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स्कूल की छुट्टी न होती तो चली जाती अंकुर की जान
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भमोरा। भोजपुर के राज बहादुर का तीन साल का बेटा अंकुर गांव के ही मांटेसरी स्कूल में केजी का छात्र है। रविवार को छुट्टी होने के बावजूद वह काफी देर लापता रहा तो घरवालों ने तलाश शुरू कर दी और राम निवास के घर से उसे बरामद कर लिया। घरवालों का कहना है कि अगर स्कूल के रास्ते में अंकुर को अगवा किया गया होता तो उसकी जान जाना तय था।
गांव के कई लोगों के साथ राज बहादुर का कहना है कि रामनिवास अपने घर अक्सर तंत्र क्रियाएं कराता है। मुन्ना लाल उसका गुरु है वह भी यहां आता है। दो दिन से मुन्ना लाल गांव में राम निवास के घर पर ही रुका हुआ था। रविवार को अंकुर स्कूल नहीं गया था। अगर वह स्कूल गया होता और परिवार वाले उसके स्कूल में होने की बात को लेकर बेफ्रिक होते। इससे शायद अंकुर अंध विश्वास की भेंट चढ़ गया होता। गांव के लोग जब राम निवास के घर में घुसे तो मुन्ना लाल यहां तांत्रिक क्रियाओं के सबूत मिटाता हुआ मिला। राज बहादुर का कहना है कि अगर उन लोगों को राम निवास के घर तक पहुंचने में देरी होती तो अंकुर की जान जा सकती थी। हालांकि, गांव में राज बहादुर और राम निवास के बीच पुरानी रंजिश को लेकर भी चर्चाएं हैं। पुलिस भी रंजिश की बात कह रही है। यह भी कहना है कि बच्चे को बलि देने के लिए उठाया गया था या और कोई वजह रही इसकी जांच की जा रही है।
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गांव के कई लोगों के साथ राज बहादुर का कहना है कि रामनिवास अपने घर अक्सर तंत्र क्रियाएं कराता है। मुन्ना लाल उसका गुरु है वह भी यहां आता है। दो दिन से मुन्ना लाल गांव में राम निवास के घर पर ही रुका हुआ था। रविवार को अंकुर स्कूल नहीं गया था। अगर वह स्कूल गया होता और परिवार वाले उसके स्कूल में होने की बात को लेकर बेफ्रिक होते। इससे शायद अंकुर अंध विश्वास की भेंट चढ़ गया होता। गांव के लोग जब राम निवास के घर में घुसे तो मुन्ना लाल यहां तांत्रिक क्रियाओं के सबूत मिटाता हुआ मिला। राज बहादुर का कहना है कि अगर उन लोगों को राम निवास के घर तक पहुंचने में देरी होती तो अंकुर की जान जा सकती थी। हालांकि, गांव में राज बहादुर और राम निवास के बीच पुरानी रंजिश को लेकर भी चर्चाएं हैं। पुलिस भी रंजिश की बात कह रही है। यह भी कहना है कि बच्चे को बलि देने के लिए उठाया गया था या और कोई वजह रही इसकी जांच की जा रही है।
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