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पुलिस महकमे में फिर वही सवाल.. एसओ भमोरा के खिलाफ यह जांच पूरी होगी!
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अव लगा निजी बसों से अवैध वसूली कराने का आरोप, सीओ आंवला को सौंपी गई जांच
खनन, दुष्कर्म के आरोपियों को बचाने समेत कई पुराने मामलों की जांच अब तक पूरी नहीं
बरेली। किशोरी से दुष्कर्म के मामले में धाराएं गायब करने से लेकर एक से एक संगीन मामलों में जांच होने के बावजूद अब तक टस से मस न हुए एसओ भमोरा के खिलाफ एक और मामले में जांच का आदेश दिया गया है। नया मामला निजी बसों से अवैध वसूली का है जिसकी एडीजी के ट्विटर हैंडल पर शिकायत की गई थी। इसकी जांच सीओ को दी गई है। हालांकि महकमे में चर्चा है कि जब एसओ के खिलाफ गंभीर मामलों की जांच भी अब तक पूरी नहीं हो पाईं तो बसों से अवैध वसूली का मामला तो काफी मामूली है।
एक पोर्टल की आईडी से एडीजी जोन के ट्विटर पर शिकायत की गई है कि भमोरा थानाध्यक्ष श्याम सिंह यादव के दबाव में सिपाही दातागंज से बरेली जाने वाली प्राइवेट बसों से दो हजार रुपये महीने की वसूली करते हैं। एसएसपी ने सीओ आंवला को इसकी जांच सौंपी है। हालांकि इससे पहले भी एसओ के खिलाफ कई शिकायतों की जांच हो चुकी हैं। इनमें सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी से पीड़िता का निकाह कराने का मामला सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। पीड़िता के पिता ने तब एसओ से कई दिन तक दबंगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। सुनवाई न होने पर उसे मजबूरी में आरोपी से बेटी की शादी करनी पड़ी।
इसके बाद एक व्यक्ति से तीस हजार की वसूली कर चुके सिपाही यशवंत राणा और अखिलेश यादव का एसओ के नाम पर एक लाख रुपये मांगने का ऑडियो वायरल हुआ। एसएसपी ने दोनों सिपाहियों को तो निलंबित कर दिया लेकिन एसओ के खिलाफ इस मामले की भी जांच पूरी नहीं हो पाई। खनन कराने के मामलों में भी एसओ के खिलाफ कई शिकायतें हुईं जिनमें ज्यादातर की जांच रफादफा हो गई। सौरभ गुप्ता नाम के व्यापारी ने दस हजार रुपये वसूलने के बाद भी कार्रवाई का आरोप लगाकर शिकायत की। यह भी जांच दफन हो गई। सांसद आंवला के प्रतिनिधि रविंद्र गुप्ता की सुपारी लेने वाले आरोपियों पर हल्की धारा लगाने का आरोप भी एसओ पर लग चुका है। अब इसमें एडीएम प्रशासन ने एसएसपी को कार्रवाई करने को लिखा है। हाल ही में पॉक्सो एक्ट के मामले में किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी को बचाने का आरोप एसओ पर लगा है। इसमें शासन स्तर से एसओ श्याम सिंह पर कार्रवाई की संस्तुति की गई है, बावजूद वह कुर्सी पर जमे हैं।
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एसओ भमोरा के खिलाफ नई शिकायत की जांच आंवला सीओ को दी है। पुरानी जांचों में क्या हुआ, ये दिखवाएंगे। एसओ का दोष मिलेगा तो कार्रवाई जरूर की जाएगी। - शैलेश पांडेय, एसएसपी
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खनन, दुष्कर्म के आरोपियों को बचाने समेत कई पुराने मामलों की जांच अब तक पूरी नहीं
बरेली। किशोरी से दुष्कर्म के मामले में धाराएं गायब करने से लेकर एक से एक संगीन मामलों में जांच होने के बावजूद अब तक टस से मस न हुए एसओ भमोरा के खिलाफ एक और मामले में जांच का आदेश दिया गया है। नया मामला निजी बसों से अवैध वसूली का है जिसकी एडीजी के ट्विटर हैंडल पर शिकायत की गई थी। इसकी जांच सीओ को दी गई है। हालांकि महकमे में चर्चा है कि जब एसओ के खिलाफ गंभीर मामलों की जांच भी अब तक पूरी नहीं हो पाईं तो बसों से अवैध वसूली का मामला तो काफी मामूली है।
एक पोर्टल की आईडी से एडीजी जोन के ट्विटर पर शिकायत की गई है कि भमोरा थानाध्यक्ष श्याम सिंह यादव के दबाव में सिपाही दातागंज से बरेली जाने वाली प्राइवेट बसों से दो हजार रुपये महीने की वसूली करते हैं। एसएसपी ने सीओ आंवला को इसकी जांच सौंपी है। हालांकि इससे पहले भी एसओ के खिलाफ कई शिकायतों की जांच हो चुकी हैं। इनमें सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी से पीड़िता का निकाह कराने का मामला सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। पीड़िता के पिता ने तब एसओ से कई दिन तक दबंगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। सुनवाई न होने पर उसे मजबूरी में आरोपी से बेटी की शादी करनी पड़ी।
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इसके बाद एक व्यक्ति से तीस हजार की वसूली कर चुके सिपाही यशवंत राणा और अखिलेश यादव का एसओ के नाम पर एक लाख रुपये मांगने का ऑडियो वायरल हुआ। एसएसपी ने दोनों सिपाहियों को तो निलंबित कर दिया लेकिन एसओ के खिलाफ इस मामले की भी जांच पूरी नहीं हो पाई। खनन कराने के मामलों में भी एसओ के खिलाफ कई शिकायतें हुईं जिनमें ज्यादातर की जांच रफादफा हो गई। सौरभ गुप्ता नाम के व्यापारी ने दस हजार रुपये वसूलने के बाद भी कार्रवाई का आरोप लगाकर शिकायत की। यह भी जांच दफन हो गई। सांसद आंवला के प्रतिनिधि रविंद्र गुप्ता की सुपारी लेने वाले आरोपियों पर हल्की धारा लगाने का आरोप भी एसओ पर लग चुका है। अब इसमें एडीएम प्रशासन ने एसएसपी को कार्रवाई करने को लिखा है। हाल ही में पॉक्सो एक्ट के मामले में किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी को बचाने का आरोप एसओ पर लगा है। इसमें शासन स्तर से एसओ श्याम सिंह पर कार्रवाई की संस्तुति की गई है, बावजूद वह कुर्सी पर जमे हैं।
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एसओ भमोरा के खिलाफ नई शिकायत की जांच आंवला सीओ को दी है। पुरानी जांचों में क्या हुआ, ये दिखवाएंगे। एसओ का दोष मिलेगा तो कार्रवाई जरूर की जाएगी। - शैलेश पांडेय, एसएसपी