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कोर्ट में रखा नवाबगंज नगर पालिका का रिकॉर्ड पाने को मची खींचतान
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चेयरमैन शहला और ईओ ने अपने-अपने कर्मचारी और वकील लगाए
एडीएम ने विधिक कार्रवाई के लिए शासकीय अधिवक्ता से मांगी राय
बरेली। नगर पालिका परिषद नवाबगंज से गायब रिकॉर्ड एक प्राइवेट कर्मचारी के घर से बरामद होने के बाद अब वह न्यायालय की सुपुर्दगी में हैं। इसे पाने के लिए अब ईओ और चेयरमैन के बीच जंग छिड़ी है। ईओ ने न्यायालय से रिकॉर्ड लेने के लिए जिस वकील को पैरोकार नियुक्त किया था, उसे चेयरमैन शहला ताहिर ने हटा दिया और दूसरा वकील नियुक्त कर दिया। इतना ही नहीं ईओ ने नायब मोहर्रिर को रिकॉर्ड लेने के लिए नियुक्त किया, लेकिन चेयरमैन ने उसकी जगह एक सफाई कर्मचारी की तैनाती कर दी। इस मामले में एडीएम प्रशासन ने विधिक कार्रवाई के लिए जिला शासकीय अधिवक्ता से राय मांगी है।
पिछले दिनों नवाबगंज चेयरमैन शहला ताहिर के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार अनियमितताओं के कारण सीज कर दिए गए थे। इस बीच नगर पालिका से गायब तमाम पत्रावलियां निजी कर्मचारी अरशद के घर से बरामद हुईं थी। इस मामले में अरशद के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई जा चुकी है। संबंधित पत्रावलियां अब न्यायालय के सुपुर्द हैं। इन्हें अवमुक्त कराने के लिए ईओ ने अधिवक्ता शारिक हुसैन को नगर पालिका की ओर से पैरवी के लिए नियुक्त किया था, लेकिन चेयरमैन शहला ताहिर ने 11 अक्तूबर को शारिक हुसैन की जगह पत्राबलियां गायब करने के आरोपी अरशद के वकील राजीव गंगवार को नियुक्त कर दिया। इस मामले में ईओ ने प्रशासन से अधिवक्ता राजीव गंगवार के खिलाफ पक्ष एवं विपक्ष दोनों तरफ से पैरवी करने पर कार्रवाई करने का आग्रह किया है। यह तथ्य भी सामने आया है कि ईओ ने 19 अक्तूबर को दस्तावेज प्राप्त करने के लिए नायब मोहर्रिर रमेश चंद्र नेगी को नियुक्त किया था, जबकि चेयरमैन ने इसके विपरीत नायब मोहर्रिर को हटाकर सफाई कर्मचारी हामिद नूर को नियुक्त कर दिया है। ईओ ने उच्चाधिकारियों से कहा है कि कोर्ट से अवमुक्त होने वाले अभिलेख अगर सफाई कर्मचारी के पास पहुंच जाते हैं तो उनमें हेराफेरी और खुर्दबुर्द होने की आशंका है। इस मामले में कार्रवाई के लिए एडीएम प्रशासन वीके सिंह ने जिला अधिशासी अधिवक्ता फौजदारी को रिपोर्ट भेजते हुए इसमें विधिक कार्रवाई के लिए राय मांगी है।
यह मामला गंभीर है। जिला शासकीय अधिवक्ता से रिपोर्ट लेने के बाद ही इसमें विधिक कार्रवाई की जाएगी। - वीके सिंह, एडीएम प्रशासन
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एडीएम ने विधिक कार्रवाई के लिए शासकीय अधिवक्ता से मांगी राय
बरेली। नगर पालिका परिषद नवाबगंज से गायब रिकॉर्ड एक प्राइवेट कर्मचारी के घर से बरामद होने के बाद अब वह न्यायालय की सुपुर्दगी में हैं। इसे पाने के लिए अब ईओ और चेयरमैन के बीच जंग छिड़ी है। ईओ ने न्यायालय से रिकॉर्ड लेने के लिए जिस वकील को पैरोकार नियुक्त किया था, उसे चेयरमैन शहला ताहिर ने हटा दिया और दूसरा वकील नियुक्त कर दिया। इतना ही नहीं ईओ ने नायब मोहर्रिर को रिकॉर्ड लेने के लिए नियुक्त किया, लेकिन चेयरमैन ने उसकी जगह एक सफाई कर्मचारी की तैनाती कर दी। इस मामले में एडीएम प्रशासन ने विधिक कार्रवाई के लिए जिला शासकीय अधिवक्ता से राय मांगी है।
पिछले दिनों नवाबगंज चेयरमैन शहला ताहिर के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार अनियमितताओं के कारण सीज कर दिए गए थे। इस बीच नगर पालिका से गायब तमाम पत्रावलियां निजी कर्मचारी अरशद के घर से बरामद हुईं थी। इस मामले में अरशद के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई जा चुकी है। संबंधित पत्रावलियां अब न्यायालय के सुपुर्द हैं। इन्हें अवमुक्त कराने के लिए ईओ ने अधिवक्ता शारिक हुसैन को नगर पालिका की ओर से पैरवी के लिए नियुक्त किया था, लेकिन चेयरमैन शहला ताहिर ने 11 अक्तूबर को शारिक हुसैन की जगह पत्राबलियां गायब करने के आरोपी अरशद के वकील राजीव गंगवार को नियुक्त कर दिया। इस मामले में ईओ ने प्रशासन से अधिवक्ता राजीव गंगवार के खिलाफ पक्ष एवं विपक्ष दोनों तरफ से पैरवी करने पर कार्रवाई करने का आग्रह किया है। यह तथ्य भी सामने आया है कि ईओ ने 19 अक्तूबर को दस्तावेज प्राप्त करने के लिए नायब मोहर्रिर रमेश चंद्र नेगी को नियुक्त किया था, जबकि चेयरमैन ने इसके विपरीत नायब मोहर्रिर को हटाकर सफाई कर्मचारी हामिद नूर को नियुक्त कर दिया है। ईओ ने उच्चाधिकारियों से कहा है कि कोर्ट से अवमुक्त होने वाले अभिलेख अगर सफाई कर्मचारी के पास पहुंच जाते हैं तो उनमें हेराफेरी और खुर्दबुर्द होने की आशंका है। इस मामले में कार्रवाई के लिए एडीएम प्रशासन वीके सिंह ने जिला अधिशासी अधिवक्ता फौजदारी को रिपोर्ट भेजते हुए इसमें विधिक कार्रवाई के लिए राय मांगी है।
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यह मामला गंभीर है। जिला शासकीय अधिवक्ता से रिपोर्ट लेने के बाद ही इसमें विधिक कार्रवाई की जाएगी। - वीके सिंह, एडीएम प्रशासन