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शादी की सालगिरह पर आई धर्मेंद्र की मौत की खबर
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बरेली। साथ में कारोबार और सैर सपाटा करने वाले तीन दोस्तों की मौत एक साथ हुई। कुछ देर के अंतराल पर आसपास ही तीनों की चिताएं जलीं तो सैकड़ों लोगों की आंखें भर आईं। धर्मेंद्र के परिवार पर तो जैसे कुदरत का कहर टूटा। रविवार को उनकी शादी की सालगिरह थी। पत्नी और परिजन बेसब्री से वापसी का इंतजार कर रहे थे लेकिन उनका शव पहुंचा।
हादसे में जान गंवाने वाले बरेली निवासी धर्मेंद्र की रविवार को शादी की सालगिरह थी। इसे लेकर परिवार में खुशी का माहौल था। सालगिरह से पहले धर्मेंद्र की मौत की खबर ने परिवार की खुशियां काफूर कर दी। तीन बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। धर्मेंद्र की शादी वर्ष 2004 में फतेहगंज पूर्वी निवासी रेनू शर्मा से हुई थी। धर्मेंद्र के दो बेटे और एक बेटी है। बेटी महक कक्षा छह, बेटा कुनाल कक्षा दो और अरुण अभी नर्सरी में है। धर्मेंद्र के साले रवि मिश्रा ने बताया कि बहनोई हर साल सालगिरह पर बड़ा कार्यक्रम करते थे। इस बार भी 28 अप्रैल को प्रोग्राम था इसलिए वह रात में ही दिल्ली से चल दिए। मगर, उनके घर पहुंचने से पहले मौत की खबर पहुंची।
बहन की कार लेकर दिल्ली गए थे दोस्त
बरेली। धर्मेंद्र चौपुला चौराहे पर गौरव ट्रेवल्स के नाम से ट्रेवल एजेंसी चलाते थे। ओमप्रकाश की भी पड़ोस में रवि ट्रेवल्स नाम से ट्रेवल एजेंसी थी। धर्मेंद्र काफी समय से किसी हालिया मॉडल की बस खरीदने की कोशिश में थे। दिल्ली में प्रदूषण मानक की वजह से ऐसी बस सस्ते में मिलने की उम्मीद थी। इसलिए वे अक्सर दिल्ली जाते थे। बसों का पारखी होने की वजह से ओमप्रकाश को भी साथ ले जाते थे। पड़ोसी जयप्रकाश धर्मेंद्र के अजीज दोस्त होने के साथ ही प्राइवेट जॉब करते थे और अच्छी ड्राइविंग करते थे। हादसे में घायल हरवंश फाइनेंसर का काम करते थे और धंधे के संबंधों की वजह से धर्मेंद्र के दोस्त बन गए थे। धर्मेंद्र ने अपनी छोटी बहन को दहेज में अल्टो 800 कार दी थी। बहनोई के रेलवे में होने की वजह से उनके क्वार्टर में कार खड़ी करने की दिक्कत रहती थी। इस वजह से कार अक्सर धर्मेंद्र के ही पास रहती थी। वे लोग इसी कार से गए थे जो बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के साथ ही तीन लोगों की मौत का सबब बन गई।
हादसे में जान गंवाने वाले बरेली निवासी धर्मेंद्र की रविवार को शादी की सालगिरह थी। इसे लेकर परिवार में खुशी का माहौल था। सालगिरह से पहले धर्मेंद्र की मौत की खबर ने परिवार की खुशियां काफूर कर दी। तीन बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। धर्मेंद्र की शादी वर्ष 2004 में फतेहगंज पूर्वी निवासी रेनू शर्मा से हुई थी। धर्मेंद्र के दो बेटे और एक बेटी है। बेटी महक कक्षा छह, बेटा कुनाल कक्षा दो और अरुण अभी नर्सरी में है। धर्मेंद्र के साले रवि मिश्रा ने बताया कि बहनोई हर साल सालगिरह पर बड़ा कार्यक्रम करते थे। इस बार भी 28 अप्रैल को प्रोग्राम था इसलिए वह रात में ही दिल्ली से चल दिए। मगर, उनके घर पहुंचने से पहले मौत की खबर पहुंची।
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बहन की कार लेकर दिल्ली गए थे दोस्त
बरेली। धर्मेंद्र चौपुला चौराहे पर गौरव ट्रेवल्स के नाम से ट्रेवल एजेंसी चलाते थे। ओमप्रकाश की भी पड़ोस में रवि ट्रेवल्स नाम से ट्रेवल एजेंसी थी। धर्मेंद्र काफी समय से किसी हालिया मॉडल की बस खरीदने की कोशिश में थे। दिल्ली में प्रदूषण मानक की वजह से ऐसी बस सस्ते में मिलने की उम्मीद थी। इसलिए वे अक्सर दिल्ली जाते थे। बसों का पारखी होने की वजह से ओमप्रकाश को भी साथ ले जाते थे। पड़ोसी जयप्रकाश धर्मेंद्र के अजीज दोस्त होने के साथ ही प्राइवेट जॉब करते थे और अच्छी ड्राइविंग करते थे। हादसे में घायल हरवंश फाइनेंसर का काम करते थे और धंधे के संबंधों की वजह से धर्मेंद्र के दोस्त बन गए थे। धर्मेंद्र ने अपनी छोटी बहन को दहेज में अल्टो 800 कार दी थी। बहनोई के रेलवे में होने की वजह से उनके क्वार्टर में कार खड़ी करने की दिक्कत रहती थी। इस वजह से कार अक्सर धर्मेंद्र के ही पास रहती थी। वे लोग इसी कार से गए थे जो बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के साथ ही तीन लोगों की मौत का सबब बन गई।
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