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दम तोड़ गई एसिड अटैक पीड़ित, सैन्यकर्मी पति को नहीं पकड़ सकी पुलिस
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बरेली। छह महीने पहले सैन्यकर्मी पति के हाथों एसिड अटैक की शिकार युवती ने आखिरकार दम तोड़ दिया। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। मौत के बाद शव को देवरनिया ले जाकर पंचनामा भरवाया गया। शनिवार को पोस्टमार्टम होगा। थाना पुलिस छह महीने बाद भी आरोपी सैन्यकर्मी को नहीं पकड़ सकी है, परिवार ने पुलिस पर निष्क्रियता और सेटिंग का आरोप लगाया है।
देवरनिया थाना क्षेत्र निवासी पीड़ित पर छह अप्रैल को उसके पति आकाश ने उस वक्त मग में भरकर तेजाब फेंका था जब वह अपने मायके में दरवाजे पर सुबह झाड़ू लगा रही थी। आकाश का घर भी पास में ही है। चेहरे व शरीर के आधे हिस्से में तेजाब पड़ने के बाद वह बुरी तरह झुलस गई थी। तब आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। शहर के निजी अस्पताल में तभी से उसका इलाज चल रहा था। शुक्रवार सुबह उसकी मौत हो गई। उसकी मां और भाई शव को पहले उसकी ननिहाल नवाबगंज ले गए और वहां पुलिस से पंचनामा भरवाने को कहा। बताया गया कि देवरनिया थाने से ही कार्रवाई होगी तो ये लोग शव को गांव ले गए। वहां पंचनामे के बाद देर शाम शव बरेली लाया गया। शनिवार को पोस्टमार्टम से हकीकत पता लगेगी।
आरोपी का तैनाती स्थल नहीं जानते इंस्पेक्टर
छह महीने से युवती की मां थाने और अफसरों के दफ्तरों का चक्कर लगाकर दोषी सैन्यकर्मी की गिरफ्तारी कराने में लगी थीं पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। पुलिस ने भी उसके तैनाती स्थल का पता नहीं लगाया। घर से उसके लापता होने की बात कहकर कुर्की जैसी कार्रवाई की तैयारी की जा रही थी। निष्क्रियता यहां तक थी कि युवती की मौत के बाद भी इंस्पेक्टर देवरनिया को आकाश का तैनाती स्थल मालूम नहीं था। उन्होंने कहा कि जानकारी करके बताएंगे।
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अफसरों ने किया बचाव
एसपी देहात डॉ. संसार सिंह का कहना था काफी मशक्कत के बाद पता लगा था कि आकाश पुलगावां के सेंट्रल एम्यूनेशन डिपो में तैनात है। इसी 18 सितंबर को पुलिस ने वहां उसकी गिरफ्तारी के संबंध में चिट्ठी भेजी है। अब दहेज हत्या की धारा भी बढ़ा दी गई है। गिरफ्तारी में लापरवाही हुई है तो दोषी स्टाफ पर कार्रवाई करेंगे।
सामूहिक दुष्कर्म के केस में समझौते के बाद की थी शादी
युवती की मां के मुताबिक सैन्यकर्मी आकाश और उसके दो दोस्तों ने उनकी बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। मामले में रिपोर्ट कराई गई तो आकाश पक्ष ने समझौते का दबाव बनाया। आकाश से शादी करने का फैसला पंचायत ने किया तो बेटी ने भी मान लिया। इसके बाद हिंदू रीतिरिवाज से शादी की गई। चूंकि उनकी बेटी बिना दहेज ससुराल गई थी, इसलिए ससुराली उसे पसंद नहीं करते थे। वे कहते थे कि बेटा सेना में है, उसकी अच्छी शादी होती और खूब दहेज मिलता। तब कुछ महीने बाद ही आकाश ने उनकी बेटी को घर से निकाल दिया। बेटी ने आकाश के खिलाफ फिर से लिखापढ़ी शुरू की तो वह नाराज हो गया। इसी से गुस्साए आकाश ने उनकी बेटी पर तेजाब डाल दिया।
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देवरनिया थाना क्षेत्र निवासी पीड़ित पर छह अप्रैल को उसके पति आकाश ने उस वक्त मग में भरकर तेजाब फेंका था जब वह अपने मायके में दरवाजे पर सुबह झाड़ू लगा रही थी। आकाश का घर भी पास में ही है। चेहरे व शरीर के आधे हिस्से में तेजाब पड़ने के बाद वह बुरी तरह झुलस गई थी। तब आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। शहर के निजी अस्पताल में तभी से उसका इलाज चल रहा था। शुक्रवार सुबह उसकी मौत हो गई। उसकी मां और भाई शव को पहले उसकी ननिहाल नवाबगंज ले गए और वहां पुलिस से पंचनामा भरवाने को कहा। बताया गया कि देवरनिया थाने से ही कार्रवाई होगी तो ये लोग शव को गांव ले गए। वहां पंचनामे के बाद देर शाम शव बरेली लाया गया। शनिवार को पोस्टमार्टम से हकीकत पता लगेगी।
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आरोपी का तैनाती स्थल नहीं जानते इंस्पेक्टर
छह महीने से युवती की मां थाने और अफसरों के दफ्तरों का चक्कर लगाकर दोषी सैन्यकर्मी की गिरफ्तारी कराने में लगी थीं पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। पुलिस ने भी उसके तैनाती स्थल का पता नहीं लगाया। घर से उसके लापता होने की बात कहकर कुर्की जैसी कार्रवाई की तैयारी की जा रही थी। निष्क्रियता यहां तक थी कि युवती की मौत के बाद भी इंस्पेक्टर देवरनिया को आकाश का तैनाती स्थल मालूम नहीं था। उन्होंने कहा कि जानकारी करके बताएंगे।
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अफसरों ने किया बचाव
एसपी देहात डॉ. संसार सिंह का कहना था काफी मशक्कत के बाद पता लगा था कि आकाश पुलगावां के सेंट्रल एम्यूनेशन डिपो में तैनात है। इसी 18 सितंबर को पुलिस ने वहां उसकी गिरफ्तारी के संबंध में चिट्ठी भेजी है। अब दहेज हत्या की धारा भी बढ़ा दी गई है। गिरफ्तारी में लापरवाही हुई है तो दोषी स्टाफ पर कार्रवाई करेंगे।
सामूहिक दुष्कर्म के केस में समझौते के बाद की थी शादी
युवती की मां के मुताबिक सैन्यकर्मी आकाश और उसके दो दोस्तों ने उनकी बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। मामले में रिपोर्ट कराई गई तो आकाश पक्ष ने समझौते का दबाव बनाया। आकाश से शादी करने का फैसला पंचायत ने किया तो बेटी ने भी मान लिया। इसके बाद हिंदू रीतिरिवाज से शादी की गई। चूंकि उनकी बेटी बिना दहेज ससुराल गई थी, इसलिए ससुराली उसे पसंद नहीं करते थे। वे कहते थे कि बेटा सेना में है, उसकी अच्छी शादी होती और खूब दहेज मिलता। तब कुछ महीने बाद ही आकाश ने उनकी बेटी को घर से निकाल दिया। बेटी ने आकाश के खिलाफ फिर से लिखापढ़ी शुरू की तो वह नाराज हो गया। इसी से गुस्साए आकाश ने उनकी बेटी पर तेजाब डाल दिया।