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मुआयना करने पहुंचे आईजी, चौकी इंचार्ज निलंबित
बरेली
Updated Wed, 29 Apr 2015 01:18 AM IST
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नकटिया इलाके में हाईवे के किनारे अस्पताल चलाने वाले रिटायर्ड सीएमओ डॉ. बालकिशन प्रदेश के लोकायुक्त के रिश्तेदार निकले, लिहाजा उनके घर 43 लाख की डकैती का मामला मंगलवार को पुलिस महकमे में ऊपर तक गूंज गया। आईजी विजय सिंह मीना खुद मौका मुआयना करने पहुंचे। उन्होंने चौकी प्रभारी जेपी यादव को जमकर लताड़ लगाई और निलंबित कर दिया। आईजी से रिपोर्ट मिलने के बाद डीजीपी एके जैन ने भी पीड़ित परिवार से फोन पर बातचीत की। छुट्टी पर चल रहे डीआईजी का स्टाफ रिटायर्ड सीएमओ के परिवार का हाल लेने पहुंचा। डीजीपी ने इस परिवार को जल्द घटना का खुलासा कराने का भरोसा दिलाया है। उधर, आईजी ने लूट की इस वारदात को चोरी की धाराओं में दर्ज करने और फिर चौकी इंचार्ज के डॉक्टर के परिवार से बदसलूकी करने के मामले में इंस्पेक्टर कैंट रामवीर यादव की भूमिका की भी जांच करने का आदेश एसपी सिटी को दिया है।
रिटायर्ड सीएमओ डॉ. बालकिशन के घर पर रविवार रात उस वक्त डकैती हुई जब वह खुद घर से सटे अस्पताल में सोए हुए थे। उनकी पत्नी आशा और बेटी घर पर सोए हुए थे। रात में ही घटना की सूचना पुलिस को दी गई तो नकटिया चौकी इंचार्ज जेपी यादव मौके पर पहुंचे। डकैतों को पकड़ने की कोई कोशिश किए बगैर ही कुछ देर बाद वह लौट गए। सुबह उन्होंने यह मामला चोरी में दर्ज करा दिया। आशा खत्री ने एतराज किया तो उनसे बदसलूकी भी कर दी। चौकी इंचार्ज ने इस घटना के बारे में अपने अफसरों को भी कोई जानकारी नहीं दी। मीडिया से खबर मिलने पर एसएसपी खुद मौका मुआयना करने पहुंचे मामला लूट की धाराओं में दर्ज हुआ। मंगलवार को लोकायुक्त से मामला जुड़ने के बाद यह घटना सूबे में ऊपर तक गूंजने लगी।
डॉ. बालकिशन की पत्नी आशा खत्री ने बताया कि लोकायुक्त उनकी बहन के दामाद हैं। हालांकि घटना के बाद न उन्होंने इस तथ्य को सार्वजनिक किया न और न लोकायुक्त से कोई मदद मांगी। चौकी प्रभारी की बदसलूकी की वजह से मामला उछला तो पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। डीजीपी फोन आया तो उन्होंने बता दिया कि उनका मुकदमा डकैती के बजाए चोरी में दर्ज किया गया। डीजीपी ने उनसे इंस्पेक्टर, सीओ और एसएसपी के आने के समय की जानकारी ली और यह भी पूछा कि उन्होंने क्या जांच की। डीजीपी ने भरोसा दिलाया कि वह खुद इस केस को देख रहे हैं। जल्द सकारात्मक नतीजा आएगा।
