{"_id":"5bcb6cfebdec2269c10f8a3d","slug":"121540058366-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऑनर किलिंग : भाई ने गला घोंटा, पिता ने सरिया से बिगाड़ दिया था चेहरा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
ऑनर किलिंग : भाई ने गला घोंटा, पिता ने सरिया से बिगाड़ दिया था चेहरा
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Sat, 20 Oct 2018 11:29 PM IST
विज्ञापन
देवरनिया नहर से 10 दिन पहले पुलिस ने अज्ञात युवती की लाश बरामद की थी। शव के एक हाथ पर मोबाइल नंबर अंकित था, लेकिन मछलियों के लाश को कई जगह से नोचकर खा लेने से पुलिस को सिर्फ नो डिजिट ही मिलीं। यही नंबर इस घटना के खुलासे में अहम साबित हुआ। पुलिस ने बताया कि यह ऑनर किलिंग का मामला था। भोजीपुरा की 20 वर्षीय अंजुम के प्रेम संबंधों से नाराज पिता बन्ने शाह और भाई काजिम अली ने ही उसकी हत्या कर शव नहर में फेंक दिया था।
बकौल पुलिस, बन्ने शाह और काजिम अली 10 दिन पहले अंजुम को रिश्तेदारी में ले जाने के बहाने देवरनिया ले गए। वहां नहर किनारे बन्ने ने बेटी का मुंह दबाया, जबकि भाई काजिम अली ने उसका रुमाल से गला घोंट दिया। हत्या करने के बाद उसकी पहचान मिटाने के लिए बन्ने ने सरिया से वार करके चेहरा बिगाड़ा दिया। फिर लाश नहर में फेंक दी। पुलिस ने नौ अक्तूबर को जब लाश बरामद की तब तक लाश का काफी हिस्सा मछलियां खा चुकी थीं। उसके दाएं हाथ पर मोबाइल नंबर लिखा था, उसकी भी सिर्फ नो डिजिट ही पुलिस को मिलीं।
देवरनिया थाना प्रभारी मनोज कुमार ने इन नंबरों के आगे और पीछे संभावित अंकों को जोड़कर लोगों से संपर्क करना शुरू किया। एक नंबर पर बात होने के बाद वह नंबर बंद हो गया। इससे उन्हें शक हुआ। छानबीन की तो वह नंबर भोजीपुरा के काजिम अली का निकला। इंस्पेक्टर ने किसी दूसरे नंबर से काजिम को फोन किया और खुद को देवरनयिा का रहने वाला बताकर कहा कि पुलिस को नदी में मिली लाश का सुराग लग गया है। तुम फंस गए हो। इसके बाद काजिम ने घबराकर सारी कहानी उगल दी। उसकी ऑडियो रिकार्डिंग पुलिस के पास बतौर सबूत आ गई। इसके बाद पुलिस ने पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन
घर छोड़ किराए के मकान में रहने लगी थी अंजुम
भाई काजिम अली ने पुलिस लाइन में बताया कि अंजुम के प्रेम प्रसंग से परिवार की बहुत बदनामी होने लगी थी। अंजुम ने अपने प्रेमी की खातिर घर भी छोड़ दिया था और किराए के मकान में रहने लगी थी। तब उसकी हत्या की प्लानिंग बनाई गई। पुलिस ने दोनों हत्यारोपियों को जेल भेज दिया है।
विज्ञापन
बकौल पुलिस, बन्ने शाह और काजिम अली 10 दिन पहले अंजुम को रिश्तेदारी में ले जाने के बहाने देवरनिया ले गए। वहां नहर किनारे बन्ने ने बेटी का मुंह दबाया, जबकि भाई काजिम अली ने उसका रुमाल से गला घोंट दिया। हत्या करने के बाद उसकी पहचान मिटाने के लिए बन्ने ने सरिया से वार करके चेहरा बिगाड़ा दिया। फिर लाश नहर में फेंक दी। पुलिस ने नौ अक्तूबर को जब लाश बरामद की तब तक लाश का काफी हिस्सा मछलियां खा चुकी थीं। उसके दाएं हाथ पर मोबाइल नंबर लिखा था, उसकी भी सिर्फ नो डिजिट ही पुलिस को मिलीं।
विज्ञापन
देवरनिया थाना प्रभारी मनोज कुमार ने इन नंबरों के आगे और पीछे संभावित अंकों को जोड़कर लोगों से संपर्क करना शुरू किया। एक नंबर पर बात होने के बाद वह नंबर बंद हो गया। इससे उन्हें शक हुआ। छानबीन की तो वह नंबर भोजीपुरा के काजिम अली का निकला। इंस्पेक्टर ने किसी दूसरे नंबर से काजिम को फोन किया और खुद को देवरनयिा का रहने वाला बताकर कहा कि पुलिस को नदी में मिली लाश का सुराग लग गया है। तुम फंस गए हो। इसके बाद काजिम ने घबराकर सारी कहानी उगल दी। उसकी ऑडियो रिकार्डिंग पुलिस के पास बतौर सबूत आ गई। इसके बाद पुलिस ने पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन
घर छोड़ किराए के मकान में रहने लगी थी अंजुम
भाई काजिम अली ने पुलिस लाइन में बताया कि अंजुम के प्रेम प्रसंग से परिवार की बहुत बदनामी होने लगी थी। अंजुम ने अपने प्रेमी की खातिर घर भी छोड़ दिया था और किराए के मकान में रहने लगी थी। तब उसकी हत्या की प्लानिंग बनाई गई। पुलिस ने दोनों हत्यारोपियों को जेल भेज दिया है।