{"_id":"5de6b2f48ebc3e54853d48da","slug":"crime-bareilly-news-bly386499724","type":"story","status":"publish","title_hn":"नेपाली युवकों को ले जाने के लिए आज पहुंचेंगे घरवाले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नेपाली युवकों को ले जाने के लिए आज पहुंचेंगे घरवाले
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। कैंट में पकड़े गए दोनों नेपाली युवकों को क्लीनचिट मिलने के बाद पुलिस ने उनकी पहरेदारी हटा दी है। दोनों के परिजन उन्हें लेने बुधवार को थाना कैंट पहुंचेंगे। हालांकि गंगा बहादुर की मां और बहन के गरीबी के चलते आने में असमर्थता जता दी है।
करीब सप्ताह भर पहले नेपाली गंगा बहादुर को कैंट में रक्षा संपदा कार्यालय के पास से पकड़ा गया था। दो आधार कार्ड होने से उस पर शक गहराया था। एक आधार पर लखनऊ तोपखाना का पता लिखा था और दूसरा आधार बिहार के पते पर मोहम्मद मंजर के नाम से था। इस आधार कार्ड पर जो फोटो था, वह भी गंगा बहादुर से मिल रहा था। इस कारम उसे संदिग्ध मानते हुए पुलिस के साथ मिलेट्री इंटेलिजेंस, आईबी, एटीएस और एसटीएफ जांच में लगी हुई थीं। सोमवार को सभी एजेंसियों ने उसे क्लीनचिट दे दी। इसके बाद कैंट में ही पकड़े गए दूसरे नेपाली युवक सरोज को भी निर्दोष माना गया। इसके बाद दो दिन पहले तक कड़ी सुरक्षा में रखे गए दोनों युवकों को थाने में घूमने फिरने की छूट दे दी गई है। मंगलवार को दोनों ही थाने में बैठे धूप सेंकते रहे। सर्दी के कारण इंस्पेक्टर ने दोनों को गर्म कपड़े भी दिलवाए हैं। कैंट इंस्पेक्टर अवनीश यादव ने बताया कि सरोज के परिजन बुधवार को आ जाएंगे। गंगा बहादुर की मां और बहन ने आने में असमर्थता जताई है। सरोज के पास ही गंगा बहादुर का गांव है इसलिए दोनों को साथ ही भेज दिया जाएगा।
विज्ञापन
करीब सप्ताह भर पहले नेपाली गंगा बहादुर को कैंट में रक्षा संपदा कार्यालय के पास से पकड़ा गया था। दो आधार कार्ड होने से उस पर शक गहराया था। एक आधार पर लखनऊ तोपखाना का पता लिखा था और दूसरा आधार बिहार के पते पर मोहम्मद मंजर के नाम से था। इस आधार कार्ड पर जो फोटो था, वह भी गंगा बहादुर से मिल रहा था। इस कारम उसे संदिग्ध मानते हुए पुलिस के साथ मिलेट्री इंटेलिजेंस, आईबी, एटीएस और एसटीएफ जांच में लगी हुई थीं। सोमवार को सभी एजेंसियों ने उसे क्लीनचिट दे दी। इसके बाद कैंट में ही पकड़े गए दूसरे नेपाली युवक सरोज को भी निर्दोष माना गया। इसके बाद दो दिन पहले तक कड़ी सुरक्षा में रखे गए दोनों युवकों को थाने में घूमने फिरने की छूट दे दी गई है। मंगलवार को दोनों ही थाने में बैठे धूप सेंकते रहे। सर्दी के कारण इंस्पेक्टर ने दोनों को गर्म कपड़े भी दिलवाए हैं। कैंट इंस्पेक्टर अवनीश यादव ने बताया कि सरोज के परिजन बुधवार को आ जाएंगे। गंगा बहादुर की मां और बहन ने आने में असमर्थता जताई है। सरोज के पास ही गंगा बहादुर का गांव है इसलिए दोनों को साथ ही भेज दिया जाएगा।
विज्ञापन