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इंस्पेक्टर के दबाव बनाने का रिपोर्ट मं भाजपा नेता का शामिल किया था नाम
Updated Wed, 20 Jun 2018 12:20 AM IST
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इंस्पेक्टर ने दबाव बनाने को एफआईआर में
शामिल किया था भाजपा नेता का नाम
सीसीटीएनएस पर भाजपा नेता का नाम दर्ज नहीं
एफआईआर की कॉपी जांच में फर्जी साबित हुई
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। भाजपा नेता आरेंद्र मिश्रा पर दबाव बनाने के चक्कर में सुभाषनगर इंस्पेक्टर श्रीकांत द्विवेदी खुद फंस गए हैं। थाने में भाजपाइयों के हंगामे के बाद सामने आया कि भाजपा नेता के खिलाफ दर्ज एफआईआर की कॉपी फर्जी थी। वास्तविकता में क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) पर उनका नाम दर्ज ही नहीं है। मामला खुलने के बाद भाजपाई अब इंस्पेक्टर को हटाने की मांग कर रहे हैं।
करगैना के रहने वाले भाजपा जिला कार्यसमिति के सदस्य आरेंद्र मिश्रा को सुभाषनगर थाने के इंस्पेक्टर श्रीकांत द्विवेदी ने एफआईआर की एक कॉपी दी थी। जिसमें उनके खिलाफ रंगदारी मांगने की रिपोर्ट दर्ज होना दिखाया गया था। इसके विरोध में सोमवार को बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने सुभाषनगर थाने में हंगामा किया। इसके बाद पुलिस बैकफुट पर आ गई। जांच में सामने आया कि भाजपा नेता के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज ही नहीं है। उन्हें जो कॉपी दी गई वह फर्जी थी।
पैरवी के बाद गलत तरीके से लिखा था नाम
आरेंद्र के मुताबिक तीन भाइयों कौशल यादव, अलबेला यादव और रामलडै़ते के बीच जमीन के विवाद के मामले में उन्होंने कौशल की थी। इसके बाद रामलड़ैते की ओर से इंस्पेक्टर सुभाषनगर ने कौशल यादव, उसके साले पिंटू और राजेंद्र मिश्रा के खिलाफ रंगदारी मांगने की रिपोर्ट दर्ज की थी। चूंकि भाजपा नेता आरेंद्र कौशल की पैरवी कर रहे थे, लिहाजा उन पर दबाव बनाने के लिए इंस्पेक्टर ने दूसरी कॉपी में फर्जी तरीके से राजेंद्र मिश्रा के नाम की जगह भाजपा नेता आरेंद्र मिश्रा का नाम दर्ज करके वह कॉपी उन्हें दे दी थी।
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इंस्पेक्टर ने दबाव बनाने को एफआईआर में
शामिल किया था भाजपा नेता का नाम
सीसीटीएनएस पर भाजपा नेता का नाम दर्ज नहीं
एफआईआर की कॉपी जांच में फर्जी साबित हुई
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। भाजपा नेता आरेंद्र मिश्रा पर दबाव बनाने के चक्कर में सुभाषनगर इंस्पेक्टर श्रीकांत द्विवेदी खुद फंस गए हैं। थाने में भाजपाइयों के हंगामे के बाद सामने आया कि भाजपा नेता के खिलाफ दर्ज एफआईआर की कॉपी फर्जी थी। वास्तविकता में क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) पर उनका नाम दर्ज ही नहीं है। मामला खुलने के बाद भाजपाई अब इंस्पेक्टर को हटाने की मांग कर रहे हैं।
करगैना के रहने वाले भाजपा जिला कार्यसमिति के सदस्य आरेंद्र मिश्रा को सुभाषनगर थाने के इंस्पेक्टर श्रीकांत द्विवेदी ने एफआईआर की एक कॉपी दी थी। जिसमें उनके खिलाफ रंगदारी मांगने की रिपोर्ट दर्ज होना दिखाया गया था। इसके विरोध में सोमवार को बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने सुभाषनगर थाने में हंगामा किया। इसके बाद पुलिस बैकफुट पर आ गई। जांच में सामने आया कि भाजपा नेता के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज ही नहीं है। उन्हें जो कॉपी दी गई वह फर्जी थी।
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पैरवी के बाद गलत तरीके से लिखा था नाम
आरेंद्र के मुताबिक तीन भाइयों कौशल यादव, अलबेला यादव और रामलडै़ते के बीच जमीन के विवाद के मामले में उन्होंने कौशल की थी। इसके बाद रामलड़ैते की ओर से इंस्पेक्टर सुभाषनगर ने कौशल यादव, उसके साले पिंटू और राजेंद्र मिश्रा के खिलाफ रंगदारी मांगने की रिपोर्ट दर्ज की थी। चूंकि भाजपा नेता आरेंद्र कौशल की पैरवी कर रहे थे, लिहाजा उन पर दबाव बनाने के लिए इंस्पेक्टर ने दूसरी कॉपी में फर्जी तरीके से राजेंद्र मिश्रा के नाम की जगह भाजपा नेता आरेंद्र मिश्रा का नाम दर्ज करके वह कॉपी उन्हें दे दी थी।
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