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चौबीस दिन पुराने विवाद के चलते हुआ मौलाना पर हमला

Mon, 31 Jul 2017 12:10 PM IST
Updated Mon, 31 Jul 2017 12:10 PM IST
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चौबीस दिन पुराने विवाद के चलते हुआ मौलाना पर हमला
चौबीस दिन पुराने विवाद के चलते हुआ मौलाना पर हमला - फोटो : बरेली, अमर उजाला
बरेली।
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बीवीजी की मस्जिद के नायब इमाम मौलाना महमूद आलम पर हमले के बाद पुलिस जांच में सामने आया कि चौबीस दिन पहले हिस्ट्रीशीटर अंकित यादव के गिरोह के बदमाशों से झगड़े की रंजिश में दोबारा हमला हुआ। बदमाशों ने ही बीवी जी की मस्जिद पर शुरू हुए निर्माण पर करीब सात दिन पहले कोतवाली में आपत्ति दर्ज करवाकर काम रुकवा दिया था, जिसके बाद हंगामा हुआ था। इसी कड़ी में इमाम को अकेला पाकर बदमाशों ने शनिवार को हमला कर दिया। एहतियातन मस्जिद पर भारी पुलिस तैनात रखी गई।
हमले के दूसरे दिन पुलिस ने गैंगस्टर के वांछित शानू उपाध्याय, रोहित यादव, मनोज और हरदू के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज की, लेकिन गिरफ्तारी नहीं हो सकी। मौलाना महमूद आलम ने बताया कि वह इबादत में रहते हैं, किसी से कोई रंजिश नहीं। जिन लड़कों ने उन पर हमला किया, उन्हें वह ठीक से पहचानते तक नहीं। जिस वक्त हमला हुआ वह धमका रहे थे कि पुलिस में शिकायत नहीं करनी चाहिए थी। मौलाना के मुताबिक, 6 जुलाई को हुए हमले के बाद उनके द्वारा पुलिस में शिकायत के बाद अगर सभी आरोपियों की पहचान करके पुलिस ने कार्रवाई की होती तो दोबारा हमला नहीं होता।
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पहले भी हुई थी मारपीट
बीती 6 जुलाई को मौलाना एक प्रोग्राम में शिरकत करने के लिए जा रहे थे। बिहारीपुर का दीपू यादव अपने दो और साथियों के साथ शराब में धुत आ रहा था। गली में इमाम के साथ वह उलझ गया। गाली-गलौज का मौलाना ने विरोध किया तो उनके साथ मारपीट की गई और रुपये लूटकर सभी भाग निकले थे। मौलाना की तरफ से कोतवाली मेें रिपोर्ट दर्ज करवाने के बाद दीपू यादव को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया था।
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दीपू के जेल जाने से बौखलाए साथी
दरअसल, दीपू के जेल जाने से बौखलाए उसके साथी रोहित यादव, हरदू और शानू उपाध्याय ने मौलाना पर हमले की तैयारी की थी। शनिवार शाम उन्हें मौका मिला। मोबाइल रिचार्ज कराने घर से निकले मौलाना को घेरकर मारपीट की गई और उसका सिर खंभे में मारकर फोड़ दिया गया। इसके बाद बदमाश फरार हो गए। पुलिस मानती है कि पहले हमला इत्तेफाक से हुआ, लेकिन दूसरा हमला साजिशन किया गया। पुलिस ने हरदू के पिता को उठाकर सुभाषनगर थाने में रखा है। बिहारीपुर से पुलिस ने युवक को उठाया है। लोगों के अनुसार, हमले के आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने निर्दोषों को भी थाने में बैठा लिया है।

जेल में बंद हिस्ट्रशीटर से
बदमाशों ने की थी बात
बरेली। हमले से पहले बिहारीपुर के हिस्ट्रीशीटर अंकित यादव से हनी और रोहित सिंह ने मुलाकात की थी। पुलिस मान रही है कि अंकित के इशारे पर दोबारा हमला हुआ। इमाम पर हमले में शामिल शानू उपाध्याय ने 22 दिसंबर 2015 को मोहल्ला ख्वाजा कुतुब निवासी सराफ राजेंद्र रस्तोगी के बेटे सिद्धार्थ को घर के बाहर बुलाकर गोली मार दी थी। शानू के अतिरिक्त हिस्ट्रीशीटर के भाई हनी यादव और अन्नू ने सराफ के बेटे को गोली मारी थी। कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेजा था। शानू जमानत के बाद बाहर आ गया था, लेकिन पुलिस के रडार में नहीं आया। अंकित के भाई रोहित यादव और हनी पर लड़की के विवाद में बदमाश रवि गोला पर हमला किया था। गिरोह एटीएम ठगी और लूट की कई वारदात कर चुका है। कोतवाल गीतेश कपिल ने बताया कि रोहित यादव, हरदू, मनोज और शानू उपाध्याय के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज की गई है। लोगों को गुमराह करके एटीएम से रुपये निकालने वाले गिरोह का मास्टर माइंड अंकित यादव को एसटीएफ ने गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है।


इमाम पर हमले के बाद चार बदमाशों के खिलाफ एफआईआर लिखी गई है। आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी हो जाएगी। पुलिस ने घरों पर दबिश दी थी, लेकिन वह फरार हैं। - रोहित सिंह सजवाण, एसपी सिटी
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