरिकेडिंग लगा दिया। अधिकारी ने भी बाउंड्री स्टोन पर ध्यान नहीं दिया। जिसका फायदा लोगों ने उठाया और सड़क की जगह भी कब्जा कर ली। अब गायत्री नगर में न पटरियों की जगह है और न ही पटरी बिछाने की।
विज्ञापन
भोजीपुरा की अधकटा ब्रह्ननान गांव के प्रमोद कुमार शर्मा परिवार के साथ इज्जतनगर के गायत्री नगर में रहते हैं। मंगलवार सुबह आठ बजे उनकी पत्नी रितु शर्मा मिनी बाईपास के एक अस्पताल में काम के लिए घर से निकली। उस समय भोजीपुरा की ओर से केवल इंजन इज्जतनगर स्टेशन की ओर आ रहा था। घने कोहरे में रितु को इंजन दिखाई नहीं दिया। जिस कारण पटरी पार करते समय वह इंजन की चपेट में आ गई। रितु की मौत की खबर घर पहुंची तो कोहराम मच गया। मुहल्ले वाले घटना स्थल पर पहुंच गए। सूचना मिलते ही बैरियर वन चौकी इंचार्ज दिनेश कुमार आदि मौके पर पहुंच गए। पति प्रमोद ने बताया कि सुबह पौने आठ बजे वह बेटे को स्कूल छोड़ कर आई थी। इसके बाद कुछ घर पर रुकी फिर अस्पताल जाने के निकल गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया।
विज्ञापन
रास्ते पर कब्जा.. दो साल में दो लोगों की कटकर मौत
गायत्री नगर में लोगों ने सड़क के रास्ते पर भी कब्जा कर लिया है। जिससे लोगों के पास सड़क पर पहुंचने के लिए पटरियां पार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। घरों के चारों ओर हर समय पानी भरा होने से गायत्री नगर का कुछ हिस्सा टापू बन जाता है। पटरिया पार करते से ट्रेन की चपेट में महिला समेत दो लोगों की मौत हो चुकी है। दो साल पहले सेवाराम शर्मा की सुबह सुबह ट्रेन से कर मौत हो गई थी। छह महीने पहले खड़गसिंह के एक परिवार की महिला भी ट्रेन से कट गई थी।
विज्ञापन
बाउंड्री स्टोन लगाकर ही भूल गया इज्जतनगर मंडल
बरेली। बरेली भोजीपुरा सेक्शन पर बड़ी लाइन बिछने के बाद रेलवे ने गायत्री नगर की ओर बाउंड्री स्टोन लगाकर रेलवे की हद तय कर दी थी। लोगों ने स्टोन को नजरअंदाज करते हुए अपने मकानों का निर्माण काफी आगे तक लिया। इंजीनियरिंग अनुभाग इससे एक कदम आगे निकला। लोगों ने पटरी से निकलना शुरू किया तो पटरियों की बेरिकेडिंग लगा दिया। अधिकारी ने भी बाउंड्री स्टोन पर ध्यान नहीं दिया। जिसका फायदा लोगों ने उठाया और सड़क की जगह भी कब्जा कर ली। अब गायत्री नगर में न पटरियों की जगह है और न ही पटरी बिछाने की।