{"_id":"5e0e45868ebc3e87b3689f45","slug":"crime-faridpur-news-bly3904585148","type":"story","status":"publish","title_hn":"बहेड़ी के दीवान शिवकुमार ने ही बनाया था वसूली का प्लान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बहेड़ी के दीवान शिवकुमार ने ही बनाया था वसूली का प्लान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बूरा फैक्टरी में छापे का मामला
आरटीओ दफ्तर पर बनाई योजना, संबंधित विभाग के किसी अफसर को भी नहीं लिया साथ
बहेड़ी। फरीदपुर की बूरा फैक्टरी में छापा मारकर मालिक से 20 लाख रुपये वसूलने का प्लान बहेड़ी थाने के दीवान शिवकुमार ने ही बनाया था। दरअसल, वह पहले फरीदपुर में तैनात रह चुका है। पूरे मामले को अफसरों से तो छुपाया ही गया, छापा मारने के लिए अधिकृत दूसरे विभागों के अफसरों को भी कोई सूचना नहीं दी गई। शिकायत न होती तो हिस्सा बांट के बाद मामला रफा-दफा होना तय था।
पुलिस की इस करतूत की शिकायत मिलने पर एसएसपी ने जांच कराई तो सबसे बड़ा दोष तो यही सामने आया कि 28 दिसंबर को अगर उन्होंने छापा मारा भी तो अपने अफसरों को सूचना क्यों नहीं दी। नियमानुसार तेल या केमिकल का सैंपल भरने के लिए पुलिस अधिकृत ही नहीं है। लिहाजा संबंधित विभागों को जानकारी देना जरूरी था जो नहीं दी गई। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि पुलिस टीम ने फैक्टरी में पहुंचकर डील के लिए फैक्टरी मालिक को दबाव में लेने को उससे अभद्र व्यवहार भी किया। पुलिस वाले उस पर लगातार रुपये देने का दबाव बना रहे थे। फरीदपुर थाने के सिपाही विनय के बारे में बताया जाता है कि वह झूठी शिकायतें कराकर वसूली करने के लिए बदनाम है। ऐसे कई मामले सामने भी आ चुके हैं। कई लोगों से उनके खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत होने की बात कहकर भी रकम ऐंठी जा चुकी है। विनय और उसके साथियों पर कार्रवाई से कस्बे के लोगों ने चैन की सांस ली है।
पहले भी रिश्वत लेने के मामले में फंसे हैं पुलिसवाले
फरीदपुर। फरीदपुर में रिश्वत लेने या धमकाकर वसूली के आरोप पुलिसकर्मियों पर पहले भी लगते रहे हैं। फरीदपुर की दियोरनिया चौकी पर तैनात दरोगा महेंद्र सिंह पर कोतवाली में डकैती की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। उस पर तत्कालीन प्रधान ने रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था और रिश्वत न देने पर घर में तोड़फोड़ कर डकैती डालने के आरोप में रिपोर्ट लिखाई थी। पिछले वर्ष दियोरनिया चौकी प्रभारी मनोज कुुमार ने भी एक ग्रामीण से रिश्वत मांगी थी। इस मामले में दरोगा के खिलाफ कोतवाली फरीदपुर में रिपोर्ट कराई गई थी। फरीदपुर बाईपास पर अवैध वसूली के मामले में यूपी-100 पीआरवी के पूरे स्टाफ को लाइनहाजिर किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
आरटीओ दफ्तर पर बनाई योजना, संबंधित विभाग के किसी अफसर को भी नहीं लिया साथ
बहेड़ी। फरीदपुर की बूरा फैक्टरी में छापा मारकर मालिक से 20 लाख रुपये वसूलने का प्लान बहेड़ी थाने के दीवान शिवकुमार ने ही बनाया था। दरअसल, वह पहले फरीदपुर में तैनात रह चुका है। पूरे मामले को अफसरों से तो छुपाया ही गया, छापा मारने के लिए अधिकृत दूसरे विभागों के अफसरों को भी कोई सूचना नहीं दी गई। शिकायत न होती तो हिस्सा बांट के बाद मामला रफा-दफा होना तय था।
पुलिस की इस करतूत की शिकायत मिलने पर एसएसपी ने जांच कराई तो सबसे बड़ा दोष तो यही सामने आया कि 28 दिसंबर को अगर उन्होंने छापा मारा भी तो अपने अफसरों को सूचना क्यों नहीं दी। नियमानुसार तेल या केमिकल का सैंपल भरने के लिए पुलिस अधिकृत ही नहीं है। लिहाजा संबंधित विभागों को जानकारी देना जरूरी था जो नहीं दी गई। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि पुलिस टीम ने फैक्टरी में पहुंचकर डील के लिए फैक्टरी मालिक को दबाव में लेने को उससे अभद्र व्यवहार भी किया। पुलिस वाले उस पर लगातार रुपये देने का दबाव बना रहे थे। फरीदपुर थाने के सिपाही विनय के बारे में बताया जाता है कि वह झूठी शिकायतें कराकर वसूली करने के लिए बदनाम है। ऐसे कई मामले सामने भी आ चुके हैं। कई लोगों से उनके खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत होने की बात कहकर भी रकम ऐंठी जा चुकी है। विनय और उसके साथियों पर कार्रवाई से कस्बे के लोगों ने चैन की सांस ली है।
विज्ञापन
पहले भी रिश्वत लेने के मामले में फंसे हैं पुलिसवाले
फरीदपुर। फरीदपुर में रिश्वत लेने या धमकाकर वसूली के आरोप पुलिसकर्मियों पर पहले भी लगते रहे हैं। फरीदपुर की दियोरनिया चौकी पर तैनात दरोगा महेंद्र सिंह पर कोतवाली में डकैती की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। उस पर तत्कालीन प्रधान ने रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था और रिश्वत न देने पर घर में तोड़फोड़ कर डकैती डालने के आरोप में रिपोर्ट लिखाई थी। पिछले वर्ष दियोरनिया चौकी प्रभारी मनोज कुुमार ने भी एक ग्रामीण से रिश्वत मांगी थी। इस मामले में दरोगा के खिलाफ कोतवाली फरीदपुर में रिपोर्ट कराई गई थी। फरीदपुर बाईपास पर अवैध वसूली के मामले में यूपी-100 पीआरवी के पूरे स्टाफ को लाइनहाजिर किया गया था।
विज्ञापन