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तीन तलाक तो बहाना था, उसे प्रेमी के संग ही जाना था

Wed, 13 Mar 2019 01:19 AM IST
pawan chandra पवन चंद्रा
Updated Wed, 13 Mar 2019 01:19 AM IST
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तीन तलाक तो बहाना था, उसे प्रेमी के संग ही जाना था
बदायूं। गुलाब बानो को तो अपने प्रेमी संग जाना ही था। पुलिस जांच में यह संकेत बहुत पहले मिल गए थे। मंगलवार को अलापुर की गुलाब बानो के धर्म बदलकर हिंदू व्यक्ति से विवाह करने की बात सामने आने पर सिविल लाइंस के तत्कालीन पुलिस इंस्पेक्टर अनिल सिरोही ने इस राज से पर्दा उठाया। गुलाब के शौहर इशाक ने भी यह सुनकर हैरत जताई कि उसकी बीवी ने शादी कर ली। उसका कहना है कि उसने तो तलाक ही नहीं दिया। बल्कि गुलाब तो 18 अक्तूबर 2018 को रोडवेज बस स्टैंड से लापता हो गई थी, जिसकी गुमशुदगी की तहरीर उसने 26 अक्तूबर सिविल लाइंस थाने में दी थी। तब से वह उससे मिली ही नहीं।
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मूसाझाग थाना क्षेत्र के ग्राम गिधौल निवासी इशाक पुत्र निसार गुलड़िया भट्ठे पर अपनी घोड़ा बुग्गी चलाता है। इशाक ने बताया कि करीब पांच साल पहले उसका अलापुर कस्बे में कांशीराम कॉलोनी निवासी गुलाब बानो से निकाह हुआ था। करीब तीन साल तक उसे अपने वैवाहिक जीवन में कभी पता नहीं चला कि उसकी पत्नी के मन में क्या चल रहा है। उसके साढ़े तीन साल का बेटा आमिर है। इशाक ने बताया कि 18 अक्तूबर 2018 को वह, गुलाब बानो और सगे साले मुसव्वर के साथ बड़ी ज्यारत जा रहा था। उस दिन वह बेटे को घर पर मां-बाप के पास छोड़ गया था। रोडवेज बस स्टैंड पर उसने गुलाब बानो को किताब की दुकान के पास खड़ा कर दिया और वह बैग खरीदने चला गया। उसके पीछे-पीछे दुकान पर मुसव्वर भी पहुंच गया। जब दोनों साले-बहनोई किताब की दुकान पर लौटे तो गुलाब वहां नहीं थी। 25 अक्तूबर तक वह और उसके ससुराल वाले गुलाब बानो की खोजबीन में लगे रहे। उसके अगले दिन 26 अक्तूबर को उसने गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए सिविल लाइंस थाने में तहरीर दी। जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उसने तत्कालीन एसएसपी को भी प्रार्थना पत्र दिया। इशाक के मुताबिक, तब से लेकर अब तक वह पत्नी के लौटने के इंतजार में था। न तो उसने गुलाब बानो को तलाक दिया था और न ही घर से निकाला था।
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महिला गुलाब बानो के रोडवेज बस स्टैंड से लापता होने के संबंध में उसके पति इशाक ने थाने में तहरीर दी थी। परिजन महिला का साफ फोटो नहीं उपलब्ध करा पाए थे। तहरीर के आधार पर जांच करते हुए महिला को तलाशा गया, जिसमें पता चला कि महिला अपनी इच्छा से कहीं गई है।
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- अनिल कुमार सिरोही, तत्कालीन इंस्पेक्टर, थाना सिविल लाइंस

यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया था और न ही किसी ने मुझे इसके बारे में बताया। मामला पेचीदा है, इसकी मैं पूरी जानकारी करता हूं। उसके बाद ही आगे की कोई कार्रवाई की जाएगी।
- अशोक कुमार त्रिपाठी, एसएसपी

दो साल पहले भी गायब रही थी गुलाब बानो
गुलाब बानो के शौहर का कहना है कि करीब दो साल पहले वह हिमाचल प्रदेश में काम करता था। उस समय गुलाब बानो भी उसके साथ रहती थी। गुलाब बानो के मायके के पास रहने वाला एक युवक भी हिमाचल पहुंच गया था। उसके बाद वह उस युवक के साथ लापता हो गई थी। इशाक ने बताया कि वहां की पुलिस की काफी तलाश और दबाव के बाद वह लौटी थी।


यह मामला
अलापुर कस्बे की कांशीराम कालोनी निवासी गुलाब बानो (अब गुलाब देवी) ने धर्म परिवर्तन कर सोमवार को संभल के मुकेश से शहर के नई सराय स्थिति राधा माधव मंदिर में विवाह रचाया। ऐसा बताया जा रहा है कि वह तलाक पीड़िता है। डीएम को दिए शपथ पत्र में उसने कहा कि उसकी आस्था हिंदू धर्म है। इसके बाद उसने हिंदू रीति से शादी कर ली।
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