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रिपोर्ट दर्ज होने से गुस्साए प्रधानों और सचिवों ने देवरनिया थाना घेरा
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देवरनिया/रिछा। शौचालय निर्माण में किए गए गोलमाल की जांच बंद करने की मांग करते हुए गुरुवार को प्रधानों और सचिवों ने बीडीओ और एडीओ को दमखोदा ब्लॉक में बंधक बना लिया था। अधिकारियों के साथ उन्होंने धक्कामुक्की के साथ मारपीट भी की थी। दोनों ने भागकर खुद को कमरे में बंद कर बचाया था। मामले में बीडीओ की ओर से देवरनिया थाने में दो ग्राम प्रधानों नेतराम गंगवार व अतेंद्र और ग्राम विकास अधिकारी अयोध्या प्रसाद व सीपी सिंह पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। शुक्रवार को प्रधानों ने बीडीओ और एडीओ पर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग करते हुए चार घंटे तक देवरनियां थाने में हंगामा किया। ब्लॉक प्रमुख के पति एवं विधायक के भतीजे भी प्रधानों और सचिवों के पक्ष में उतर आए। बाद में अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर उन्हें जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब प्रधान शांत हुए।
शुक्रवार को पहले तमाम ग्राम प्रधान और सचिव पहले ब्लॉक कार्यालय पहुंचे। प्रधानों के इकट्ठा होने की खबर पर विधायक छत्रपाल सिंह वहां पहुंचे। प्रधानों ने विधायक से बीडीओ और एडीओ (पंचायत) के खराब व्यवहार की शिकायत की। कहा कि दोनों अधिकारी किस तरह सफाई कर्मचारियों से जांच कराकर उनके खिलाफ फर्जी कार्रवाई कर रहे हैं। विधायक ने जांच कराने की बात कही तो वे उनके तबादले की जिद पर अड़ गए। विधायक ने कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद प्रधान इकट्ठा होकर देवरनिया थाने पहुंच गए। बीडीओ बीके कुशवाहा और एडीओ (पंचायत) महेंद्र सिंह के खिलाफ तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग करने लगे। महिला प्रधान ने अश्लील हरकतें करने व जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया। दूसरी तरफ ग्राम विकास अधिकारी सीपी सिंह व अयोध्या प्रसाद ने तहरीर देकर एडीओ महेंद्र सिंह व बीडीओ बीके कुशवाहा पर मारपीट करने का आरोप लगाया। रिपोर्ट दर्ज न होने पर उन्होंने थाने का घेराव कर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर सीओ बहेड़ी और इंस्पेक्टर मौके पर पहुंचे। ब्लॉक प्रमुख पति व विधायक के भतीजे प्रधानों व सचिवों के पक्ष में थाने पहुंच गए। देर रात अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि उनकी तहरीर पर भी कार्रवाई होगी। पहले इस प्रकरण की जांच करा ली जाए। तब जाकर प्रधान और सचिव माने।
प्रधानों से साफ कहा गया है कि बीडीओ और एडीओ की ओर से दर्ज रिपोर्ट में पहले जांच की जाएगी। जो सत्यता होगी उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी, लेकिन किसी भी दशा में अराजकता का माहौल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।- रामानंद राय, सीओ बहेड़ी।
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- अभी तो केवल सिंगौती गांव की जांच में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। यह बहुत बड़ा घोटाला है, चूंकि सचिव और प्रधान के संयुक्त खाते में सीधे शौचालय का धन आता है। इनके अलावा कौन दोषी होगा। बाकी की ग्राम पंचायतों की जब जांच होगी। शौचालय घोटाला का बहुत बड़ा स्कैंडल सामने आएगा। जांच को दबाने के लिए प्रधान व सचिवों द्वारा बेवजह का दबाव बनाया जा रहा है। - ब्रज किशोर कुशवाहा बीडीओ दमखोदा।
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शुक्रवार को पहले तमाम ग्राम प्रधान और सचिव पहले ब्लॉक कार्यालय पहुंचे। प्रधानों के इकट्ठा होने की खबर पर विधायक छत्रपाल सिंह वहां पहुंचे। प्रधानों ने विधायक से बीडीओ और एडीओ (पंचायत) के खराब व्यवहार की शिकायत की। कहा कि दोनों अधिकारी किस तरह सफाई कर्मचारियों से जांच कराकर उनके खिलाफ फर्जी कार्रवाई कर रहे हैं। विधायक ने जांच कराने की बात कही तो वे उनके तबादले की जिद पर अड़ गए। विधायक ने कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद प्रधान इकट्ठा होकर देवरनिया थाने पहुंच गए। बीडीओ बीके कुशवाहा और एडीओ (पंचायत) महेंद्र सिंह के खिलाफ तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग करने लगे। महिला प्रधान ने अश्लील हरकतें करने व जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया। दूसरी तरफ ग्राम विकास अधिकारी सीपी सिंह व अयोध्या प्रसाद ने तहरीर देकर एडीओ महेंद्र सिंह व बीडीओ बीके कुशवाहा पर मारपीट करने का आरोप लगाया। रिपोर्ट दर्ज न होने पर उन्होंने थाने का घेराव कर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर सीओ बहेड़ी और इंस्पेक्टर मौके पर पहुंचे। ब्लॉक प्रमुख पति व विधायक के भतीजे प्रधानों व सचिवों के पक्ष में थाने पहुंच गए। देर रात अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि उनकी तहरीर पर भी कार्रवाई होगी। पहले इस प्रकरण की जांच करा ली जाए। तब जाकर प्रधान और सचिव माने।
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प्रधानों से साफ कहा गया है कि बीडीओ और एडीओ की ओर से दर्ज रिपोर्ट में पहले जांच की जाएगी। जो सत्यता होगी उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी, लेकिन किसी भी दशा में अराजकता का माहौल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।- रामानंद राय, सीओ बहेड़ी।
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- अभी तो केवल सिंगौती गांव की जांच में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। यह बहुत बड़ा घोटाला है, चूंकि सचिव और प्रधान के संयुक्त खाते में सीधे शौचालय का धन आता है। इनके अलावा कौन दोषी होगा। बाकी की ग्राम पंचायतों की जब जांच होगी। शौचालय घोटाला का बहुत बड़ा स्कैंडल सामने आएगा। जांच को दबाने के लिए प्रधान व सचिवों द्वारा बेवजह का दबाव बनाया जा रहा है। - ब्रज किशोर कुशवाहा बीडीओ दमखोदा।