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बड़े भाई के जुर्म में छोटे को थाने में बैठाया, मां सदमे में चल बसी
Updated Sat, 10 Nov 2018 02:37 AM IST
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बरेली। पीलीभीत हाईवे स्थित निजी अस्पताल में महिला की मौत होने के बाद परिवार ने कैंट पुलिस को कठघरे में खड़ा किया है। परिजन के मुताबिक महिला के बेटे को एक लड़की भगाने के मामले में हिरासत में लिया गया है, इसी सदमे में उसकी मौत हो गई।
कांधरपुर निवासी विपिन कुछ दिन पहले गांव की ही एक युवती को भगा ले गया था। युवती की बरामदगी के लिए कैंट पुलिस ने विपिन के 17 वर्षीय भाई अरुण को बृहस्पतिवार रात पूछताछ के लिए हिरासत में लिया और रात भर थाने में ही बैठाए रखा। इसी दौरान अरुण की 45 वर्षीय मां अनीता की तबीयत बिगड़ गई तो उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां शुक्रवार रात उनकी मौत हो गई। पिता सोमपाल का आरोप है कि अरुण के पुलिस की गिरफ्त में होने के सदमे में उसकी मां की मौत हो गई। उनका आरोप है कि मां की स्थिति बताने के बावजूद पुलिस ने शुक्रवार रात तक अरुण को नहीं छोड़ा। डॉक्टरों के मुताबिक महिला को पांच दिन पहले दिमाग की बीमारी के इलाज के बाद डिस्चार्ज किया गया था। शुक्रवार को परिवार वाले दोबारा अस्पताल लेकर आए, लेकिन उनकी ब्रेन हेमरेज से मौत हो गई।
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कांधरपुर निवासी विपिन कुछ दिन पहले गांव की ही एक युवती को भगा ले गया था। युवती की बरामदगी के लिए कैंट पुलिस ने विपिन के 17 वर्षीय भाई अरुण को बृहस्पतिवार रात पूछताछ के लिए हिरासत में लिया और रात भर थाने में ही बैठाए रखा। इसी दौरान अरुण की 45 वर्षीय मां अनीता की तबीयत बिगड़ गई तो उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां शुक्रवार रात उनकी मौत हो गई। पिता सोमपाल का आरोप है कि अरुण के पुलिस की गिरफ्त में होने के सदमे में उसकी मां की मौत हो गई। उनका आरोप है कि मां की स्थिति बताने के बावजूद पुलिस ने शुक्रवार रात तक अरुण को नहीं छोड़ा। डॉक्टरों के मुताबिक महिला को पांच दिन पहले दिमाग की बीमारी के इलाज के बाद डिस्चार्ज किया गया था। शुक्रवार को परिवार वाले दोबारा अस्पताल लेकर आए, लेकिन उनकी ब्रेन हेमरेज से मौत हो गई।
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