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इस बीच आईजी जोन भी मौके पर पहुंचे और मुआयना कर पीड़ित परिवार से बात की। आईजी ने बताया कि सुबह नौ बजे उन्होंने डीजीपी को पूरी घटना से अवगत कराया था। इसके बाद डीजीपी ने पीड़ित परिवार से फोन पर बात की। इससे पहले उन्हें भी घटना के बारे में ठीक से नहीं बताया गया। अफसरों को चोरी होने की जानकारी दी गई थी। उन्होंने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया कि घटना का जल्द खुलासा कराया जाएगा। कई टीमें बदमाशों का पता लगाने में लगी हुई हैं। अवकाश पर चल रहे डीआईजी ने भी अपने स्टाफ को डॉक्टर के घर भेजा और मोबाइल पर आशा खत्री से घटना की जानकारी ली। डीआईजी ने उनसे कहा कि बरेली आते ही वह उनसे मिलेंगे। घटना के खुलासे को वह लगातार स्टाफ के संपर्क में हैं। आशा खत्री ने बताया कि उनके घर से सोने के 24 आयटम लूटे गए हैं जिनकी सूची उन्होंने पुलिस को दे दी है।
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रिटायर्ड सीएमओ डॉ. बालकिशन के घर पर रविवार रात उस वक्त डकैती हुई जब वह खुद घर से सटे अस्पताल में सोए हुए थे। उनकी पत्नी आशा और बेटी घर पर सोए हुए थे। रात में ही घटना की सूचना पुलिस को दी गई तो नकटिया चौकी इंचार्ज जेपी यादव मौके पर पहुंचे। डकैतों को पकड़ने की कोई कोशिश किए बगैर ही कुछ देर बाद वह लौट गए। सुबह उन्होंने यह मामला चोरी में दर्ज करा दिया। आशा खत्री ने एतराज किया तो उनसे बदसलूकी भी कर दी। चौकी इंचार्ज ने इस घटना के बारे में अपने अफसरों को भी कोई जानकारी नहीं दी। मीडिया से खबर मिलने पर एसएसपी खुद मौका मुआयना करने पहुंचे मामला लूट की धाराओं में दर्ज हुआ। मंगलवार को लोकायुक्त से मामला जुड़ने के बाद यह घटना सूबे में ऊपर तक गूंजने लगी।
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डॉ. बालकिशन की पत्नी आशा खत्री ने बताया कि लोकायुक्त उनकी बहन के दामाद हैं। हालांकि घटना के बाद न उन्होंने इस तथ्य को सार्वजनिक किया न और न लोकायुक्त से कोई मदद मांगी। चौकी प्रभारी की बदसलूकी की वजह से मामला उछला तो पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। डीजीपी फोन आया तो उन्होंने बता दिया कि उनका मुकदमा डकैती के बजाए चोरी में दर्ज किया गया। डीजीपी ने उनसे इंस्पेक्टर, सीओ और एसएसपी के आने के समय की जानकारी ली और यह भी पूछा कि उन्होंने क्या जांच की। डीजीपी ने भरोसा दिलाया कि वह खुद इस केस को देख रहे हैं। जल्द सकारात्मक नतीजा आएगा।
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इस बीच आईजी जोन भी मौके पर पहुंचे और मुआयना कर पीड़ित परिवार से बात की। आईजी ने बताया कि सुबह नौ बजे उन्होंने डीजीपी को पूरी घटना से अवगत कराया था। इसके बाद डीजीपी ने पीड़ित परिवार से फोन पर बात की। इससे पहले उन्हें भी घटना के बारे में ठीक से नहीं बताया गया। अफसरों को चोरी होने की जानकारी दी गई थी। उन्होंने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया कि घटना का जल्द खुलासा कराया जाएगा। कई टीमें बदमाशों का पता लगाने में लगी हुई हैं। अवकाश पर चल रहे डीआईजी ने भी अपने स्टाफ को डॉक्टर के घर भेजा और मोबाइल पर आशा खत्री से घटना की जानकारी ली। डीआईजी ने उनसे कहा कि बरेली आते ही वह उनसे मिलेंगे। घटना के खुलासे को वह लगातार स्टाफ के संपर्क में हैं। आशा खत्री ने बताया कि उनके घर से सोने के 24 आयटम लूटे गए हैं जिनकी सूची उन्होंने पुलिस को दे दी है।