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बरेली का कोली बोला- झूठा फंसाने वालों को जान से मार दूंगा
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बरेली का कोली बोला- झूठा फंसाने वालों को जान से मार दूंगा
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
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बरेली। बरेली का ‘कोली’ साबित हो रहा बच्चा चोरी के आरोपी विजय को बारादरी पुलिस ने सोमवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। इससे पहले उसने थाना परिसर में भी खूब डॉयलॉगबाजी की। बोला- उसे झूठा फंसाया गया है। वह जेल से निकलकर इन लोगों को जान से मार देगा। उसकी हरकतों से तंग परिजनों ने भी उसकी जमानत कराने से इंकार कर दिया।
रविवार शाम जगतपुर में दस साल की बच्ची का हाथ पकड़कर ले जाते वक्त विजय को पकड़ा गया था। उसे पीटकर पुलिस को सौंपा गया। बच्ची के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रात भर वह काफी नशे में था और लॉकअप में बड़बड़ाता रहा। मंगलवार को नशा उतरने पर उसे कोर्ट भेजा गया। उसने बताया कि वह नगर निगम में एक सुपरवाइजर के कहने पर महिला सफाईकर्मी के बदले कटरा चांद खां में सफाई का काम करता है। घंटे भर के काम के पंद्रह सौ रुपये महीने मिलते हैं, जिसकी वो शराब पी लेता है। कुछ लोगों से उसका झगड़ा चल रहा है। रविवार को इन्हीं लोगों ने उसे पीटा और झूठे केस में फंसा दिया। कहा कि बच्चों को चीज खिलाना उसका शौक है। पहले भी फजूल में फंसाया गया था।
परिवार वालों ने झाड़ा पल्ला
विजय का एक छोटा भाई विकास भवन में सफाईकर्मी तो दूसरा रुद्रपुर के होटल में कुक है। दोनों में से कोई उससे मिलने नहीं आया। घर पर उसकी भाभी व अन्य महिलाएं मिलीं। उन्होंने बताया कि उसकी हरकतें अजीब हैं। सितंबर में जमानत के बाद ही नहाया था। रात में कभी छत पर आकर सो जाता है, तो कभी आता ही नहीं। भाभी ने उसकी जमानत कराने से इंकार किया। कहा कि पिछली बार उनकी सास ने कर्ज लेकर उसकी जमानत कराई थी। दोबारा उसने ऐसी हरकत की है तो वे लोग जिम्मेदार नहीं हैं। पिछली बार जमानत कराने वाली मां भी इस बार विजय से मिलने नहीं आईं।
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रविवार शाम जगतपुर में दस साल की बच्ची का हाथ पकड़कर ले जाते वक्त विजय को पकड़ा गया था। उसे पीटकर पुलिस को सौंपा गया। बच्ची के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रात भर वह काफी नशे में था और लॉकअप में बड़बड़ाता रहा। मंगलवार को नशा उतरने पर उसे कोर्ट भेजा गया। उसने बताया कि वह नगर निगम में एक सुपरवाइजर के कहने पर महिला सफाईकर्मी के बदले कटरा चांद खां में सफाई का काम करता है। घंटे भर के काम के पंद्रह सौ रुपये महीने मिलते हैं, जिसकी वो शराब पी लेता है। कुछ लोगों से उसका झगड़ा चल रहा है। रविवार को इन्हीं लोगों ने उसे पीटा और झूठे केस में फंसा दिया। कहा कि बच्चों को चीज खिलाना उसका शौक है। पहले भी फजूल में फंसाया गया था।
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परिवार वालों ने झाड़ा पल्ला
विजय का एक छोटा भाई विकास भवन में सफाईकर्मी तो दूसरा रुद्रपुर के होटल में कुक है। दोनों में से कोई उससे मिलने नहीं आया। घर पर उसकी भाभी व अन्य महिलाएं मिलीं। उन्होंने बताया कि उसकी हरकतें अजीब हैं। सितंबर में जमानत के बाद ही नहाया था। रात में कभी छत पर आकर सो जाता है, तो कभी आता ही नहीं। भाभी ने उसकी जमानत कराने से इंकार किया। कहा कि पिछली बार उनकी सास ने कर्ज लेकर उसकी जमानत कराई थी। दोबारा उसने ऐसी हरकत की है तो वे लोग जिम्मेदार नहीं हैं। पिछली बार जमानत कराने वाली मां भी इस बार विजय से मिलने नहीं आईं।
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