फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   किला के एक होटल में हुआ था सोने का सौदा

किला के एक होटल में हुआ था सोने का सौदा

Thu, 08 Jun 2017 11:50 PM IST
Updated Thu, 08 Jun 2017 11:50 PM IST
विज्ञापन
किला के एक होटल में हुआ था सोने का सौदा
आठ किलो सोने को लूटने के बाद किला के एक होटल के कमरा नंबर 222 में डील हुई थी। क्राइम ब्रांच ने यह खुलासा करते हुए पांच मई को होटल में ठहरे हुए लोगों की जांच शुरू की है। बताया जा रहा है कि वारदात के बाद होटल के कमरे में बदमाश और सराफ की मुलाकात हुई थी। किला के सराफ सचिन ने पूरा सोना उसके हवाले करने के लिए कहा था, लेकिन बदमाशों ने पूरा सोना सराफ को नहीं दिया था। सिर्फ दो बिस्किट देकर टोकन मनी ली गई थी। पुलिस को बदमाशों के होटल में छिपे होने का सुराग मिला था। पुलिस टीम किला में होटल पर दबिश देने पहुंची, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले बदमाश आई 10 कार में प्रेमनगर की तरफ चल दिये थे। पुलिस ने कार का पीछा करके बदमाशों को दबोच लिया था।
विज्ञापन


गुरुवार को किला थाने के इंस्पेक्टर उरेंद्र सिंह ने होटल में पांच मई को ठहरे हुए लोगों का डिटेल होटल मालिक से मांगा था। किला एसएचओ उरेंद्र सिंह ने होटल मालिक से पूछताछ की तो होटल के दस्तावेज में सामने आया कि आठ लोग पांच मई को ठहरे थे। पुलिस को इन लोगों में प्रदीप कोहली की तलाश थी। प्रदीप कुमार नाम के एक व्यक्ति इस होटल में रूके थे, लेकिन तस्दीक में वह दिल्ली में मिले। अब पुलिस मान रही है कि बदमाश बिना आईडी के सेटिंग से होटल में रुके हुए थे। दबिश पड़ने से पहले ही उन्होेंने होटल छोड़ दिया था।
विज्ञापन


तीन मई को टिसुआ के पास से सोना लूटने के बाद अरुण और मनोज सुभाषनगर के राजीव कॉलोनी में अपने दोस्त नरेश के घर पर ठहरे थे। जबकि सोनू उर्फ सरबजी और प्रदीप कोहली इज्जतनगर में जा छिपे थे। सुबह अखबार पढ़ने के बाद मनोज और अरुण पिथौरागढ़ के लिए भाग निकले थे। जबकि बाकी बदमाशों ने शहर छोड़ने की प्लानिंग बनाना शुरू कर दिया था। सरबजीत और प्रदीप ने किला के सराफ सचिन और वीरेंद्र से संपर्क करके सोने का सौदा शुरू कर दिया। खतरा देखकर सचिन ने ही सुझाव दिया था कि वह किला के पास होटल में रुकें, यही पर डील होगी। पांच की सुबह बदमाश होटल में कमरा लेकर ठहरे, लेकिन अरुण और मनोज के वापस लौटने के बाद बदमाश नेपाल के लिए छह मई की सुबह निकल पड़े थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


नाम बदलकर ठहरे थे बदमाश
होटल के रिकार्ड में बदमाशों के नाम नहीं मिले, लेकिन बदमाशों का कहना है कि वह इसी होटल में रूके थे। ऐसे में पुलिस मान रही है कि बदमाशों ने नाम बदलकर इस होटल में कमरा लिया था। हालांकि पुलिस जांच में अभी तक इस होटल का जिक्र नहीं है।

पुलिस के रडार पर शहर के दो और सराफ
बदमाशों ने लूट के बाद शहर के एक नामचीन सराफ को वारदात के बारे में बता दिया था। एसटीएफ को मोबाइल रिकार्डिंग में पूरा वार्तालाप भी मिला है। अब पुलिस के निशाने पर ये दो सराफ भी है। जिन्होंने वारदात के बाद बदमाशों के संपर्क में आने के बाद पुलिस को सूचना नहीं दी। जल्द इन दोनों सराफ से पूछताछ हो सकती है।


गिरफ्तारी के लिए दबिशें
पुलिस ने गुरुवार को भी दबिशों का दौर जारी रखा। बदमाशों के कई अड्डों पर छापेमारियां हुई, लेकिन फरार बदमाशों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। एसएसपी जोगेंद्र कुमार के मुताबिक बहुत जल्द फरार बदमाशों की गिरफ्तारी भी हो जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed