फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   crime

जुलूस टालने पर किया बवाल, मौलाना को पीटा, कपड़े फाड़े

Sat, 10 Apr 2021 12:11 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 10 Apr 2021 12:11 AM IST
विज्ञापन
crime
पूरनपुर (पीलीभीत)। मुसलिम समाज के लोगों पर मुकदमा दर्ज करने के विरोध में पुलिस प्रशासन के खिलाफ निकाले जाने वाले जुलूस को टालने पर शुक्रवार को मुसलिम समाज के युवाओं का गुस्सा भड़क उठा। युवाओं ने एक मौलाना को पीट दिया और उसके कपड़े फाड़ डाले। पुलिस ने डंडे फटकार कर भीड़ को खदेड़ा, तब जाकर मामला शांत हुआ। पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया है।
विज्ञापन

पिछले दिनों पैगंबर-ए-इस्लाम पर एक महंत की ओर से विवादित टिप्पणी की गई थी। इसके विरोध में पांच अप्रैल को नगर में जुलूस निकाला गया था, जिसमें सैकड़ों लोग शामिल रहे थे। इसे अगले दिन कोविड प्रोटोकॉल का पालन न करने और धारा 144 का उल्लंघन करने के आरोप में कोतवाली में 115 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस की इस कार्रवाई को गलत ठहराते हुए एक मौलाना का सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में पुलिस प्रशासन के खिलाफ धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी गई थी।
विज्ञापन

इसको लेकर शुक्रवार सुबह एक समुदाय के व्यापारियों से प्रतिष्ठान बंद रखने का एलान किया गया। नमाज के बाद जुलूस निकालने को कहा गया था। इसकी भनक लगने पर प्रशासन अलर्ट हो गया। जुलूस को रोकने के लिए पुलिस लाइन से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया था। बावजूद इसके सुबह एक समुदाय के अधिकांश व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। मगर कुछ देर बाद मौलानाओं की ओर से जुलूस को स्थगित कर दिया गया। इस पर भीड़ में शामिल युवा भड़क उठे और सड़क पर हंगामा शुरू कर दिया। कुछ युवाओं ने करीमगंज मस्जिद में जाकर माइक बंद कर दिया। उलमा ने रोकना चाहा तो लोग भिड़ गए। इसकी सूचना पर पुलिस पहुंच गई और डंडे फटकार कर भीड़ को खदेड़ दिया। चार युवकों को हिरासत में ले लिया। इसके कुछ देर बाद शेरपुर रोड पर रेलवे क्रासिंग के पास भीड़ ने एक मौलाना को घेर लिया और जमकर पिटाई की। उनके कपड़े फाड़ दिए। इसका पता लगने पर पहुंची पुलिस ने डंडे फटकार कर भीड़ को खदेड़ा। इसके बाद युवाओं की भीड़ आसपास की गलियों में जमा हो गई। हालांकि बाद में सबको भगा दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

एक घंटे तक सड़कों पर बवाल करते रहे खुराफाती
पूरनपुर (पीलीभीत)। विवादित धार्मिक टिप्पणी के विरोध में प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर को निरस्त कराने की मांग पहले दिन से ही उठ रही थी। पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए दोबारा जुलूस निकालने की योजना बनाई गई थी। इसकी भनक लगने पर पुलिस प्रशासन ने भी अपनी तैयारी कर ली थी। प्रशासन की सख्ती देख उलमाओं ने जुलूस निकालने का फैसला टाल दिया। मगर उलमा भीड़ को काबू करने में नाकाम रहे। शुक्रवार को करीब घंटे तक कस्बे के शेरपुुरकलां रेलवे क्रासिंग और पूरनपुर देहात के मोहल्ला करीमगंज बवाल चलता रहा।
प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त कराने के लिए कुछ लोग पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाना चाहते थे। इसके लिए दुकानें बंद रखने के साथ कुछ खुराफाती युवाओं को अलग से तैयार किया गया था। नमाज के बाद जुलूूस निकाला जाना था। दोपहर करीब 12 बजे के बाद लोगों को जुलूस स्थगित होने की जानकारी हुई। इस पर खुराफाती युवाओं ने भीड़ के बीच हंगामा शुरू कर दिया। दोपहर सवा बजे अचानक भीड़ ने करीमगंज इलाके में पहले मस्जिद में पहुंचकर उलमा से अभद्रता की। उस वक्त वहां शहर मुफ्ती की तकरीर की तैयारी चल रही थी। इसके बाद नजदीक शेरपुरकलां रेलवे क्रॉसिंग के पास पहुंचकर मौलाना की पिटाई कर दी। मगर पुलिस ने अपनी तैयारी पहले से कर रखी थी। पुलिस ने कई बार भीड़ को खदेड़ा। मगर खुराफाती युवा बार-बार गलियों में जमा हो जाते थे। करीब सवा दो बजे के बाद माहौल शांत हो सका।
जुलूस स्थगित होने की जानकारी सभी को दे दी गई थी। मगर एक ग्रुप के लोग नाखुश थे। उसी ग्रुप ने अपने लोगों को भेजकर हंगामा करते हुए हमला कराने का प्रयास किया। मस्जिद के माइक बंद कर दिए। पुलिस ने पहुंचकर कुछ लोगों को पकड़ा भी है। - आमिर रजा, शहर मुफ्ती
एक मौलाना ने शुक्रवार को जुलूस निकालने और पुतला फूंकने का ट्वीट किया था। इसे लेकर पहले से अलर्ट था। उनसे ज्ञापन लेने के लिए अफसर गए थे। उसी मौलाना ने करीमगंज इलाके में अपने कुछ लोगों को भेजकर जबरन जुलूस निकालने का दबाव बनाया और हंगामा कराया। अगर पुलिस-प्रशासन सतर्क न होता तो बड़ी घटना हो सकती थी। इसे गंभीरता से लिया जाएगा। - राजेंद्र प्रसाद, एसडीएम।
एफआईआर निरस्त करने और कोतवाल हटाने को दिया ज्ञापन
हाफिज नूर अहमद रजा अजहरी की अगुवाई में कुछ लोगों ने शुक्रवार दोपहर मोहल्ला खानका में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। ज्ञापन में प्रदर्शनकारियों पर दर्ज रिपोर्ट निरस्त करने, विवादित टिप्पणी करने वाले पर रिपोर्ट दर्ज करने, कोतवाल को पूरनपुर से हटाने की मांग की गई है। मांग पूरी न होने पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है। ज्ञापन देने वालों में शादाब, मोहम्मद उमर, साविद अली, गुड्डू, मोहम्मद साकिब, मुनाजिद रजा आदि थे।

जहानाबाद में प्रभारी निरीक्षक को सौंपा ज्ञापन
जहानाबाद। पैगंबर-ए-इस्लाम पर की गई टिप्पणी के विरोध में शुक्रवार को जहानाबाद कस्बे में लोग जमा हुए। प्रभारी निरीक्षक हरीश वर्धन सिंह को ज्ञापन दिया। इसमें विवादित टिप्पणी करने वाले डासना मंदिर के महंत पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। ज्ञापन देने वालों में शादिक, इलयास, आतिफ बेग, चांदबाबू, शिदाब आदि रहे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed