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जहां खुशियों के गीत गूंज रहे थे वहां से निकलीं मातमी चीखें

Fri, 22 Feb 2019 12:43 AM IST
pawan chandra पवन चंद्रा
Updated Fri, 22 Feb 2019 12:43 AM IST
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जहां खुशियों के गीत गूंज रहे थे वहां से निकलीं मातमी चीखें
फरीदपुर। कॉलेज की बस ने जिस बाइक को टक्कर मारी वह फरीदपुर केमोहल्ला महादेव निवासी व्यापारी राकेश की थी। पड़ोस में ही वह परचून की दुकान चलाते थे। 15 दिन बाद उनकी बेटी की शादी होनी है। पूरा घर शादी की तैयारियों में जुटा था। घर में खुशी का माहौल था। राकेश भी बेटे के साथ शादी के कार्ड बांटने निकले थे। रास्ते में दुर्घटना में उनकी मौत हो गई। बेटा रवि भी बुरी तरह घायल हो गया। हादसे की खबर जैसे ही घर पहुंची तो खुशियां मातम में बदल गईं। जिस घर में ढोलक की थाप गूंज रही थी वहां चीत्कार मच गया। परिवार की बदकिस्मती है कि चार साल पूर्व एक दुर्घटना में राकेश ने अपने दूसरे बेटे बॉबी को खो दिया था। हाईवे पर ही टेंपो पलटने से बॉबी की मौत हो गई थी। सदमे से परिवार उबर भी नहीं पाया कि एक और घटना हो गई।
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बेटा रवि युवा व्यापार मंडल का नगर मंत्री था। राकेश ने पुत्री मंजू की शादी ग्राम कानपुर निवासी राज के साथ तय की थी। नौ मार्च को शादी होनी थी। वे शादी की तैयारी में लगे थे। कार्ड बांटने के लिए बेटे को भी साथ ले गए। रवि बाइक चला रहा था तो राकेश पीछे बैठे थे। बस ड्राइवर की जल्दबाजी से यह दुर्घटना हुई। घटना से परिवार के साथ ही मोहल्ले में गम का माहौल है।
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